नई दिल्ली- राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सुरक्षा एजेंसियों ने एक चौंकाने वाला मामला उजागर किया है। क्राइम ब्रांच ने एक 45 वर्षीय महिला को उस समय हिरासत में लिया, जब वह अत्यधिक सुरक्षित इलाकों में फर्जी राजनयिक नंबर प्लेट लगी एसयूवी से आवाजाही कर रही थी। गणतंत्र दिवस से पहले और हालिया विस्फोट की घटनाओं को देखते हुए इस प्रकरण को राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़कर गंभीरता से जांचा जा रहा है।
पुलिस को खुफिया इनपुट मिला था कि एक महिला संदिग्ध तरीके से दूतावासों और संवेदनशील इलाकों के आसपास बार-बार देखी जा रही है। सूचना के आधार पर एंटी-एक्सटॉर्शन एंड किडनैपिंग सेल की टीम ने वसंत विहार इलाके में टोयोटा इनोवा वाहन को रोका। तलाशी के दौरान वाहन से एक अतिरिक्त फर्जी नंबर प्लेट भी बरामद हुई, जो विदेशी मिशनों में इस्तेमाल होने वाली प्लेट जैसी प्रतीत हो रही थी।
पूछताछ के दौरान महिला ने खुद को एक विदेशी दूतावास से जुड़ा बताने की कोशिश की, लेकिन वह किसी भी दूतावास से संबंधित वैध दस्तावेज या पहचान प्रस्तुत नहीं कर सकी। इसके बाद उसे अपराध शाखा कार्यालय ले जाकर गहन पूछताछ शुरू की गई।
जांच में सामने आया है कि महिला ने जांच से बचने और प्रतिबंधित क्षेत्रों में बिना रोक-टोक प्रवेश पाने के लिए जानबूझकर वाहन पर फर्जी प्लेट लगाई थी। महिला ने दावा किया कि वह एक राजनीतिक दल से जुड़ी रही है और पूर्व में विदेश से जुड़े संस्थानों के साथ परामर्श कार्य कर चुकी है। पुलिस उसके दावों की सत्यता की पुष्टि कर रही है और यह भी जांच की जा रही है कि वह इस तरीके से किन-किन इलाकों में गई।
गणतंत्र दिवस से पहले मेट्रो पार्किंग की सुरक्षा पर सवाल, दर्जनों मामले दर्ज
इसी बीच राजधानी में सुरक्षा समीक्षा के दौरान दिल्ली मेट्रो की पार्किंग व्यवस्था में गंभीर खामियां उजागर हुई हैं। गणतंत्र दिवस को लेकर सख्त सुरक्षा इंतजामों के बीच मेट्रो पुलिस की जांच में सामने आया कि कई पार्किंग स्थलों पर बुनियादी सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा।
जांच के दौरान पाया गया कि कई पार्किंग कर्मचारियों के पास न तो वर्दी है और न ही पहचान पत्र। कई स्थानों पर वाहनों की जांच बिना किसी सुरक्षा उपकरण के की जा रही थी। न तो डिग्गी और बोनट की जांच हो रही थी और न ही विस्फोटक जांच दर्पण का उपयोग किया जा रहा था।
मेट्रो पुलिस ने अभियान के तहत सौ से अधिक पार्किंग स्थलों, दुकानों और मॉल परिसरों की जांच की, जिसमें सुरक्षा में लापरवाही सामने आई। इसके बाद पुलिस ने करीब दो दर्जन पार्किंग संचालकों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए केस दर्ज किए हैं और व्यवस्था सुधारने के निर्देश जारी किए हैं।
अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा में किसी भी स्तर पर चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी कर्मचारियों के सत्यापन और प्रशिक्षण को अनिवार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। राजधानी की सुरक्षा को लेकर आने वाले दिनों में जांच अभियान और तेज किया जाएगा।
