Shreeji News https://shreejinews.in Wed, 22 Jul 2026 12:06:27 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0.2 ‘‘मुख्यमंत्री ने किया ‘सेवा विधि‘ पुस्तक का विमोचन‘‘ https://shreejinews.in/chief-minister-releases-the-book-seva-vidhi/ Wed, 22 Jul 2026 12:06:27 +0000 https://shreejinews.in/?p=32339

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मुख्यमंत्री आवास में पूर्व अपर सचिव आर.सी. लोहनी द्वारा लिखित पुस्तक ‘सेवा विधि‘ का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने पुस्तक को अत्यन्त उपयोगी बताते हुए इस प्रयास के लिए श्री लोहनी के प्रयासों की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी सेवा में नियुक्त प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी का कर्तव्य होता है कि वह सत्यनिष्ठा, पारदर्शिता और पूरे समर्पण के साथ राज्य के विकास में अपनी सहभागिता निभाए। किन्तु किसी भी व्यवस्था को सुचारू, सरल और त्वरित रूप से चलाने के लिए नियमों और प्रक्रियाओं की सही जानकारी होना अनिवार्य है। उत्तराखंड राज्य बनने के बाद अब तक ऐसी कोई पुस्तक उपलब्ध नहीं थी, जिसमें सरकारी सेवा से जुड़े नियम, संवैधानिक प्रावधान, शासनादेश और माननीय न्यायालयों के महत्वपूर्ण निर्णय एक ही स्थान पर सरल और व्यवस्थित रूप में मिल सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मात्र एक पुस्तक नहीं है, बल्कि हमारे प्रदेश के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए एक व्यवहारिक मार्गदर्शिका है, जो उन्हें अपने सेवाकाल में हर कदम पर सही दिशा और आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान करने का काम करेगी। सरकारी नौकरी को सेवा इसलिए कहा जाता है क्योंकि जब कोई व्यक्ति सरकार के प्रतिनिधि के रूप में कार्य करता है, तो उसका हर निर्णय सीधे तौर पर समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति के जीवन को प्रभावित करता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब कोई अधिकारी या कर्मचारी किसी नागरिक की समस्या का समाधान करता है, किसी गरीब को उसका अधिकार दिलाता है, किसी किसान, महिला, युवा या बुजुर्ग तक सरकारी योजना का लाभ पहुँचाता है, तब वो वास्तव में राष्ट्रसेवा ही कर रहा होता है। इसीलिए एक लोकसेवक के लिए केवल ईमानदारी ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि नियमों, कानूनों और प्रक्रियाओं की गहरी समझ भी उतनी ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक अधिकारियों और कर्मचारियों को उनके अधिकारों, कर्तव्यों, सेवा नियमों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं की स्पष्ट समझ प्रदान करेगी, जिससे वे अधिक आत्मविश्वास और दक्षता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में आज उत्तराखंड तेजी से विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। हमारी सरकार सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए कार्य कर रही है। हमने शासन व्यवस्था में तकनीक का व्यापक उपयोग किया है, प्रक्रियाओं को सरल बनाया है तथा निर्णय लेने की गति को बढ़ाया है। किसी भी राज्य का विकास केवल योजनाओं या बजट से नहीं होता। उसका सबसे बड़ा आधार होता है, एक संवेदनशील, सक्षम और उत्तरदायी प्रशासनिक तंत्र। सरकार की नीतियाँ तभी सफल होती हैं, जब उन्हें धरातल पर ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ लागू किया जाए। इसलिए हमारी प्रशासनिक व्यवस्था जितनी सक्षम होगी, जनता का विश्वास भी उतना ही मजबूत होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने स्वयं अनुभव किया है कि कुछ अधिकारी ऐसे होते हैं, जो नियमों की आत्मा को समझते हैं। वे नियमों को बाधा नहीं बनने देते, बल्कि उन्हीं नियमों के भीतर जनहित का रास्ता खोज लेते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन का उद्देश्य केवल नियमों का पालन करना ही नहीं, बल्कि जनता का जीवन सरल बनाना है। नियम व्यवस्था बनाए रखने के लिए होते हैं, लेकिन उनका अंतिम उद्देश्य जनकल्याण होना चाहिए। जनता जब किसी समस्या को लेकर अधिकारियों के पास आती है, तो वो बहुत उम्मीद और विश्वास के साथ आती है। ऐसे में आपकी कार्यशैली ऐसी होनी चाहिए कि उन्हें त्वरित, सुलभ और पारदर्शी न्याय मिले, क्योंकि हमारी सरकार का मूल मंत्र बिल्कुल स्पष्ट है-‘सरलीकरण, समाधान, निस्तारण और संतुष्टि‘। हमें हर प्रक्रिया का सरलीकरण करना है, समस्याओं का स्थायी समाधान निकालना है, फाइलों का समयबद्ध निस्तारण करना है और जनता के चेहरे पर संतुष्टि लानी है, जिससे हम उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के संकल्प को पूर्ण करने में सफल हो सकें।

