देहरादून। दिवाली के अवसर पर उल्लू के शिकार की घटनाएं अक्सर सामने आती हैं, लेकिन इस बार वन विभाग ने इस पर कड़ा रुख अपनाया है। उत्तराखंड के वन मंत्री सुबोध उनियाल ने बताया कि विभाग उल्लू के अवैध शिकार पर रोक लगाने के लिए अलर्ट मोड पर है और एंटी पोचिंग सेल को सक्रिय कर दिया गया है।
आधुनिक तकनीकों से हो रही रोकथाम
वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि इस बार वन विभाग के कर्मियों को बेहतर हथियार और आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि किसी भी तरह की शिकार गतिविधि को तुरंत रोका जा सके। उन्होंने बताया कि अब विभाग ए.आई. (Artificial Intelligence) टेक्नोलॉजी और ड्रोन निगरानी का भी उपयोग कर रहा है, जिससे शिकार की घटनाओं की पहचान और रोकथाम में तेजी आई है।
पहले से काफी कम हुई पोचिंग की घटनाएँ
पिछले कुछ वर्षों में वन्यजीवों की पोचिंग घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आई है, जो तकनीकी निगरानी और सख्त कार्यवाही का परिणाम है। उत्तराखंड के वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि “दिवाली के दौरान उल्लू के शिकार पर हमारी विशेष नजर है। एंटी पोचिंग सेल और एआई टेक्नोलॉजी के जरिए निगरानी बढ़ाई गई है ताकि ऐसी घटनाओं पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके।”
