बिज़नेस – Shreeji News https://shreejinews.in Portal Mon, 13 Apr 2026 05:06:54 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.4 https://shreejinews.in/wp-content/uploads/2022/12/fav.png बिज़नेस – Shreeji News https://shreejinews.in 32 32 वैश्विक अनिश्चितता से बाजार में हड़कंप, बैंकिंग शेयरों में भारी गिरावट https://shreejinews.in/global-uncertainty-rocks-market-banking-stocks-witness-sharp-decline/ Mon, 13 Apr 2026 05:06:54 +0000 https://shreejinews.in/?p=29555

Geopolitical Tension: अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच शांति वार्ता के विफल होने का असर भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखाई दिया। सोमवार को शुरुआती कारोबार में ही बाजार में भारी बिकवाली देखी गई, जिससे सेंसेक्स लगभग 1,600 अंकों तक टूट गया, जबकि निफ्टी 23,600 के अहम स्तर से नीचे फिसल गया।

कारोबार की शुरुआत में ही निवेशकों में घबराहट का माहौल बन गया, जिसका असर लगभग सभी सेक्टर्स पर देखने को मिला। खासकर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, बैंकिंग, वित्तीय और तेल-गैस शेयरों में तेज गिरावट दर्ज की गई। वहीं, फार्मा और हेल्थकेयर जैसे डिफेंसिव सेक्टर अपेक्षाकृत स्थिर रहे।

इस बीच बाजार की अस्थिरता को मापने वाला इंडेक्स भारतीय VIX 13% से ज्यादा उछलकर 21 के पार पहुंच गया, जो बढ़ते जोखिम को दर्शाता है। साथ ही रुपये में भी कमजोरी आई और यह डॉलर के मुकाबले गिरकर 93.32 के स्तर पर पहुंच गया।

वैश्विक तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में भी उछाल आया है, जहां ब्रेंट क्रूड 103 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। इससे महंगाई और आर्थिक दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह पूरा घटनाक्रम आने वाले समय में और अधिक उतार-चढ़ाव ला सकता है। ऐसे में निवेशकों को सतर्क रहने और जल्दबाजी में फैसले लेने से बचने की सलाह दी जा रही है।

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NHAI का बड़ा फैसला: टोल भुगतान पूरी तरह डिजिटल, GPS और ANPR सिस्टम भी जल्द लागू https://shreejinews.in/nhais-major-decision-toll-payments-to-become-fully-digital-gps-and-anpr-systems-to-be-implemented-soon/ Mon, 06 Apr 2026 08:26:17 +0000 https://shreejinews.in/?p=29352

Toll Changes From 10th April: भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी NHAI और Ministry of Road Transport and Highways ने टोल प्लाजा पर भुगतान को लेकर बड़ा बदलाव करने का फैसला लिया है। नए नियम के तहत अब नेशनल हाईवे पर टोल टैक्स का भुगतान पूरी तरह डिजिटल किया जाएगा और कैश से भुगतान की सुविधा बंद कर दी जाएगी।

यह नया नियम 10 अप्रैल 2026 से पूरे देश में लागू किया जाएगा। इस फैसले का मुख्य उद्देश्य टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी कतारों को खत्म करना और ट्रैफिक को सुचारू बनाना है।

अब वाहन चालकों को टोल भुगतान के लिए FASTag का इस्तेमाल करना अनिवार्य होगा। FASTag में लगी RFID तकनीक के जरिए जैसे ही वाहन टोल लेन से गुजरता है, उससे जुड़े वॉलेट या बैंक खाते से अपने आप टोल शुल्क कट जाता है।

सरकार आने वाले समय में टोल कलेक्शन को और आधुनिक बनाने के लिए GPS आधारित और ANPR (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन) सिस्टम भी लागू करने की तैयारी में है। इस तकनीक के जरिए वाहन की नंबर प्लेट स्कैन कर दूरी के हिसाब से टोल शुल्क स्वतः काट लिया जाएगा, जिससे टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी।

नई व्यवस्था लागू होने के बाद फर्जी छूट या गलत तरीके से टोल बचाने की कोशिशों पर भी रोक लगेगी। हालांकि, जिन वाहनों को टोल में छूट प्राप्त है, उनके लिए Exempted FASTag की व्यवस्था जारी रहेगी।