पुस्तक के लेखक आर.सी. लोहनी ने कहा कि इस पुस्तक के माध्यम से सरकारी सेवाओं में संवैधानिक व्यवस्थाओं, अधिनियमों, नियमों, विनियमों एवं शासनादेशों तथा मा. उच्चतम न्यायालय तथा मा० उच्च न्यायालयों द्वारा प्रतिपादित सिद्धांतो को ध्यान में रखा गया है। इस पुस्तक में मुख्य रूप से संवैधानिक व्यवस्थाओं एवं उनके क्रम में नियुक्ति, आरक्षण, परिवीक्षा, स्थायीकरण, ज्येष्ठता, पदोन्नति स्थानान्तरण, मृतक सरकारी सेवकों के आश्रित एवं सेवायोजन, निलंबन, अनुशासनात्मक कार्यवाही, जांच अधिकारी का दायित्व, शास्ति, शास्ति के विरूद्ध अपील, अस्थाई सरकारी कर्मचारी सेवा समाप्ति त्यागपत्र, स्वैच्छिक सेवा निवृत्ति. अनिवार्य सेवा निवृत्ति, राज्य कर्मचारी आचरण, सेवानिवृत्ति के उपरांत जाच कार्यवाही, सरकारी सेवा के दौरान किये गये आपराधिक कृत्य पर अभियोजन, अवकाश के सम्बन्ध में नियम, राजभाषा अधिनियम, धारणाधिकार से सम्बन्धित सेवानियमों, नियमों, अधिनियमो तथा विनियमों एवं मा. उच्चतम न्यायालय तथा मा० उच्च न्यायालयों द्वारा समय-समय पर दिये गये निर्णयों का सार इस पुस्तक में सम्मिलित किया गया है, जो कि सरकारी अधिकारियो-कर्मचारियों के लिए उपयोगी सिद्ध होगी।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, पूर्व अपर सचिव भूपेश तिवारी, जी.बी. ओली, रमेशचन्द्र शर्मा , हन्सादत्त पाण्डेय, पूर्व संयुक्त सचिव नवीन सिंह तडानी सहित डॉ. डी.एस. रावत, कर्नल(से.नि.) शिव सहरावत, वैज्ञानिक(से.नि.) पी.सी.वर्मा, उपायुक्त परिवहन सुनील शर्मा, अनुभाग अधिकारी दीपक जोशी, रणधीर अरोड़ा, पूरन सिंह रावत, अश्विनी सिंह नेगी, आर.सी.एस. बिष्ट, विकास श्रीवास्तव एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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124 वां नंदा देवी मेला महोत्सव का 16 से 23 सितंबर तक होगा भव्य आयोजन https://shreejinews.in/the-124th-nanda-devi-fair-and-festival-will-be-grandly-organized-from-september-16-to-23/ Wed, 22 Jul 2026 11:33:20 +0000 https://shreejinews.in/?p=32336

जिलाधिकारी ने की तैयारियों की समीक्षा

स्थानीय संस्कृति, लोक परम्परा, स्थानीय, सुरक्षा और व्यवस्थाओं पर दिया विशेष बल

नैनीताल। आगामी 16 सितंबर से 23 सितंबर 2026 तक नैनीताल मुख्यालय में आयोजित होने वाले 124 वें नंदा देवी मेला महोत्सव को भव्य, दिव्य और स्थानीय परम्परा एवं लोक संस्कृति के अनुरूप संपन्न कराने के उद्देश्य से बुधवार को जिला कार्यालय सभागार नैनीताल में जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल की अध्यक्षता में पूर्व तैयारियों को लेकर विस्तृत बैठक आयोजित की गई।

बैठक में विधायक नैनीताल सरिता आर्या, राम सेवा समिति, मंदिर समिति एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि,विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में जिलाधिकारी रयाल ने कहा कि नंदा देवी मेला जनपद वासियों की आस्था का प्रतीक है। इस मेले में हमारी संस्कृति, लोक कला और परम्परा की झलक स्पष्ट रूप से दिखनी चाहिए। मेले के दौरान आयोजित होने वाले सभी सांस्कृतिक कार्यक्रम स्थानीय लोक परंपरा पर आधारित होंगे। मेले में स्थानीय व उत्तराखंड की लोक संस्कृति से जुड़े लोक कलाकारों को प्राथमिकता दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि मेले के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा दिया जाएगा। मुख्य विकास अधिकारी द्वारा मेले में स्टालों का आवंटन किया जाएगा। इसमें हाउस ऑफ हिमालया ब्रांड, महिला स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय उद्यमियों के उत्पादों के विशेष स्टाल लगाए जाएंगे।

जिलाधिकारी ने मेले को प्लास्टिक मुक्त रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कहीं पर भी प्लास्टिक का उपयोग नही होना चाहिए। मेले को भव्य बनाने हेतु पूरे नगर को विद्युत लाइटों से जगमगाया जाएगा। ठंडी सड़क क्षेत्र में विशेष प्रकाश व्यवस्था के लिए नगर पालिका को निर्देशित किया गया। उन्होंने कहा कि समय से पूर्व यह कार्य कर लिया जाय। इसके अतिरिक्त जहॉं जहॉं स्ट्रीट लाइट लगाई जानी है लगा ली जाय।

बैठक में मेले की विभिन्न व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा कर संबंधित विभागों निर्देश दिए गए। अधिशासी अधिकारी नगर पालिका को पंडाल, टेंट निर्माण, स्टालों व मंच निर्माण सहित सभी व्यवस्थाओं के लिए पारदर्शी टेंडरिंग प्रक्रिया समय पर पूर्ण करने के निर्देश जिलाधिकारी द्वारा दिए गए।उन्होंने कहा कि समय रहते यह कार्य कर लिए जाय ताकि बाद में किसी भी प्रकार की समस्या न हो । उन्होंने कहा कि श्री रामसभा स्थल,मंदिर परिसर से बाहर व मेला स्थल की सभी व्यवस्थाओं को बेहतर रखा जाय इस हेतु उपजिलाधिकारी व ईओ नगर पालिका श्री राम सेवा समिति के साथ समन्वय स्थापित करते हुए कार्य करें।

