देहरादून: अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर अंकिता भंडारी न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच के आह्वान पर शनिवार को उत्तराखंड बंद का असर प्रदेश के कई हिस्सों में देखने को मिला। पहाड़ी जिलों में बंद का व्यापक प्रभाव रहा, जबकि राजधानी देहरादून में इसका मिला-जुला असर नजर आया। कुछ इलाकों में बाजार पूरी तरह बंद रहे तो कई स्थानों पर दुकानें सामान्य रूप से खुली रहीं।
देहरादून के पलटन बाजार में संयुक्त संघर्ष मंच की ओर से विशाल रैली निकाली गई। रैली के दौरान प्रदर्शनकारियों ने दुकानदारों से समर्थन की अपील की, जिसके चलते कई दुकानों ने स्वेच्छा से अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। प्रदर्शन के चलते कुछ समय के लिए क्षेत्र में यातायात भी प्रभावित रहा।
भू कानून समन्वय संघर्ष समिति के समन्वयक मोहित डिमरी ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में उत्तराखंड बंद का व्यापक समर्थन मिला है। उन्होंने आरोप लगाया कि अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच को लेकर सरकार गंभीर नहीं है। मोहित डिमरी ने स्पष्ट किया कि इस मामले में सीबीआई जांच सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में कराई जानी चाहिए, तभी जांच निष्पक्ष और पारदर्शी होगी।
उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व में हुए पेपर लीक मामलों में सीबीआई जांच की संस्तुति तो की गई, लेकिन उसकी प्रगति को लेकर आज तक स्थिति स्पष्ट नहीं है। ऐसे में अंकिता भंडारी मामले में भी केवल घोषणा नहीं, बल्कि प्रभावी कार्रवाई जरूरी है। मोहित डिमरी ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया, तो प्रदेशभर में चक्का जाम आंदोलन किया जाएगा।
