मसूरी। पर्यटन नगरी मसूरी 15 सितंबर की भीषण बारिश और भूस्खलन के बाद अब तक पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाई है। सड़कों के टूटने और लगातार भूस्खलन से जनजीवन प्रभावित है, वहीं होटल व्यवसाय और स्थानीय व्यापारिक उद्योग गहरे संकट में पहुंच गए हैं। इस हालात को देखते हुए होटल एसोसिएशन और ट्रेडर्स यूनियन ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से ठोस राहत पैकेज की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा है।
पर्यटन उद्योग पर संकट
होटल एसोसिएशन ने आपदा के दौरान सरकार की त्वरित कार्रवाई की सराहना की। बताया गया कि हादसे के वक्त 3,000 से अधिक पर्यटकों को सुरक्षित निकाला गया और कई संपर्क मार्ग तुरंत बहाल किए गए। लेकिन अब स्थिति यह है कि होटल बुकिंग कैंसिल हो रही हैं, कमरे खाली पड़े हैं और पर्यटकों का भरोसा लगातार कम हो रहा है।
एसोसिएशन अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री को भेजे गए ज्ञापन में होटल कर्मचारियों के वेतन हेतु आर्थिक सहायता, बिजली-पानी के फिक्स्ड चार्ज माफी, सॉफ्ट लोन, टैक्स राहत और वैकल्पिक सड़कों की त्वरित मरम्मत की मांग की गई है। साथ ही उन्होंने आग्रह किया कि सरकार राष्ट्रीय और सोशल मीडिया पर मसूरी की सकारात्मक छवि पेश करे, ताकि पर्यटक वापस आकर्षित हो सकें।
व्यापारियों की 20 सूत्रीय मांग
इधर, मसूरी ट्रेडर्स एंड वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष रजत अग्रवाल ने बताया कि संगठन ने मुख्यमंत्री को 20 सूत्रीय ज्ञापन भेजा है। इसमें दुकानों को हुए नुकसान, बेरोजगार हुए मजदूरों, बंद टैक्सियों और धंसते बाजारों की समस्याओं को उठाया गया है। एसोसिएशन ने मकान-दुकान नष्ट होने वालों को तीन माह का भत्ता, टैक्स में छूट और आसान ऋण उपलब्ध कराने की भी मांग की है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
इस संबंध में एसडीएम मसूरी राहुल आनंद ने बताया कि व्यापारियों और होटल व्यवसायियों की ओर से सौंपे गए ज्ञापन को मुख्यमंत्री कार्यालय भेजा गया है। कुछ मांगों पर स्थानीय स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है और बाकी पर उच्च स्तर पर विचार किया जा रहा है।
