देहरादून: जिलाधिकारी सविन बंसल ने अपने कार्यालय में आयोजित जनता दरबार में आमजन की समस्याओं को धैर्यपूर्वक सुना और तत्काल समाधान की कार्यवाही शुरू की। जन सुनवाई के दौरान लगभग 170 शिकायतें सामने आईं, जिनमें बिजली, पानी, सड़क और राजस्व से संबंधित प्रकरण सबसे अधिक रहे।
मुख्यमंत्री के ‘अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति’ के संकल्प पर जोर
इस मौके पर डीएम बंसल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के उस संकल्प को दोहराया कि दूर-दराज के क्षेत्रों में रहने वाले बुजुर्ग, महिलाएं, बच्चे और वंचित वर्ग को प्राथमिकता के आधार पर राहत और समाधान मिले।
उन्होंने कहा कि चाहे मुख्यालय में जन सुनवाई हो, बहुद्देशीय शिविर हों या फिर दूरस्थ क्षेत्रों में आयोजित चौपाल — हर जगह त्वरित समाधान पर ही फोकस किया जा रहा है।
दूरस्थ क्षेत्रों में भी अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित
डीएम ने बताया कि हर सोमवार की नियमित जन सुनवाई के अलावा अधिकारी समय-समय पर दूरस्थ क्षेत्रों में पूरा दिन बिताते हैं ताकि ग्रामीणों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए शहर न आना पड़े।
उन्होंने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य है कि ‘समाधान वहीं, जहां समस्या’ की भावना को मजबूत किया जाए।
मौके पर निस्तारण और डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम में दर्ज
जनता दरबार में कई शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया गया, जबकि जिन मामलों में अन्य विभागों की रिपोर्ट या कानूनी स्पष्टीकरण आवश्यक था, उन्हें समयबद्ध कर डिजिटल नेटवर्क मॉनिटरिंग सिस्टम में दर्ज किया गया है, जिससे निरंतर फॉलोअप सुनिश्चित हो सके।
अधिकारियों को सख्त निर्देश
डीएम बंसल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राथमिकता वाले मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि हर शिकायत का समाधान गुणवत्तापूर्ण तरीके से और समय सीमा के भीतर होना चाहिए।
मीडिया से बातचीत में कहा—“जनता की समस्याओं का समाधान सर्वोच्च प्राथमिकता”
जनता दरबार के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा: “मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का स्पष्ट निर्देश है कि जनता की समस्याओं का समाधान सबसे ऊपर है, और हम इसी दिशा में पूरी ताकत से काम कर रहे हैं।”
