नई दिल्ली। स्वतंत्रता दिवस पर सीमा सुरक्षा बल (BSF) के 16 जांबाजों को वीरता पदक से सम्मानित किया गया है। ये सम्मान उन्हें पाकिस्तान को करारा जवाब देने वाले ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में दिखाए गए अदम्य साहस और बेजोड़ वीरता के लिए दिया गया। इसके अलावा, विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक (PSM) बीएसएफ के 5 कर्मियों को और उत्कृष्ट सेवा के लिए पदक (MSM) 46 अधिकारियों और कर्मियों को प्रदान किए गए हैं।
सीमा पर गोलाबारी के बीच निभाई ड्यूटी
‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान सब-इंस्पेक्टर व्यास देव और कांस्टेबल सुद्दी राभा जम्मू क्षेत्र की अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर 7वीं बटालियन की अग्रिम चौकियों पर तैनात थे। इन्हें अग्रिम सैनिकों को गोला-बारूद सप्लाई करने की अहम जिम्मेदारी मिली थी। इसी दौरान दुश्मन ने 82 मिमी मोर्टार शेल दागा, जो उनके पास आकर गिरा और फट गया। दोनों को गंभीर छर्रे लगे और एसआई व्यास देव को जानलेवा चोटें आईं।
चोटों के बावजूद डटे रहे मोर्चे पर
खुद पर आई गंभीर चोटों के बावजूद एसआई व्यास देव ने होश बनाए रखा, खुद को स्थिर किया और मिशन को पूरा करने में लगे रहे। उन्होंने अपने साथियों को भी प्रेरित किया। बाद में उनकी बाईं टांग को काटना पड़ा। इसी तरह कांस्टेबल सुद्दी राभा ने भी जानलेवा घावों और अत्यधिक दर्द के बावजूद हार नहीं मानी और ड्यूटी पूरी की।
वीरता का मिला सम्मान
इन दोनों बहादुर जवानों ने जिस जिम्मेदारी को निभाया, उसमें कोई कमी नहीं छोड़ी। इनके इसी वीरतापूर्ण कार्य के सम्मान में दोनों को ‘वीरता पदक’ प्रदान किया गया।
