दिल्ली/एनसीआर – नूंह जिले के फिरोजपुर झिरका थाना क्षेत्र के गांव मुंडाका में मंगलवार शाम उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब एक मामूली पार्किंग विवाद ने दो समुदायों के बीच हिंसक संघर्ष का रूप ले लिया। देखते ही देखते बहस मारपीट में बदल गई और फिर दोनों पक्षों की ओर से पथराव और लाठी-डंडों का इस्तेमाल शुरू हो गया।
हिंसा में करीब 10 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिनमें से कई को गंभीर हालत में नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। झगड़े के बाद भीड़ ने तीन वाहनों और कई दुकानों को आग के हवाले कर दिया, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल फैल गया।
राजस्थान सीमा से सटे गांवों के बीच विवाद
घटना में शामिल पक्ष हरियाणा के मुंडाका और राजस्थान के सीमावर्ती गांव हाजीपुर के निवासी बताए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इन गांवों के बीच पहले भी छोटे-मोटे विवाद होते रहे हैं, लेकिन इस बार मामला नियंत्रण से बाहर चला गया।
पुलिस को सूचना मिलते ही फिरोजपुर झिरका थाना और नूंह जिले के अन्य थानों से भारी पुलिस बल मौके पर भेजा गया। अधिकारी मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने में जुट गए और दोनों पक्षों को अलग-अलग क्षेत्रों में रोक दिया गया।
कैसे शुरू हुआ विवाद?
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गांव मुंडाका में एक दुकान के सामने खड़े ट्रक को हटाने को लेकर कहासुनी शुरू हुई थी। आरोप है कि ट्रक चालकों ने आपत्ति जताने वाले व्यक्ति पर बोतल से हमला कर दिया, जिससे उसे गंभीर चोट लगी। इसके बाद उस व्यक्ति ने अपने परिजनों को मौके पर बुला लिया और कुछ ही देर में दोनों ओर से भीड़ इकट्ठा हो गई। फिर पथराव, मारपीट और आगजनी शुरू हो गई।
पुलिस का एक्शन और अब तक की स्थिति
पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई की गई और स्थिति को काबू में कर लिया गया है। गांव में भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है और दिल्ली-अलवर रोड पर यातायात सामान्य रूप से चल रहा है।
अब तक की जांच में सामने आया है कि विवाद में चार लोगों को चोटें लगी थीं। पुलिस ने करीब दो दर्जन नामजद सहित 30-40 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है और कुछ आरोपियों को हिरासत में भी लिया गया है।