जिलाधिकारी ने कहा कि डोला जिन-जिन मार्गों से होकर जाता है, उन मार्गों का लोकनिर्माण विभाग, नगर पालिका एवं सिंचाई विभाग संयुक्त रूप से स्थलीय निरीक्षण कर मार्ग मरम्मत कर लें। लोकनिर्माण विभाग को मेले से पूर्व लोअर मॉल रोड को सुचारू करने के भी निर्देश जिलाधिकारी द्वारा दिए गए।
उन्होंने ग्रामीण निर्माण विभाग को डीएसए मैदान में जलभराव की समस्या के समाधान हेतु तथा मेला क्षेत्र में कीचड़ न हो इसके लिए कंक्रीट डालने के निर्देश दिए गए।

मेले के दौरान नगर में सफाई व्यवस्था चाक-चौबंद रखने और मोबाइल टॉयलेट की पर्याप्त व्यवस्था करने के निर्देश नगर पालिका को दिए गए। पेयजल विभाग को पेयजल आपूर्ति सुचारू रखने, टैंकर एवं स्टैंड पोस्ट की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।
बैठक में अवगत कराया कि मेले के दौरान स्वास्थ्य शिविर भी लगाया जाएगा, जिसमें आयुष्मान कार्ड भी बनाए जाएंगे।

विद्युत विभाग को झूलते तारों को ठीक करने तथा वन विभाग को मार्गों में आने वाले पेड़ों की लोपिंग करने के निर्देश दिए गए।

मेले के दौरान शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में चर्चा करते हुए पुलिस विभाग को शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था के साथ सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रखा जाय।
मेले के दौरान परिवहन विभाग को यातायात व्यवस्था सुदृढ़ करने के साथ ही आने वाले यात्रियों, श्रद्धालुओं हेतु रोडवेज की अतिरिक्त बसों की व्यवस्था व पार्किंग व्यवस्था करने को कहा गया।

बैठक में निर्णय लिया गया कि मुख्य मेले के दिन नैनीताल मुख्यालय की समस्त ठेका मदिरा की दुकानें बंद रहेंगी।
बैठक में मेले के दौरान प्रतिदिन होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन के संबंध में सूचना, संस्कृति, पर्यटन विभाग को आवश्यक निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि 124 वां नंदा देवी मेला जनपद की पहचान है। इसे भव्यता के साथ संपन्न कराने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय से समयबद्ध तरीके से तैयारियां पूर्ण करें।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार पाण्डे, पुलिस अधीक्षक (यातायात) जगदीश चंद्र, अपर जिलाधिकारी शौरभ असवाल, सचिव जिला विकास प्राधिकरण मनीष कुमार, उप जिलाधिकारी नवाजिश खालिक, पुलिस उपाधीक्षक रविकांत सेमवाल, सांसद प्रतिनिधि गोपाल रावत, श्री राम सेवा समिति के अध्यक्ष मनोज शाह, सचिव जगदीप बवाड़ी,प्रबंधक विमल चौधरी, होटल एसोशिएशन के अध्यक्ष दिग्विजय बिष्ट, व्यापार संघ के अध्यक्ष मारुति नंदन शाह,सचिव शिव शंकर, डीएसए सचिव मनोज जोशी, दयाकिशन पोखरिया, अधिशासी अभियंता लोकनिर्माण,पेयजल, जल संस्थान, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका,पर्यटन विकास अधिकारी, सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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मुजफ्फरपुर में युवक की गोलियों से भूनकर हत्या https://shreejinews.in/youth-shot-dead-in-muzaffarpur/ Wed, 22 Jul 2026 10:45:57 +0000 https://shreejinews.in/?p=32333

एनएच-28 किनारे मिला शव

मुजफ्फरपुर। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में अपराधियों ने एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी। युवक का खून से लथपथ शव राष्ट्रीय राजमार्ग-28 (एनएच-28) के ओवरब्रिज के पास मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। फिलहाल मृतक की पहचान नहीं हो सकी है।

पुलिस के अनुसार, घटना मोतीपुर थाना क्षेत्र की है। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि देर रात अज्ञात हमलावरों ने युवक पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सुबह राहगीरों ने सड़क किनारे शव देखा और इसकी सूचना पुलिस को दी।

घटना की जानकारी मिलते ही डायल-112 की टीम और एनएचएआई की एंबुलेंस मौके पर पहुंची। मेडिकल टीम ने युवक को मृत घोषित किया, जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एसकेएमसीएच) भेज दिया गया।

वारदात की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीण एसपी राजेश सिंह प्रभाकर, डीएसपी वेस्ट सुचित्रा कुमारी, स्थानीय थाना पुलिस और एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। वैज्ञानिक जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल से सात खोखे बरामद किए हैं, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि बदमाशों ने युवक पर कई राउंड फायरिंग की थी।

पुलिस के मुताबिक, मृतक ने जींस और चेक शर्ट पहन रखी थी, लेकिन उसकी पहचान अब तक नहीं हो सकी है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और विभिन्न पहलुओं पर जांच की जा रही है।

ग्रामीण एसपी राजेश सिंह प्रभाकर ने बताया कि हत्या के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। मृतक की पहचान कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। मामले के शीघ्र खुलासे के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है, जो तकनीकी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रहा है।

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उत्तराखण्ड में बनेगा संस्कृत आयोग, सरकार ने मांगे सुझाव https://shreejinews.in/sanskrit-commission-to-be-set-up-in-uttarakhand-government-seeks-suggestions/ Wed, 22 Jul 2026 10:25:41 +0000 https://shreejinews.in/?p=32330

