UP Assembly: उत्तर प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र में सरकार ने करीब 24 हजार करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट सदन में पेश किया। इस बजट को पहले ही राज्य मंत्रिमंडल की स्वीकृति मिल चुकी थी। बजट पेश होने से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सरकारी आवास पर कैबिनेट की बैठक बुलाई, जिसमें दोनों उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक सहित सभी मंत्री मौजूद रहे।
बजट को लेकर विपक्ष ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। समाजवादी पार्टी ने पूछा कि अतिरिक्त अनुदान आखिर किन उद्देश्यों के लिए मांगा जा रहा है। विधानसभा में चर्चा के दौरान माहौल उस समय गरमा गया, जब कोडीन युक्त कफ सिरप की कथित तस्करी का मुद्दा उठा और सत्ता पक्ष व विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सदन में राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ का जिक्र करते हुए कहा कि यह केवल एक गीत नहीं, बल्कि देश की आज़ादी का प्रतीक है। उन्होंने कांग्रेस पर आपातकाल के दौरान लोकतांत्रिक मूल्यों को दबाने का आरोप लगाते हुए कहा कि इस विषय पर गंभीर चर्चा जरूरी है।
कफ सिरप मामले पर मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी को सीधे निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि तस्करी से जुड़े लोगों के राजनीतिक संबंध रहे हैं और सरकार इस पूरे नेटवर्क पर कड़ी कार्रवाई कर रही है। योगी ने स्पष्ट किया कि दोषी चाहे कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा और जरूरत पड़ने पर सख्त कार्रवाई भी की जाएगी।
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने अनुपूरक बजट पेश करते हुए कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था अनुमान से बेहतर स्थिति में है और केंद्र सरकार ने भी इसकी पुष्टि की है। वहीं सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि यह बजट विकास के बजाय राजनीतिक हितों के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।
सदन के बाहर भी कफ सिरप मामले को लेकर बयानबाजी जारी रही। भाजपा नेताओं ने कहा कि मामले की जांच कई एजेंसियां कर रही हैं और अब तक दर्जनों केस दर्ज किए जा चुके हैं। वहीं समाजवादी पार्टी ने सरकार पर मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप लगाया।