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ओला इलेक्ट्रिक को झटका: खराब स्कूटर पर ग्राहक के पक्ष में कंज्यूमर कोर्ट का बड़ा फैसला https://shreejinews.in/setback-for-ola-electric-consumer-court-delivers-major-verdict-in-favor-of-customer-over-faulty-scooter/ Mon, 30 Mar 2026 09:46:01 +0000 https://shreejinews.in/?p=29106

Ola Scooter Case India: ठाणे के जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने ओला इलेक्ट्रिक के खिलाफ एक अहम फैसला सुनाते हुए कंपनी की सर्विस पर कड़ी टिप्पणी की है। आयोग ने इसे गंभीर सेवा कमी और अनुचित व्यापारिक व्यवहार मानते हुए कंपनी को ग्राहक को राहत देने का निर्देश दिया है।

मामला नवी मुंबई के एक वकील से जुड़ा है, जिन्होंने जुलाई 2024 में करीब 96,997 रुपये खर्च कर ओला का इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदा था। हालांकि, खरीद के कुछ ही दिनों के भीतर स्कूटर में तकनीकी खामियां सामने आने लगीं। पहली लंबी यात्रा के दौरान ही स्कूटर की स्पीड में दिक्कत आई और वह कई बार चलते-चलते बंद हो गया।

स्थिति तब और गंभीर हो गई जब अगस्त 2024 में सफर के दौरान स्कूटर की बैटरी अचानक तेजी से गिर गई और वाहन बीच सड़क पर रुक गया। ग्राहक ने इसे बेहद खतरनाक बताते हुए कंपनी से कई बार संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला।

लंबे समय तक शिकायतों के बावजूद समाधान न मिलने पर ग्राहक को सोशल मीडिया का सहारा लेना पड़ा। इसके बाद कंपनी ने स्कूटर को सर्विस के लिए लिया, लेकिन सर्विस प्रक्रिया में भी कई अनियमितताएं सामने आईं। स्कूटर महीनों तक वापस नहीं किया गया और जब लौटाया गया, तो उसकी हालत भी खराब पाई गई।

सुनवाई के दौरान ओला की ओर से कोई प्रतिनिधि पेश नहीं हुआ, जिसके बाद आयोग ने एकतरफा फैसला सुनाया। कोर्ट ने निर्देश दिया कि कंपनी ग्राहक को उसी मॉडल का नया स्कूटर दे। यदि ऐसा संभव न हो तो ग्राहक को पूरी राशि 6% वार्षिक ब्याज के साथ वापस की जाए।

इसके अलावा, मानसिक तनाव के लिए 20,000 रुपये और कानूनी खर्च के रूप में 15,000 रुपये अतिरिक्त भुगतान करने का भी आदेश दिया गया है। यह फैसला उपभोक्ताओं के अधिकारों की सुरक्षा के लिहाज से एक महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है।

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13 साल से कम उम्र के यूजर्स पर माता-पिता रख सकेंगे नजर, WhatsApp करेगा नया सिस्टम लॉन्च https://shreejinews.in/whatsapp-will-launch-a-new-system-that-will-allow-parents-to-monitor-users-under-the-age-of-13/ Thu, 12 Mar 2026 05:16:00 +0000 https://shreejinews.in/?p=28500

WhatsApp New Feature For Kids: लोकप्रिय मैसेजिंग ऐप WhatsApp जल्द ही बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एक नया फीचर पेश करने की तैयारी में है। रिपोर्ट्स के अनुसार कंपनी “पैरेंट मैनेज्ड अकाउंट” नाम से एक खास सुविधा पर काम कर रही है, जिसका मकसद कम उम्र के यूजर्स के लिए प्लेटफॉर्म को ज्यादा सुरक्षित बनाना है।

बताया जा रहा है कि यह फीचर मुख्य रूप से 13 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए डिजाइन किया जा रहा है। इस सिस्टम के तहत बच्चे का व्हाट्सएप अकाउंट उसके माता-पिता के अकाउंट से लिंक रहेगा, जिससे पैरेंट्स बच्चों की गतिविधियों पर निगरानी रख सकेंगे।

नए फीचर के जरिए माता-पिता को कई तरह के कंट्रोल मिलेंगे। वे यह तय कर पाएंगे कि बच्चे को कौन-कौन मैसेज भेज सकता है, किन लोगों को कॉन्टैक्ट लिस्ट में शामिल किया जा सकता है और बच्चे को किन ग्रुप्स में जोड़ा जा सकता है। इससे अनजान लोगों से संपर्क का खतरा कम किया जा सकेगा और बच्चों के लिए सुरक्षित डिजिटल माहौल तैयार होगा।