देहरादून। उत्तराखण्ड सरकार, राज्य में संस्कृत भाषा के संरक्षण, संवर्धन और आधुनिक उपयोग को बढ़ावा देने के लिए उत्तराखण्ड संस्कृत आयोग के गठन की तैयारी कर रही है। आयोग के गठन को व्यापक और प्रभावी बनाने के लिए देशभर के संस्कृत विद्वानों, शिक्षकों, शोधार्थियों, विश्वविद्यालयों, गुरुकुलों, संस्कृत संस्थानों तथा संस्कृत प्रेमियों से सुझाव आमंत्रित किए जा रहे हैं। इच्छुक व्यक्ति और संस्थान 10 अगस्त 2026 तक ई-मेल के माध्यम से अपने सुझाव भेज सकते हैं।

संस्कृत शिक्षा सचिव दीपक कुमार ने बताया कि उत्तराखण्ड ने वर्ष 2010 में संस्कृत को राज्य की द्वितीय राजभाषा का दर्जा देकर देश में नई पहल की थी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिसंबर 2025 में हरिद्वार में आयोजित अंतरराष्ट्रीय संस्कृत सम्मेलन में संस्कृत के संरक्षण और उसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए उच्चस्तरीय संस्कृत आयोग बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया था। इसी के बाद 15 जुलाई 2026 को सचिवालय में हुई उच्चस्तरीय बैठक में आयोग के गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।

प्रस्तावित आयोग संस्कृत शिक्षा, शोध, प्राचीन पांडुलिपियों के संरक्षण और डिजिटलीकरण, भारतीय ज्ञान परंपरा, वैदिक एवं शास्त्रीय अध्ययन, संस्कृत आधारित कौशल विकास और रोजगार, प्रशासन तथा तकनीकी क्षेत्रों में संस्कृत के उपयोग के साथ-साथ कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और डिजिटल माध्यमों में संस्कृत की संभावनाओं पर भी कार्य करेगा। आयोग संस्कृत के प्रचार-प्रसार के लिए दीर्घकालिक नीतियां और कार्ययोजनाएं तैयार करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

देवभूमि उत्तराखण्ड की पहचान उसकी समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत से है, जिसमें संस्कृत का विशेष स्थान है। संस्कृत केवल एक भाषा नहीं, बल्कि भारत की ज्ञान परंपरा और सांस्कृतिक विरासत की आधारशिला है। राज्य सरकार इसे जन-जन तक पहुंचाने और समय के अनुरूप नई पहचान दिलाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

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कोटद्वार में कांग्रेस का विरोध मार्च, पेपर लीक और छात्रों पर कार्रवाई के विरोध में तहसील का घेराव https://shreejinews.in/congress-protest-march-in-kotdwar-tehsil-office-gheraoed-to-protest-against-paper-leaks-and-action-taken-against-students/ Wed, 22 Jul 2026 10:23:23 +0000 https://shreejinews.in/?p=32327

कोटद्वार। देशभर में पेपर लीक, भर्ती घोटालों और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में बुधवार को महानगर कांग्रेस कमेटी, कोटद्वार ने पूर्व कैबिनेट मंत्री सुरेन्द्र सिंह नेगी के नेतृत्व में विरोध मार्च निकाला। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने तहसील परिसर का घेराव कर सरकार का पुतला फूंका और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग उठाई।

विरोध प्रदर्शन की शुरुआत कांग्रेस कार्यालय से हुई, जहां कांग्रेस के विभिन्न प्रकोष्ठों, युवा कांग्रेस, महिला कांग्रेस, एनएसयूआई, सेवादल और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एकत्र हुए। इसके बाद बाजार मार्ग से विशाल विरोध मार्च निकाला गया। हाथों में तख्तियां और बैनर लिए कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए छात्र-छात्राओं के समर्थन में आवाज बुलंद की। मार्च तहसील परिसर पहुंचा, जहां प्रदर्शन के बाद सरकार का पुतला दहन किया गया।

इस दौरान पूर्व कैबिनेट मंत्री सुरेन्द्र सिंह नेगी ने कहा कि देश का युवा अपने भविष्य, रोजगार और न्याय की लड़ाई लड़ रहा है, लेकिन सरकार उसकी आवाज सुनने के बजाय दमन का रास्ता अपना रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर की गई पुलिस कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।

नेगी ने कहा कि पेपर लीक और भर्ती घोटालों ने लाखों युवाओं के भविष्य को संकट में डाल दिया है। सरकार रोजगार देने में विफल रही है और भर्ती प्रक्रियाओं में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं से युवाओं का विश्वास टूट रहा है। उन्होंने पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने तथा नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए शिक्षा मंत्री से तत्काल इस्तीफा देने की मांग की।

उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस छात्र-छात्राओं और युवाओं के साथ मजबूती से खड़ी है और जब तक भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं होती तथा युवाओं को न्याय नहीं मिलता, तब तक पार्टी का लोकतांत्रिक संघर्ष जारी रहेगा।

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि युवाओं की आवाज को बलपूर्वक दबाने का प्रयास लोकतंत्र के लिए उचित नहीं है और सरकार को छात्रों की मांगों पर संवेदनशीलता के साथ निर्णय लेना चाहिए।

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एकल महिला स्वरोजगार योजना: 212 नई महिलाओं को मिली सहायता राशि, 276 को जारी हुई दूसरी किस्त https://shreejinews.in/self-employment-scheme-for-single-women-212-new-women-received-financial-assistance-second-installment-released-for-276/ Wed, 22 Jul 2026 08:38:31 +0000 https://shreejinews.in/?p=32324

