बागपत: बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी पारा एक बार फिर चढ़ गया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने भाजपा और चुनाव आयोग पर गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए कहा कि बिहार में चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने की “संगठित कोशिश” हुई। अजय राय का दावा है कि बड़ी संख्या में वोट हटाए गए और उच्च स्तर पर मिलीभगत कर चुनाव परिणामों को प्रभावित किया गया।
बड़ौत के दिल्ली रोड स्थित कांग्रेस कार्यालय में कार्यकर्ताओं से बातचीत के दौरान अजय राय ने कहा कि बिहार चुनाव के दौरान लोकतांत्रिक मूल्यों पर खुला हमला किया गया। उनके अनुसार, “करीब 65 लाख वोट गायब कर दिए गए। जिस होटल में मैं रुका था, उसकी दूसरी विंग में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी ठहरे थे और वहीं से गुजरात के एक ऑब्जर्वर को बुलाकर पूरा खेल कराया गया।”
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासनिक तंत्र पर भी सरकार का दबाव साफ दिखा, क्योंकि थानों, ब्लॉकों से लेकर बिजली विभाग तक में “दलाली और दबाव” का माहौल है। राय ने कहा कि सरकार विरोधियों पर फर्जी मुकदमे लगाकर आम लोगों को परेशान कर रही है।
राष्ट्रीय सुरक्षा पर सवाल उठाते हुए उन्होंने दिल्ली, पुलवामा, उरी और पठानकोट जैसे हमलों का जिक्र किया। राय ने कहा कि “आज तक यह नहीं बताया गया कि इतनी मात्रा में आरडीएक्स आखिर आया कहां से?” उन्होंने आरोप लगाया कि इन हमलों में यूपी के कई जवान शहीद हुए, लेकिन उनके परिवारों को अब तक उचित मदद नहीं मिली।
किसानों की समस्याओं पर बोलते हुए राय ने कहा कि “400 रुपये क्विंटल का गन्ना मूल्य सिर्फ घोषणा है, भुगतान फिलहाल रुका हुआ है, जिससे किसान बेहद परेशान हैं।”
सोनभद्र हादसे पर उन्होंने सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि अवैध खनन का जिम्मा सीधा सरकारी तंत्र पर है, क्योंकि मुख्यमंत्री स्वयं मौके पर मौजूद थे। उन्होंने मृतक परिवारों को 1 करोड़ रुपये मुआवजा, सरकारी नौकरी और जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। अजय राय ने कहा कि कांग्रेस 2027 के चुनाव की तैयारी में पूरी मजबूती से जुटी है, लेकिन “लोकतंत्र को बचाने के लिए जनता का साथ जरूरी है।”