इसके साथ ही बच्चों के अकाउंट पर कुछ फीचर्स सीमित रखे जाएंगे। रिपोर्ट्स के मुताबिक बच्चों को स्टेटस अपडेट, चैनल्स और Meta AI जैसे एडवांस फीचर्स इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं होगी।

सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए संदिग्ध मैसेज से जुड़ा कंट्रोल भी दिया जा सकता है। यदि किसी अज्ञात या संदिग्ध यूजर से मैसेज आता है तो उसे अलग फोल्डर में भेज दिया जाएगा। माता-पिता इन मैसेज को देख सकेंगे और जरूरत पड़ने पर उस यूजर को ब्लॉक भी कर सकेंगे।

दरअसल आजकल कम उम्र के बच्चे भी तेजी से स्मार्टफोन और इंटरनेट का इस्तेमाल करने लगे हैं, जिससे उनकी ऑनलाइन सुरक्षा एक बड़ी चिंता बन गई है। ऐसे में कंपनी का यह कदम माता-पिता को भरोसा देने की कोशिश माना जा रहा है कि उनके बच्चे ऐप का इस्तेमाल सुरक्षित तरीके से कर सकेंगे।

रिपोर्ट्स के अनुसार कंपनी इस फीचर को चरणबद्ध तरीके से लॉन्च करेगी और आने वाले समय में इसे अलग-अलग देशों में उपलब्ध कराया जा सकता है।

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UMANG ऐप में जुड़ा ‘मेरा राशन’ फीचर, अब मोबाइल से ही मिलेंगी राशन कार्ड से जुड़ी सभी जानकारी https://shreejinews.in/the-mera-ration-feature-has-been-added-to-the-umang-app-allowing-you-to-access-all-information-related-to-your-ration-card-through-your-mobile-phone/ Mon, 09 Mar 2026 07:19:17 +0000 https://shreejinews.in/?p=28394

Umang App New Feature: भारत सरकार सरकारी सेवाओं को ज्यादा डिजिटल और सुविधाजनक बनाने के लिए लगातार नए कदम उठा रही है। इसी दिशा में अब लोकप्रिय सरकारी मोबाइल ऐप UMANG App में ‘मेरा राशन’ फीचर को जोड़ दिया गया है। इस नई सुविधा से राशन कार्ड धारकों को बड़ी राहत मिलेगी, क्योंकि अब उन्हें छोटी-छोटी जानकारी के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। राशन कार्ड से जुड़ी लगभग सभी जानकारी अब मोबाइल फोन पर ही उपलब्ध होगी।

क्या है ‘मेरा राशन’ फीचर

UMANG ऐप में जोड़ा गया यह फीचर राशन कार्ड धारकों को घर बैठे कई महत्वपूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराता है। इसके जरिए उपयोगकर्ता अपने आसपास मौजूद सरकारी राशन दुकानों की लोकेशन देख सकते हैं। साथ ही, राशन कार्ड नंबर दर्ज करके यह भी पता लगाया जा सकता है कि कोटे के तहत कितना गेहूं, चावल या अन्य खाद्यान्न मिलने का अधिकार है।

इसके अलावा, ऐप में राशन की पुरानी हिस्ट्री भी देखी जा सकती है। यानी उपयोगकर्ता आसानी से यह जान सकते हैं कि पिछले महीनों में उन्होंने कब और कितनी मात्रा में राशन लिया था।

ऐसे करें ‘मेरा राशन’ फीचर का उपयोग

इस सुविधा का इस्तेमाल करना काफी आसान है।

सबसे पहले अपने मोबाइल में UMANG ऐप को गूगल प्ले स्टोर या एप्पल ऐप स्टोर से डाउनलोड करें।

मोबाइल नंबर से रजिस्ट्रेशन करें और 4 अंकों का MPIN सेट करें।

लॉग-इन करने के बाद सर्च बॉक्स में “मेरा राशन” टाइप करें।

यहां राशन कार्ड से जुड़ी कई सेवाएं दिखाई देंगी।

राशन कार्ड नंबर या आधार की मदद से अपनी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