देहरादून। मुख्य सेवक सदन, कैंट रोड में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में ‘मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना’ के द्वितीय चरण में 212 महिलाओं को सहायता राशि की पहली किस्त जारी की गई। इसके अतिरिक्त 276 लाभार्थियों को दूसरी किस्त के रूप में एक करोड़ 20 लाख रुपए से अधिक दिए गए।

इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य की एकल, निराश्रित, परित्यक्ता एवं विधवा महिलाओं को उनके गांव व क्षेत्र में ही स्वरोजगार से जोड़कर उनकी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बनाना और उन्हें सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य की एकल व निराश्रित महिलाओं को आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनाना हमारी सरकार की प्राथमिक प्रतिबद्धता है। मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना के माध्यम से प्रदेश की महिलाएं अपने ही क्षेत्र में रोजगार अपनाकर आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं।

महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने योजना की प्रगति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना प्रदेश की महिलाओं के जीवन स्तर में गुणात्मक सुधार लाने में मील का पत्थर साबित हो रही है।

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि आज द्वितीय चरण के अंतर्गत 8 जनपदों की 212 पात्र महिलाओं को स्वरोजगार हेतु प्रथम किस्त के रूप में सहायता राशि स्वीकृत कर दी गई है। इसके साथ ही, पूर्व में लाभान्वित 276 महिलाओं को सहायता राशि की दूसरी किस्त भी जारी की गई है।

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि हमारी सरकार कृषि, पशुपालन, ब्यूटी पार्लर व सिलाई जैसे विभिन्न व्यवसायों हेतु 75 प्रतिशत तक का विभागीय अनुदान दे रही है। इस योजना के माध्यम से राज्य की महिलाएं न केवल स्वावलंबी बन रही हैं, बल्कि समाज में एक सम्मानजनक जीवन जी रही हैं।

योजना की प्रगति और आंकड़ों की बात करें तो 10 फरवरी 2026 को आयोजित प्रथम चरण में 6 जनपदों की 484 महिलाओं को सशक्त उद्यमी बनाने के उद्देश्य से ₹3,45,34,500 की 50 प्रतिशत प्रथम किस्त जारी की गई थी। इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए 22 जुलाई 2026 को आयोजित द्वितीय चरण के कार्यक्रम में अल्मोड़ा, चंपावत, चमोली, हरिद्वार, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, उत्तरकाशी एवं देहरादून की 212 नई पात्र महिलाओं के लिए ₹1,55,44,000 की प्रथम किस्त (50%) स्वीकृत की गई। इसके अतिरिक्त, प्रथम चरण की लाभार्थियों में से समीक्षा के उपरांत देहरादून (182), नैनीताल (71) एवं टिहरी (23) जनपद की कुल 276 महिलाओं को ₹1,20,76,875 की 30 प्रतिशत द्वितीय किस्त भी अवमुक्त कर दी गई है।

उल्लेखनीय है कि इस योजना के अंतर्गत अधिकतम 2 लाख रुपये तक की परियोजना लागत पर सरकार द्वारा 75 प्रतिशत का अनुदान (सब्सिडी) दिया जा रहा है, जबकि शेष 25 प्रतिशत अंशदान लाभार्थी महिला का होता है।

इस अवसर पर विभागीय सचिव चंद्रेश कुमार, निदेशक बंसीलाल राणा, उपनिदेशक विक्रम सिंह, मोहित चौधरी, अंजना गुप्ता आदि उपस्थित रहे।

मदद मिली तो आगरा का पेठा दून ले आई नीलू जैन
बुधवार को योजना के तहत दूसरी किस्त लेने आई कांवली रोड देहरादून निवासी नीलू जैन ने बताया कि 2022 में उनके पति की कैंसर से मृत्यु हो गई थी। इस योजना के तहत पहली किस्त के रूप में सहायता राशि मिलने के बाद उन्होंने पेठे की मिठाई बनाने का रोजगार शुरू किया। नीलू ने बताया कि उनका मायका आगरा है और वह आगरा के मशहूर पेठा बनाने की रेसिपी जानती थी । उन्होंने उसी गुणवत्ता और स्वाद वाली पेठे की मिठाई का कारोबार दून में खड़ा कर दिया है।

अपने साथ गरीब लड़कियों को भी रोजगार दे रही सुषमा थापा
सुषमा थापा ने बताया कि कोविड के दौरान उनके पति का देहांत हो गया और बाद में उनका 24 साल का बेटा भी दुनिया से चल बसा तो उनके ऊपर अचानक मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा। सुषमा ने बताया कि इस योजना के तहत सहायता राशि मिलने के बाद उन्होंने हस्तशिल्प और सिलाई का काम शुरू किया । अब वे अपने साथ-साथ आस पड़ोस में रहने वाली गरीब लड़कियों को भी यह काम सिखा कर रोजगार दे रही हैं।

किस्मत और कैंसर से लड़कर भी खड़ा किया कारोबार
देहरादून के लक्खी बाग निवासी पूजा सेठी ने बताया कि शादी के बाद ससुराल में उन पर असहनीय अत्याचार किए गए, जिसके कारण वह अपने मायके आ गई। 2020 में उन्हें कैंसर हो गया। अपनी बदकिस्मती और कैंसर जैसी बीमारी से लड़ते हुए भी उन्होंने इस योजना के तहत सहायता राशि मिलने के बाद सिलाई का काम शुरू किया। उन्होंने बताया कि अब उनका कामकाज अच्छा चल रहा है और इसकी कमाई से न सिर्फ अपना इलाज करवा पा रही हैं, साथ ही उनकी गुजर बसर भी अच्छी हो रही है।

