Bihar Election 2025: बिहार चुनाव में एनडीए की बंपर जीत के बाद देश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। नतीजों के बाद जहां एक ओर एनडीए जश्न मना रहा है, वहीं दूसरी ओर केरल कांग्रेस ने चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए नया विवाद खड़ा कर दिया है। पार्टी का कहना है कि मतदाता सूचियों से बड़े पैमाने पर वैध वोटरों के नाम हटाए जाने ने चुनाव नतीजों को प्रभावित किया है।
केरल कांग्रेस का दावा है कि एनडीए की 202 सीटों में से 128 सीटों पर मिली जीत कथित रूप से मतदाता सूची में हुए “मनमाने नाम विलोपन” का नतीजा है। पार्टी के अनुसार, विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान हजारों वास्तविक वोटरों को सूची से हटाया गया, जबकि अवैध मतदाताओं की पहचान के नाम पर शुरू की गई यह प्रक्रिया अपने उद्देश्य में बिल्कुल भी खरी नहीं उतरी।
केरल कांग्रेस ने क्या कहा?
पार्टी ने चुनाव आयोग द्वारा कोर्ट के आदेश पर जारी किए गए मतदाता विलोपन डेटा का विश्लेषण किया और हर सीट के जीत-हार के अंतर से जोड़ा। उनके मुताबिक हटाए गए नामों में अधिकतर “जिंदा और असली” वोटर थे। अवैध प्रवासियों की पहचान के नाम पर किए गए इस अभियान में एक भी विदेशी नागरिक नहीं मिला-न बांग्लादेश से, न म्यांमार से, न नेपाल से। सबसे अधिक नाम गरीब, कमजोर और हाशिए पर पड़े तबकों के हटाए गए, जिससे चुनावी संतुलन बिगड़ा।
पार्टी ने प्रधानमंत्री के “लोकतंत्र की जननी” वाले बयान पर तंज करते हुए कहा कि यदि इस पैटर्न को अनदेखा किया गया, तो आने वाले समय में “वोटर लिस्ट से नागरिकों को हटाने का खेल” और तेज हो सकता है।
चिराग पासवान का पलटवार
केरल कांग्रेस के आरोपों का एनडीए ने जोरदार विरोध किया। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि विपक्ष चुनाव हारते ही ईवीएम, अधिकारियों और प्रक्रियाओं पर सवाल उठाने में लग जाता है। उनके मुताबिक— “हार का कारण खोजने के बजाय विपक्ष यदि आत्ममंथन करे तो बेहतर रहेगा।”
बिहार चुनाव में किसे क्या मिला?
इस बार एनडीए ने 202 सीटों के साथ भारी बहुमत दर्ज किया—
भाजपा: 89
जेडीयू: 85
एलजेपी (आरवी): 19
HAMS: 5
राष्ट्रीय लोक मोर्चा: 4
वहीं, महागठबंधन मुश्किल से 35 सीटों पर सिमट गया—
आरजेडी: 25
कांग्रेस: —06
CPI(ML): 2
CPM: 1
अन्य: AIMIM को 5 और BSP को 1 सीट मिली।
प्रशांत किशोर की नई पार्टी जनसुराज खाता भी नहीं खोल सकी।