यूजर्स को मिलेंगे कई फायदे

यह फीचर खासतौर पर प्रवासी मजदूरों के लिए काफी फायदेमंद माना जा रहा है। सरकार की One Nation One Ration Card योजना के तहत अब लोग दूसरे राज्य में रहते हुए भी आसानी से यह पता कर सकते हैं कि उन्हें किस दुकान से राशन मिलेगा।

इसके अलावा, यह सुविधा राशन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने में भी मदद करेगी। अब उपभोक्ता ऐप के जरिए राशन की उपलब्धता और अपने कोटे की जानकारी खुद देख सकेंगे। राशन लेने के बाद बायोमेट्रिक सत्यापन होने पर उपभोक्ता के मोबाइल पर तुरंत SMS भी भेजा जाएगा, जिससे धोखाधड़ी की संभावना कम होगी।

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सोना-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव, बाजार में अस्थिरता https://shreejinews.in/gold-and-silver-prices-fluctuate-market-instability/ Wed, 25 Feb 2026 05:35:21 +0000 https://shreejinews.in/?p=28088

नई दिल्ली। वैश्विक आर्थिक संकेतों और सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग के बीच सोने-चांदी की कीमतों में बुधवार को जोरदार उतार-चढ़ाव देखने को मिला। घरेलू सर्राफा बाजार में चांदी की कीमत 6,600 रुपये की तेजी के साथ 2.67 लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई। वहीं सोना 690 रुपये चढ़कर 1.61 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बंद हुआ।

हालांकि, मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर रुझान अलग रहा। यहां चांदी 3,764 रुपये की गिरावट के साथ 2.61 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई, जबकि सोना 1,590 रुपये फिसलकर 1.60 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। इससे स्पष्ट है कि स्पॉट और वायदा बाजार में निवेशकों की रणनीति अलग-अलग बनी हुई है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार का रुख

ग्लोबल मार्केट में भी कीमती धातुओं में मजबूती दर्ज की गई। स्पॉट गोल्ड करीब 0.48% की बढ़त के साथ 5,202 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा। वहीं स्पॉट सिल्वर लगभग 0.96% चढ़कर 88.25 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर पहुंच गया। इससे पहले दोनों धातुओं में चार दिनों की तेजी के बाद करीब 1.6% तक की गिरावट आई थी।

क्या कह रहे हैं विशेषज्ञ?

बाजार विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों में तत्काल कटौती की संभावना कम होने से बाजार में अस्थिरता बनी हुई है। बोस्टन फेड की अध्यक्ष सुसान कॉलिन्स ने संकेत दिया है कि मजबूत श्रम बाजार के चलते ब्याज दरें फिलहाल स्थिर रह सकती हैं।

जनवरी बैठक के मिनट्स से भी स्पष्ट हुआ है कि फेड अधिकारी दरों में जल्दबाजी में कटौती के पक्ष में नहीं हैं। ऊंची ब्याज दरें आमतौर पर सोना-चांदी जैसे गैर-ब्याज वाले निवेश साधनों की मांग को सीमित करती हैं, लेकिन भू-राजनीतिक जोखिम इन पर समर्थन बनाए हुए हैं।

 टैरिफ और वैश्विक तनाव का असर

अमेरिका में टैरिफ नीतियों को लेकर असमंजस और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने सुरक्षित निवेश की मांग को मजबूती दी है। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा व्यापार समझौतों को लेकर सख्त रुख की चेतावनी के बाद बाजार में अनिश्चितता बढ़ी है।

वहीं अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा आपातकालीन टैरिफ को खारिज किए जाने के बाद लॉजिस्टिक्स कंपनी फेडएक्स ने रिफंड की मांग को लेकर मुकदमा दायर किया है। इसके समानांतर कुछ वस्तुओं पर 10% नया टैरिफ लागू किए जाने से वैश्विक व्यापार और कमोडिटी बाजार पर दबाव बरकरार है।

आगे की दिशा

विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक ब्याज दरों और वैश्विक व्यापार नीति को लेकर स्पष्ट संकेत नहीं मिलते, तब तक सोने-चांदी में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। अल्पकाल में सुरक्षित निवेश की मांग कीमतों को सहारा दे सकती है, जबकि मजबूत डॉलर और ऊंची दरें दबाव बना सकती हैं।

