QR Code Scam: उत्तरी जिला साइबर थाना पुलिस ने क्यूआर कोड से जुड़ी एक नई तरह की साइबर ठगी का खुलासा करते हुए 19 वर्षीय युवक को राजस्थान के जयपुर से गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान मनीष वर्मा के रूप में हुई है, जिसने एआई तकनीक की मदद से दुकानदारों के क्यूआर कोड में छेड़छाड़ कर देशभर में सैकड़ों व्यापारियों को चूना लगाया।
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी पहले इंटरनेट के जरिए बड़े और नामी स्टोर्स पर फोन कर सामान खरीदने की इच्छा जताता था। इसके बाद वह दुकानदार से भुगतान के लिए क्यूआर कोड मंगवाता और एआई आधारित इमेज एडिटिंग एप के जरिए उसी क्यूआर कोड को अपने बैंक अकाउंट से लिंक कर देता था। खास बात यह थी कि वह क्यूआर कोड पर दर्ज दुकानदार का नाम नहीं बदलता था, जिससे किसी को शक न हो।
बदला हुआ क्यूआर कोड आरोपी दोबारा दुकानदार को भेज देता था, जिसे दुकानदार अपने मोबाइल में सेव कर लेता था। बाद में जब भी उसी क्यूआर कोड से भुगतान लिया जाता, रकम सीधे आरोपी के खाते में ट्रांसफर हो जाती थी। इस तरीके से आरोपी ने देश के अलग-अलग राज्यों में 100 से अधिक कारोबारियों को ठगी का शिकार बनाया।
इस ठगी का खुलासा चांदनी चौक में लहंगा खरीदारी के दौरान हुई 1.40 लाख रुपये की धोखाधड़ी के बाद हुआ। शिकायत मिलने पर साइबर थाना पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की और ट्रांजैक्शन का पीछा करते हुए रकम को जयपुर स्थित एक बैंक खाते तक ट्रेस किया। इसके बाद पुलिस टीम ने जयपुर-चकसू इलाके से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
उत्तरी जिला के डीसीपी राजा बांठिया ने बताया कि आरोपी के मोबाइल फोन से 100 से अधिक क्यूआर कोड, चैट रिकॉर्ड, स्क्रीनशॉट और पेमेंट से जुड़े दस्तावेज बरामद हुए हैं। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसे यह तरीका एक साउथ इंडियन फिल्म देखने के बाद सूझा था और उसने यूट्यूब से तकनीकी जानकारी हासिल की। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह से और कौन-कौन लोग जुड़े हैं।
