नई दिल्ली – फरीदाबाद में गिरफ्तार की गई डॉ. शाहीन सईद पर आरोप है कि वह सफेदपोश चरमपंथी मॉड्यूल से जुड़ी थीं और प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद की महिला शाखा जमात-उल-मोमिनात से संबंध रखती थीं। उनकी लिंक्डइन प्रोफ़ाइल की जांच में कई अंतरराष्ट्रीय संपर्कों के संकेत मिले हैं। लिंक्डइन पर उपलब्ध सूचनाएँ यह भी दर्शाती हैं कि संभवतः उनका पाकिस्तानी सैन्य हलकों से जुड़ाव रहा हो सकता है।
लिंक्डइन पर डॉक्टर शाहीन को जिन लोगों ने कौशल-प्रमाणन (Endorsement) दिया है, उनमें परवेज उल हसन भी शामिल हैं, जो पाकिस्तानी सेना से जुड़ी मेडिकल संस्थाओं में कार्यरत रहे हैं। परवेज फिलहाल बहावलपुर स्थित सीएमएच इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (CIMS) में नियुक्त हैं। उनके प्रोफ़ाइल से यह भी सामने आता है कि वे पहले पेशावर में पाकिस्तानी वायुसेना की मेडिकल यूनिट में निदेशक रहने के साथ-साथ रावलपिंडी में सैन्य कैंटीन स्टोर्स विभाग (CSD) के मानव संसाधन निदेशक भी रह चुके हैं।
सीएमएच इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, बहावलपुर की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार यह कॉलेज पाकिस्तानी सेना के संरक्षण में संचालित होता है और मार्च 2017 में इसका उद्घाटन तत्कालीन सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने किया था।
हालाँकि केवल लिंक्डइन पर किसी के द्वारा दिए गए एंडोर्समेंट को शाहीन और पाकिस्तानी सैन्य नेटवर्क के बीच सीधे संबंध का प्रमाण नहीं माना जा सकता, लेकिन यह उनके संभावित संपर्कों पर संदेह अवश्य पैदा करता है।