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भारत मंडपम में शुरू हुआ ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’, 100+ देशों की भागीदारी और दिग्गज टेक लीडर्स एक मंच पर https://shreejinews.in/india-ai-impact-summit-2026-begins-at-bharat-mandapam-brings-together-100-countries-and-leading-tech-leaders/ Mon, 16 Feb 2026 06:43:01 +0000 https://shreejinews.in/?p=27772

AI Impact Summit 2026: भारत की राजधानी नई दिल्ली में 16 से 20 फरवरी तक ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ का भव्य आयोजन भारत मंडपम में शुरू हो गया है। इस पांच दिवसीय समिट के साथ आयोजित ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो 2026’ में दुनिया भर की कंपनियां अपने सबसे नए AI प्रोडक्ट्स, नवाचार और तकनीकी समाधान प्रदर्शित कर रही हैं।
इस पूरे आयोजन का उद्देश्य यह दिखाना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, ऊर्जा और जनसेवा के क्षेत्रों में कैसे बड़े पैमाने पर बदलाव ला सकता है और आम लोगों का जीवन आसान बना सकता है।

आम जनता के लिए क्या है खास?

1. विशाल AI एक्सपो

करीब 70,000 वर्गमीटर क्षेत्र में फैले एक्सपो में 30+ देशों की 300 से अधिक कंपनियां मौजूद हैं। विज़िटर्स यहां लाइव डेमो के माध्यम से समझ सकेंगे कि AI वास्तविक जीवन में कैसे उपयोग होता है।

2. युवाओं के लिए विशेष पहल

छात्रों को ध्यान में रखते हुए ‘YUVAi’ और ‘AI for ALL’ जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनके जरिए युवाओं को AI स्किल्स और करियर अवसरों के बारे में बताया जाएगा।

3. रोज़मर्रा की समस्याओं का समाधान

एक्सपो में ऐसे AI सिस्टम प्रदर्शित किए जा रहे हैं जो फसलों की बीमारियां पहचानने,
हॉस्पिटल मैनेजमेंट को बेहतर बनाने, और
भाषा अनुवाद को आसान करने की क्षमता रखते हैं।

4. स्टार्टअप्स से सीधी मुलाकात

भारत और दुनिया के AI स्टार्टअप्स अपने इनोवेशन पेश कर रहे हैं जहां आम लोग टेक फाउंडर्स से जुड़कर भविष्य की तकनीक को समझ सकेंगे।

5. एक्सपीरियंस जोन

थीमैटिक पवेलियंस में लोग स्मार्ट हेल्थ मॉनिटरिंग, AI ट्यूटर्स, और अन्य इंटरैक्टिव टूल्स को खुद टेस्ट कर सकेंगे।

100+ देशों की भागीदारी, शीर्ष नेता और उद्योग जगत की मौजूदगी

समिट में 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों के आने की उम्मीद है। कई देशों के राष्ट्रपति, मंत्री और नीति-निर्माता शामिल होंगे।
टेक जगत की प्रमुख हस्तियां — सुंदर पिचाई, सैम ऑल्टमैन और बिल गेट्स — भी इसमें भाग ले सकती हैं।
भारतीय उद्योग जगत से मुकेश अंबानी, एन. चंद्रशेखरन, नंदन नीलेकणि, सुनिल भारती मित्तल, के. कृतिवासन और रोशनी नादर मल्होत्रा की उपस्थिति भी तय है।

 पाँच दिनों का पूरा शेड्यूल

16 फरवरी

  • नीति-निर्माताओं और विशेषज्ञों के बीच राउंडटेबल चर्चाएं

  • शाम 5 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा एक्सपो का उद्घाटन

  • 17 फरवरी

  • कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, ऊर्जा, जेंडर समानता और दिव्यांग सशक्तिकरण पर आधारित 6 AI रिसर्च बुक्स लॉन्च

  • 18 फरवरी

  • विश्व के शीर्ष वैज्ञानिक नए AI मॉडल्स और रिसर्च पेश करेंगे

  • कंपनियों के लाइव टेक डेमो

  • 19 फरवरी

  • पीएम मोदी का संबोधन

  • 100+ ग्लोबल लीडर्स के साथ हाई-लेवल मीटिंग, AI निवेश पर महत्वपूर्ण निर्णय की संभावना

