साहिबाबाद – सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर बड़े पैमाने पर ठगी का मामला उजागर हुआ है। खुद को वरिष्ठ पुलिस अधिकारी से जुड़ा बताकर एक संगठित गिरोह ने आठ अभ्यर्थियों से करीब डेढ़ करोड़ रुपये ऐंठ लिए। आरोप है कि आरोपियों ने फर्जी नियुक्ति पत्र और नकली पहचान पत्र दिखाकर भरोसा जीता और बाद में रकम हड़प ली।
राजेंद्र नगर निवासी एक सरकारी स्कूल कर्मचारी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वर्ष 2022 में कुछ लोग उनके संपर्क में आए और सरकारी विभागों में नियुक्ति दिलाने का दावा किया। उन्होंने खुद को प्रभावशाली अधिकारियों से जुड़ा बताया और कहा कि उच्च स्तर पर उनकी पहुंच है। भरोसा दिलाने के लिए कथित तौर पर नकली आईडी कार्ड और दस्तावेज भी दिखाए गए।
पीड़ितों को अलग-अलग स्थानों पर बुलाकर उनसे मोटी रकम की मांग की गई। शुरुआत में लाखों रुपये लिए गए और बाद में और रकम देने का दबाव बनाया गया। युवाओं को सरकारी कार्यालय जैसा माहौल दिखाकर दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवाए गए और फर्जी नियुक्ति पत्र थमा दिए गए। जब अभ्यर्थी जॉइनिंग के लिए संबंधित विभाग पहुंचे तो दस्तावेज फर्जी निकले और ठगी का खुलासा हुआ।
पीड़ितों का आरोप है कि रकम वापस मांगने पर उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। जांच के लिए विशेष टीम गठित की गई है और आरोपियों की तलाश की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में यह संगठित गिरोह प्रतीत हो रहा है, जो लंबे समय से नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों को निशाना बना रहा था। अधिकारियों ने युवाओं से अपील की है कि सरकारी नौकरी के नाम पर किसी भी अनजान व्यक्ति को रकम न दें और किसी भी संदिग्ध प्रस्ताव की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