रोडपति से करोड़पति बनकर दिखाऊंगी
पिथौरागढ़ की बसंती देवी को भी बुधवार को सहायता राशि की पहली किस्त प्राप्त हुई। उन्होंने बताया कि वैवाहिक जीवन में जब उन्हें अपनी जिंदगी पर ही संकट आता दिखा तो उन्होंने खुद को पति से अलग कर लिया। ससुराल में उन्होंने अच्छा खासा बुटीक संचालित कर रखा था लेकिन फिर वह अचानक सड़क पर आ गई। बसंती ने बताया कि कई साल तक वह दूसरों की दुकानों में काम करके गुजारा करती रही। अब इस योजना के तहत सहायता मिलने के बाद वह फिर से अपना बुटीक का काम शुरू कर पाएंगी। उन्होंने विश्वास जताया कि अपनी लगन और मेहनत के दम पर एक दिन रोडपति से करोड़पति तक का सफर तय करके दिखाएंगी

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कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने देहरादून-मसूरी मार्ग के क्षतिग्रस्त मार्ग का किया निरीक्षण https://shreejinews.in/cabinet-minister-ganesh-joshi-inspected-the-damaged-section-of-the-dehradun-mussoorie-road/ Wed, 22 Jul 2026 07:59:03 +0000 https://shreejinews.in/?p=32321

देहरादून। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने अतिवृष्टि के चलते देहरादून-मसूरी मुख्य मार्ग पर पानी वाले बैण्ड के समीप क्षतिग्रस्त हुए मार्ग का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर पहुंचकर मार्ग की स्थिति का जायजा लिया और जिला प्रशासन व लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारियों से पुनर्निर्माण कार्य की प्रगति की जानकारी ली।

निरीक्षण के दौरान मंत्री गणेश जोशी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि मार्ग के पुनर्निर्माण कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता पर युद्धस्तर पर पूरा किया जाए, ताकि देहरादून और मसूरी के बीच यातायात जल्द से जल्द पूरी तरह सामान्य हो सके।

मंत्री जोशी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा के अतिरिक्त इंतजाम किए जाएं। जहां वाहनों के दलदल में फंसने की संभावना है, वहां तत्काल पत्थर, गिट्टी या अन्य आवश्यक सामग्री डालकर मार्ग को सुरक्षित और सुगम बनाया जाए।ताकि लोगों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े और यातायात सुचारु रूप से संचालित हो सके। साथ ही आवश्यकतानुसार चेतावनी बोर्ड, बैरिकेडिंग एवं कर्मचारियों की तैनाती सुनिश्चित की जाए, ताकि दुर्घटनाओं की संभावना को न्यूनतम किया जा सके।

निरीक्षण के दौरान संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल कुमार, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता (ईई) राजेश कुमार सहित जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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जिलाधिकारी के निर्देशन में कोटद्वार में बाल श्रम के खिलाफ सघन अभियान, 14 वर्षीय बालक का रेस्क्यू https://shreejinews.in/intensive-campaign-against-child-labour-in-kotdwar-under-the-district-magistrates-direction-14-year-old-boy-rescued/ Wed, 22 Jul 2026 06:26:14 +0000 https://shreejinews.in/?p=32318

नाबालिग से काम कराने पर प्रतिष्ठान संचालक का चालान

पौड़ी। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया के निर्देशन में बाल श्रम उन्मूलन अभियान के तहत जिला टास्क फोर्स समिति ने कोटद्वार नगर क्षेत्र में सघन निरीक्षण एवं खोज अभियान चलाया। अभियान के दौरान बद्रीनाथ मार्ग स्थित एक मिठाई की दुकान से 14 वर्ष से कम आयु के एक बालक को बाल श्रम से मुक्त कराया गया। नाबालिग से कार्य कराए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठान संचालक का चालान करते हुए भविष्य में बाल श्रम न कराने की कड़ी चेतावनी दी गयी।

संयुक्त दल ने बद्रीनाथ मार्ग, झंडा चौक, बस स्टेशन तथा तीलू रौतेली चौक क्षेत्र में विभिन्न प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान एक प्रतिष्ठान में 14 वर्ष से कम आयु का बालक कार्य करता मिला, जिसे तत्काल रेस्क्यू किया गया। बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) नियम, 2017 के तहत आवश्यक कार्रवाई करते हुए बालक को उसके मामा की सुपुर्दगी में सौंपा गया। साथ ही परिजनों को निर्देशित किया गया कि बालक का किसी शिक्षण संस्थान में प्रवेश कराकर उसकी शिक्षा निर्बाध रूप से जारी रखी जाए, जिससे उसका समुचित पुनर्वास सुनिश्चित हो सके।

अभियान के दौरान बद्रीनाथ मार्ग स्थित एक अन्य प्रतिष्ठान में लगभग 17 वर्षीय किशोर भी कार्य करता मिला। उसके संबंध में भी नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई प्रारंभ कर दी गयी है। जिला टास्क फोर्स समिति ने आमजन से अपील की है कि यदि कहीं भी किसी नाबालिग बच्चे से श्रम कराया जाता हुआ दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर दें, ताकि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित, शिक्षित एवं सम्मानजनक बचपन उपलब्ध कराया जा सके।