  • 20 फरवरी

  • GPAI काउंसिल की बैठक

  • सुरक्षित, जिम्मेदार और विश्वसनीय AI पर चर्चा

  • समिट की थीम: 7 चक्र और 3 सूत्र
  • सात फोकस क्षेत्र
  • मानव संसाधन

  • सामाजिक सशक्तिकरण

  • सुरक्षित और भरोसेमंद AI

  • इनोवेशन

  • विज्ञान

  • AI संसाधनों का लोकतांत्रिकरण

  • आर्थिक विकास

  • तीन मुख्य स्तंभ

  • People: मानव प्रगति और सांस्कृतिक विविधता

  • Planet: जिम्मेदार नवाचार

  • Progress: सबके लिए समान विकास के अवसर

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भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से शेयर बाजार में बंपर उछाल, सेंसेक्स 3600 अंक उछला https://shreejinews.in/the-india-us-trade-agreement-triggered-a-massive-surge-in-the-stock-market-with-the-sensex-jumping-3600-points/ Tue, 03 Feb 2026 05:51:51 +0000 https://shreejinews.in/?p=27333

India-US trade agreement: भारत और अमेरिका के बीच सोमवार रात घोषित व्यापार समझौते का असर मंगलवार को शेयर बाजार में साफ तौर पर देखने को मिला। आम बजट के दिन (1 फरवरी) आई भारी गिरावट के बाद बाजार ने जोरदार रिकवरी दर्ज की। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में रिकॉर्ड तेजी देखने को मिली, जिससे निवेशकों का भरोसा लौटता नजर आया।

बुधवार को शुरुआती कारोबार में ही बाजार में जबरदस्त उछाल आया। सेंसेक्स 3,656 अंक की छलांग लगाकर 85,323 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 1,219 अंक चढ़कर 26,308 पर कारोबार करता दिखा। कारोबार शुरू होने के करीब डेढ़ घंटे बाद सुबह 11 बजे तक भी तेजी का माहौल बना रहा। बीएसई और एनएसई में सूचीबद्ध अधिकांश शेयर हरे निशान में कारोबार करते नजर आए।

अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौते और 18 फीसदी टैरिफ में कटौती का सबसे ज्यादा असर दिग्गज शेयरों पर दिखा। रिलायंस, अडानी समूह और अन्य बड़ी कंपनियों के शेयरों में मजबूत खरीदारी देखी गई। अडानी पोर्ट्स के शेयर में करीब 7 फीसदी तक की तेजी आई, जबकि रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर लगभग 4 फीसदी चढ़ा।

इससे पहले सोमवार को भी बाजार ने बजट के झटके से उबरते हुए मजबूती दिखाई थी। बीएसई सेंसेक्स 943 अंक की बढ़त के साथ 81,666 पर बंद हुआ, वहीं एनएसई निफ्टी 262 अंक चढ़कर 25,088 के स्तर पर बंद हुआ था। बैंकिंग, ऑटो और तेल-गैस सेक्टर के शेयरों में खरीदारी ने बाजार को सहारा दिया।

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RBI ने घटाई रेपो रेट: होम और ऑटो लोन की EMI में मिलेगी राहत https://shreejinews.in/rbi-reduces-repo-rate-relief-in-emi-of-home-and-auto-loans/ Fri, 05 Dec 2025 05:23:05 +0000 https://shreejinews.in/?p=25294

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने शुक्रवार को मौद्रिक नीति समीक्षा के बाद उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए ब्याज दरों में कटौती की घोषणा कर दी। लगातार कमजोर पड़ती महंगाई और संतुलित आर्थिक हालात को देखते हुए केंद्रीय बैंक ने रेपो रेट में 0.25% की कमी करते हुए इसे 5.25% पर ला दिया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब कई परिवार बढ़ती EMI से दबाव महसूस कर रहे थे।

RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने 3 से 5 दिसंबर तक देश-विदेश की आर्थिक परिस्थितियों, मांग की स्थिति और महंगाई में गिरावट का विस्तृत अध्ययन किया। उन्होंने कहा कि दूसरी तिमाही में GDP ग्रोथ 8.2% दर्ज की गई है और अक्टूबर 2025 में खुदरा महंगाई ऐतिहासिक रूप से नीचे आकर 0.25% पर पहुंच चुकी है। ऐसे में ब्याज दरों में कटौती का यह समय अनुकूल माना गया।

