Bangladesh Election 2026: बांग्लादेश में करीब डेढ़ वर्ष के राजनीतिक उथल-पुथल के बाद आम चुनाव कराए जा रहे हैं। यह चुनाव न केवल देश की आंतरिक राजनीति बल्कि दक्षिण एशिया की रणनीतिक दिशा तय करने वाले माने जा रहे हैं। भारत, अमेरिका, चीन और पाकिस्तान सहित कई देशों की नजरें इस चुनाव पर टिकी हुई हैं।
शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद से देश में राजनीतिक अस्थिरता और धार्मिक तनाव की घटनाएं बढ़ी हैं। ऐसे माहौल में मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के तहत यह पहला आम चुनाव हो रहा है। हालांकि चुनाव की पारदर्शिता को लेकर विपक्षी दलों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने सवाल उठाए हैं, क्योंकि सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी अवामी लीग को चुनाव लड़ने से प्रतिबंधित कर दिया गया है।
मतदान प्रक्रिया
चुनाव आयोग के अनुसार मतदान सुबह 7:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक हो रहा है। इस बार मतदान बैलेट पेपर से कराया जा रहा है। पहली बार प्रवासी नागरिकों के लिए पोस्टल बैलेट की सुविधा भी शुरू की गई है। मतदाता संसदीय सीटों के साथ एक संवैधानिक जनमत संग्रह पर भी मतदान कर रहे हैं, जिसमें प्रधानमंत्री के कार्यकाल की सीमा और न्यायिक नियुक्ति आयोग जैसे अहम प्रस्ताव शामिल हैं।
299 सीटों पर मतदान हो रहा है। वोटों की गिनती मतदान समाप्ति के तुरंत बाद शुरू होगी और रुझान देर रात तक सामने आने की संभावना है। आधिकारिक नतीजों की घोषणा 13 फरवरी को की जा सकती है।
कितने दल और उम्मीदवार?
इस चुनाव में 59 राजनीतिक दल मैदान में हैं। प्रमुख मुकाबला बीएनपी गठबंधन और जमात-ए-इस्लामी समर्थित गठबंधन के बीच माना जा रहा है। कुल 1,981 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं, जिनमें 76 महिलाएं शामिल हैं।
मतदाता प्रोफाइल
देश में कुल 12.77 करोड़ पंजीकृत मतदाता हैं। इनमें लगभग 6.48 करोड़ पुरुष और 6.28 करोड़ महिलाएं हैं। 45 लाख से अधिक युवा पहली बार वोट डाल रहे हैं, जबकि 18 से 37 वर्ष आयु वर्ग के मतदाता लगभग 5.6 करोड़ हैं।
धार्मिक और राजनीतिक हिंसा
मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, अगस्त 2024 के बाद से अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ 2,000 से अधिक हिंसक घटनाएं दर्ज की गई हैं। हत्या, महिलाओं के खिलाफ अपराध और धार्मिक स्थलों पर हमलों की घटनाओं ने चिंता बढ़ाई है। राजनीतिक हिंसा के मामलों में भी तेजी आई है, खासकर चुनाव से पहले के महीनों में।
सुरक्षा इंतजाम
चुनाव को शांतिपूर्ण बनाने के लिए 92,500 सैन्य कर्मियों को तैनात किया गया है। देशभर के 42,761 मतदान केंद्रों पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। 330 अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षक चुनाव प्रक्रिया पर नजर रख रहे हैं।
प्रमुख चुनावी मुद्दे
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संवैधानिक सुधार
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महंगाई और बेरोजगारी
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भ्रष्टाचार
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भारत के साथ संबंध और तीस्ता जल विवाद
इन चुनावों का परिणाम तय करेगा कि बांग्लादेश राजनीतिक स्थिरता की ओर बढ़ता है या अस्थिरता का दौर जारी रहता है।