अभियान में बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष राकेश चंद्रा बिडालिया, श्रम प्रवर्तन अधिकारी मोहन बेलवाल, जिला बाल संरक्षण इकाई से ओम प्रकाश थपलियाल, चाइल्ड हेल्पलाइन से धर्मेंद्र तथा पुलिस विभाग से विद्या मेहता, सुमित चौधरी सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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शिक्षा विभाग में एनईपी-2020 क्रियान्वयन के 71 लक्ष्य पूर्ण- धन सिंह रावत https://shreejinews.in/71-targets-for-nep-2020-implementation-achieved-in-the-education-department-dhan-singh-rawat/ Wed, 22 Jul 2026 06:18:51 +0000 https://shreejinews.in/?p=32315

प्री-प्राइमरी एजुकेशन पर विशेष फोकस, पाठ्यक्रम तैयार

एससीईआरटी व डायट्स में 14 माॅडल बालवाटिकाएं स्थापित

देहरादून। भारत सरकार द्वारा नई शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन को सार्थक ट्रैकर पर विद्यालयी शिक्षा विभाग को दिये गये 202 लक्ष्यों में से 71 लक्ष्य पूर्ण कर दिये गये हैं, जबकि 111 लक्ष्यों पर युद्ध स्तर पर कार्य चल रहा है। राज्य में एनईपी-2020 लागू होने के उपरांत प्री-प्राइमरी एजुकेशन पर विशेष फोकस किया गया। जिसके तहत एससीईआरटी सहित सभी 13 डायट्स में माॅडल बालवाटिकाएं स्थापित की गई जबकि प्रदेश के समस्त 5982 को-लोकेटेड आंगनवाड़ी केन्द्रों में बालवाटिकाओं का संचालन किया जा रहा है।

राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) की निदेशक वंदन गब्र्याल ने बताया कि प्रदेश में एनईपी-2020 के प्रावधानों को समयबद्ध एवं प्रभावी ढंग से लागू करने के लिये निरंतर कार्य किया जा रहा हे। उन्होंने बताया कि राज्य में एनईपी-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन को शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार द्वारा ‘सार्थक ट्रैकर’ के माध्यम से विभिन्न श्रेणी में 202 लक्ष्य दिये थे। जिनमें से अभी तक राज्य में बालवाटिकाएं, पाठ्यचार्य की रूपरेखा, कौशल आधारित प्रशिक्षण, शिक्षकों का सतत व्यावासायिक विकास सहित विभिन्न श्रेणियों में 71 लक्ष्य पूर्ण कर दिये गये है, जबकि 111 लक्ष्यों पर कार्य गतिमान है।

शेष 20 लक्ष्यों पर भारत सरकार से गाइडलाइन जारी होने के बाद कार्य प्रारम्भ किया जाना है। उन्होंने बताया कि भारत सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्यों के तहत राज्य में सभी 5982 को-लोकेटेड आंगनवाडी केन्द्रों में बालवाटिकाओं का संचालन किया जा रहा है। जबकि एससीईआरटी तथा सभी 13 जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (डायट्स) में कुल 14 मॉडल बालवाटिकाएं स्थापित की गई हैं।

उन्होंने बताया कि बालवाटिका कक्षाओं के प्रभावी संचालन के लिए 11,196 आंगनवाड़ी कार्यकत्र्रियों, शिक्षकों एवं विभागीय अधिकारियों को दो चरणों में वर्चुअल स्टूडियो के माध्यम से प्रशिक्षण प्रदान किया गया। बच्चों की प्रारम्भिक शिक्षा को आनंददायक एवं गतिविधि-आधारित बनाने के उद्देश्य से सभी प्राथमिक विद्यालयों में ‘जादुई पिटारा’ उपलब्ध कराया गया है, जिसमें 27 प्रकार के खिलौने एवं 13 प्रकार की शिक्षण-सामग्री शामिल है। इसके अतिरिक्त सभी विद्यालयों में स्कूल रेडीनेस मॉड्यूल ‘आरोही’ लागू किया गया है।

निदेशक ने बताया कि निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों के अनुरूप बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान से संबंधित पुस्तिकाएं विकसित कर विद्यालयों में पढ़ाई जा रही हैं, जिनकी ‘प्रगति ऐप’ के माध्यम से नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। उन्होंने बताया कि छात्र नामांकन बढ़ाने एवं ड्रॉपआउट बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए भी विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अब तक 6 से 14 वर्ष आयु वर्ग के 3,198 ड्रॉपआउट बच्चों को चिन्हित कर ब्रिज कोर्स के माध्यम से पुनः शिक्षा से जोड़ा गया है। वहीं 5,086 विशेष आवश्यकता वाले बच्चों में से 354 बच्चों को गृह-आधारित शिक्षा उपलब्ध कराई गई है।

वंदना गब्र्याल ने बताया कि राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की अनुशंसाओं के अनुरूप राज्य पाठ्यचर्या तैयार कर ली गई है। साथ ही कौशल आधारित शिक्षक प्रशिक्षण, समावेशी एवं समतामूलक शिक्षा, विद्यालयों में भौतिक एवं मानवीय संसाधनों का विकास, माध्यमिक स्तर पर व्यावसायिक शिक्षा का विस्तार, बहुभाषिकता को प्रोत्साहन, ऑनलाइन एवं डिजिटल शिक्षा तथा उल्लास कार्यक्रम से जुड़े निर्धारित लक्ष्यों को भी सफलतापूर्वक पूरा किया गया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य सरकार, शिक्षा विभाग और सभी संबद्ध संस्थाओं के समन्वित प्रयासों से शेष लक्ष्यों को भी निर्धारित समयावधि में पूर्ण कर उत्तराखंड को नई शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन में देश के अग्रणी राज्यों में स्थापित किया जाएगा।

