चम्पावत। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार द्वारा उद्यानिकी और आधुनिक कृषि को बढ़ावा देने के प्रयासों का असर अब किसानों के खेतों में भी दिखाई दे रहा है। चम्पावत के लोहाघाट विकासखंड स्थित ग्राम खैसकांडे के प्रगतिशील कृषक जीवन खर्कवाल आधुनिक तकनीकों को अपनाकर खेती-बागवानी को अपनी मजबूत आजीविका का माध्यम बना रहे हैं।
पेशे से इलेक्ट्रॉनिक व्यवसायी जीवन खर्कवाल को खेती-बागवानी का संस्कार अपने पिता रमेश चंद्र खर्कवाल से मिला। उद्यान विभाग के मार्गदर्शन में उन्होंने M-9 रूटस्टॉक पर करीब 300 सेब के पौधों का व्यवस्थित बगीचा तैयार किया है। वहीं वर्ष 2022-23 में M-111 रूटस्टॉक पर जेरोमाइन, रेड डिलीशियस, गाला और रेड गाला जैसी उन्नत किस्मों के 533 पौधे लगाए गए।
वर्तमान में जीवन खर्कवाल 15 नाली क्षेत्र में M-9 सेब का उच्च घनत्व वाला नया बगीचा तैयार कर रहे हैं। इसके साथ ही राज्य सरकार की कीवी मिशन योजना के तहत 131 कीवी पौधे लगाए हैं, जिनमें फलन शुरू हो चुकी है और उत्पाद स्थानीय बाजार में बेचा जा रहा है।
जीवन खर्कवाल ने खेती में विविधीकरण पर भी जोर दिया है। उनके खेतों में प्लम, खुबानी, आलू और अन्य फलदार फसलों का उत्पादन हो रहा है। वहीं करीब 300 वर्गमीटर क्षेत्र में तीन पॉलीहाउस के माध्यम से मौसमी सब्जियों का उत्पादन कर स्थानीय बाजार में अपनी पहुंच बनाई है।
जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए वे वर्मी कम्पोस्ट इकाई के जरिए तैयार जैविक खाद का उपयोग अपने खेतों और बगीचों में कर रहे हैं।
जीवन खर्कवाल की सफलता पारंपरिक कृषि संस्कार, परिवार के सहयोग, आधुनिक तकनीक और विभागीय मार्गदर्शन के बेहतर समन्वय का उदाहरण है। सेब और कीवी उत्पादन से लेकर पॉलीहाउस सब्जियों और जैविक खाद तक, उन्होंने खेती को बहुआयामी आजीविका का माध्यम बनाया है।
उनकी यह पहल मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ‘समृद्ध किसान, सशक्त उत्तराखण्ड’ के संकल्प को धरातल पर साकार करने के साथ-साथ प्रदेश के युवाओं और किसानों को आधुनिक उद्यानिकी अपनाने के लिए प्रेरित कर रही है।