रेपो रेट में कमी का सीधा फायदा अब उपभोक्ताओं को मिलने की उम्मीद है। बैंकों के लिए RBI से कम ब्याज पर धन उपलब्ध होगा, जिससे होम लोन, ऑटो लोन और पर्सनल लोन की EMI में कमी आने की संभावना बढ़ गई है। त्योहारी सीजन के बाद यह कदम आम जनता की जेब पर बोझ हल्का कर सकता है।

इसके अलावा, RBI ने बाजार में धन की उपलब्धता बढ़ाने हेतु कई और फैसले लिए हैं, जिनमें शामिल हैं—

  • STF (Standing Deposit Facility) रेट को घटाकर 5% करना

  • MSF और बैंकर रेट को 5.5% पर लाना

  • 1 लाख करोड़ रुपये मूल्य के सरकारी बॉन्ड की OMO खरीद

  • तीन वर्ष के लिए 5 अरब डॉलर की डॉलर-रुपया बाय-सेल स्वैप व्यवस्था

इन उपायों का उद्देश्य वित्तीय प्रणाली में तरलता मजबूत करना और आर्थिक विकास की गति को बनाए रखना है।

MPC ने नीति रुख (Policy Stance) को न्यूट्रल ही रखा है, जिसका अर्थ है कि आने वाले समय में RBI विकास और महंगाई—दोनों के बीच संतुलन को प्राथमिकता देगा।

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एफपीआई की भारतीय बाजार में वापसी, एक हफ्ते में 1,751 करोड़ रुपये का निवेश https://shreejinews.in/fpis-return-to-indian-markets-investing-rs-1751-crore-in-a-week/ Sat, 11 Oct 2025 09:19:57 +0000 https://shreejinews.in/?p=23320

नई दिल्ली। पिछले कुछ महीनों की लगातार बिकवाली के बाद विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (एफपीआई) एक बार फिर भारतीय शेयर बाजारों की ओर लौट आए हैं। 6 से 10 अक्टूबर 2025 के सप्ताह के दौरान एफपीआई ने कुल 1,751 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया, जिससे बाजार में सकारात्मक माहौल बना है। यह जानकारी नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (NSDL) द्वारा साझा की गई है।

बिकवाली से निवेश की ओर पलटी रणनीति

रेलिगेयर ब्रोकिंग के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (रिसर्च) अजीत मिश्रा के अनुसार, सप्ताह की शुरुआत में एफपीआई ने दो सत्रों में क्रमशः 1,584 करोड़ और 1,471 करोड़ रुपये की बिकवाली की। लेकिन उसके बाद के तीन कारोबारी दिनों में निवेशकों ने 1,663 करोड़, 738 करोड़, और 2,406 करोड़ रुपये का निवेश किया। इस बदलाव को वैश्विक वित्तीय स्थिरता और भारत की मजबूत आर्थिक स्थिति से जोड़ा जा रहा है।

“विदेशी निवेशकों की धारणा में यह सकारात्मक बदलाव घरेलू बाजार की मजबूती और वैश्विक संकेतों के बेहतर होने का नतीजा है,” — अजीत मिश्रा, रेलिगेयर ब्रोकिंग

अक्टूबर में बिकवाली में आई कमी

एनएसडीएल के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, अक्टूबर 2025 की शुरुआत में एफपीआई की बिकवाली अब घटकर 2,091 करोड़ रुपये रह गई है, जबकि सितंबर में 23,885 करोड़ रुपये की भारी निकासी दर्ज की गई थी। 2025 में अब तक एफपीआई द्वारा कुल 1.56 लाख करोड़ रुपये की निकासी हुई है, जिसमें जनवरी सबसे खराब महीना रहा — इस दौरान 78,000 करोड़ रुपये से अधिक की निकासी की गई।

मजबूत आय और स्थिरता से मिल सकता है सहारा

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में एफपीआई की यह वापसी तब तक कायम रह सकती है जब तक:

कॉर्पोरेट कंपनियों की आय बेहतर बनी रहती है,

वैश्विक जोखिम उठाने की भावना स्थिर बनी रहे, और

आर्थिक नीतियां स्पष्ट और समर्थक बनी रहें।

चुनौतियां अब भी बरकरार

हालांकि, निवेशकों को सतर्क रहना होगा क्योंकि अमेरिका-चीन व्यापार तनाव, ट्रंप प्रशासन द्वारा घोषित नए टैरिफ, और भारतीय बाजार का ऊंचा वैल्यूएशन विदेशी निवेश के प्रवाह को प्रभावित कर सकते हैं।

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