]]> सरकार खिलाड़ियों को हर संभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध- मुख्यमंत्री https://shreejinews.in/government-committed-to-providing-all-possible-support-to-players-chief-minister/ Wed, 22 Jul 2026 05:41:45 +0000 https://shreejinews.in/?p=32312

उत्तराखंड की बेटियां खेलों में लगातार रच रही हैं नए कीर्तिमान

पिथौरागढ़ की महिला मुक्केबाजों ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर बढ़ाया उत्तराखंड का मान, मुख्यमंत्री ने दी शुभकामनाएं

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री आवास में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन करने वाली उत्तराखंड की महिला मुक्केबाजों ने भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पिथौरागढ़ की मुक्केबाज निकिता चंद, काजल फर्स्वाण और आरती धारियाल को उनकी उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों के साथ ही उनके प्रशिक्षकों बृजेंद्र मल और ललित कुँवर को भी सम्मानित किया और उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

हाल ही में इंडोनेशिया के जकार्ता में 3 से 15 जुलाई 2026 तक आयोजित अंडर-23 एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में उत्तराखंड की होनहार मुक्केबाज निकिता चंद ने 60 किलोग्राम भार वर्ग और काजल फर्स्वाण ने 65 किलोग्राम भार वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक हासिल किए। दोनों खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा और कड़ी मेहनत के बल पर उत्तराखंड और भारत का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है।

निकिता चंद और काजल फर्स्वाण ने अंडर-23 एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में जीते रजत पदक, आरती धारियाल ने गोल्ड बेल्ट बॉक्सिंग प्रतियोगिता में जीता स्वर्ण

पिथौरागढ़ के बड़ालू गांव की निवासी निकिता चंद इससे पहले वर्ष 2021, 2022 और 2023 में एशियन चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं। वह वर्तमान में अपने प्रशिक्षकों बृजेंद्र मल और भास्कर भट्ट के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं।

वहीं, मुनस्यारी के भदेली गांव की निवासी काजल फर्स्वाण ने भी बॉक्सिंग के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। उनका प्रारंभिक प्रशिक्षण पिथौरागढ़ स्थित महिला आवासीय छात्रावास, खेल विभाग में हुआ, जहां उन्हें सुनीता मेहता रावत और कप्तान देवीचंद का मार्गदर्शन मिला। इसके बाद उन्होंने स्मॉल खेलो इंडिया सेंटर में कोच निखिल महर के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण प्राप्त किया। बाद में उनका चयन एनबीए, रोहतक के लिए हुआ और वर्तमान में वह पटियाला स्थित राष्ट्रीय महिला बॉक्सिंग कैंप में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। काजल इससे पहले अंडर-19 ASBC एशियन चैंपियनशिप में रजत पदक, अंडर-23 एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में कांस्य पदक तथा 38वें नेशनल गेम्स-2025 में रजत पदक जीत चुकी हैं।

इसी क्रम में पिथौरागढ़ की एक और प्रतिभाशाली महिला मुक्केबाज आरती धारियाल ने 12 से 16 जुलाई 2026 तक रोमानिया में आयोजित गोल्ड बेल्ट बॉक्सिंग प्रतियोगिता में 54 किलोग्राम भार वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर देश और प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। गौड़ीहाट, पिथौरागढ़ की निवासी आरती वर्ष 2024 और 2025 में एलीट महिला राष्ट्रीय बॉक्सिंग चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीत चुकी हैं। अपनी निरंतर सफलता के आधार पर उनका चयन भी पटियाला स्थित राष्ट्रीय महिला बॉक्सिंग कैंप के लिए हुआ है, जहां वह वर्तमान में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं।

बता दे की आरती ने जिला खेल कार्यालय के तत्वावधान में संचालित स्मॉल खेलो इंडिया सेंटर में कोच निखिल महर के मार्गदर्शन में बॉक्सिंग का प्रशिक्षण प्राप्त किया है। इन तीनों महिला मुक्केबाजों की उपलब्धियां उत्तराखंड में खेलों के प्रति बढ़ते उत्साह और राज्य की बेटियों की प्रतिभा का प्रमाण हैं। उनकी सफलता नई पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड की बेटियों ने अपनी मेहनत, प्रतिभा और दृढ़ संकल्प से देश और प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। निकिता चंद, काजल फर्स्वाण और आरती धारियाल की उपलब्धियां यह साबित करती हैं कि उत्तराखंड की बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतना खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत, उनके प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन और परिवार के सहयोग का परिणाम है। राज्य सरकार खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, सुविधाएं और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा खेल सुविधाओं के विस्तार और प्रतिभावान खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर राज्य का नाम रोशन किया है। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के प्रत्येक प्रतिभाशाली खिलाड़ी को अपनी प्रतिभा निखारने और बड़े मंच पर प्रदर्शन करने के लिए आवश्यक अवसर और सुविधाएं मिलें। उन्होंने खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को भविष्य की प्रतियोगिताओं के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उत्तराखंड की बेटियां आने वाले समय में खेलों के क्षेत्र में और भी नए कीर्तिमान स्थापित करेंगी।

इस अवसर पर विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा, सहायक निदेशक खेल संजीव पौरी, जिला खेल अधिकारी शबाली गुरंग सहित अन्य अधिकारी एवं संबंधित प्रशिक्षक उपस्थित रहे।

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