नई दिल्ली- देशभर में पिछले महीनों में ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामलों में तेज़ उछाल देखने को मिला है। अनजान कॉल, फर्जी लिंक और निवेश के नाम पर लोगों से अरबों रुपये ठगे जा रहे थे। ऐसी बढ़ती वारदातों पर रोक लगाने के लिए दिल्ली पुलिस ने व्यापक स्तर पर विशेष अभियान चलाया, जिसमें साइबर अपराधियों की कमर तोड़ने का लक्ष्य रखा गया।
पुलिस ने इस मिशन को ऑपरेशन ‘साइबर हॉक’ (CYHAWK) नाम दिया। करीब 48 घंटे तक चले इस सामूहिक अभियान में स्पेशल सेल की IFSO टीम, क्राइम ब्रांच और दिल्ली के 15 जिलों की पुलिस इकाइयों ने संयुक्त रूप से छापेमारी की। इस दौरान राजधानी के अलग-अलग इलाकों से 700 से ज्यादा व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया, जो ऑनलाइन ठगी के विभिन्न नेटवर्कों से जुड़े थे।
जांच में सामने आया कि पकड़े गए कई आरोपी एक संगठित वित्तीय जाल का हिस्सा थे, जिसके माध्यम से लगभग 1000 करोड़ रुपये की संदिग्ध लेनदेन श्रृंखला चल रही थी। इसी नेटवर्क का इस्तेमाल कर करोड़ों रुपये की ठगी आम नागरिकों से की जाती थी।
दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के अनुसार, यह अभियान साइबर अपराध पर नकेल कसने के लिए सबसे बड़े संयुक्त प्रयासों में से एक है। आने वाले दिनों में धन के प्रवाह, खातों की गतिविधियों और डिजिटल ट्रेल की गहराई से जांच की जाएगी ताकि इन नेटवर्कों के पीछे मौजूद मास्टरमाइंड तक पहुँचा जा सके।
