मेरठ: शहर में साइबर अपराधियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। बीते तीन दिनों के भीतर अलग-अलग तरीकों से साइबर ठगों ने एक डॉक्टर, एक कपड़ा व्यापारी और एक महिला को निशाना बनाकर करीब 1.03 करोड़ रुपये की ठगी को अंजाम दिया है। किसी मामले में शेयर ट्रेडिंग में मोटे मुनाफे का झांसा दिया गया तो कहीं खुद को सेना का अधिकारी बताकर भरोसा जीता गया। तीनों मामलों में साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
सेना अधिकारी बनकर डॉक्टर से ठगी
आनंदा हाइट निवासी पेट एवं लिवर रोग विशेषज्ञ डॉ. नित्यानंद शर्मा को साइबर ठगों ने फर्जी पहचान के जाल में फंसा लिया। 19 दिसंबर को सतीश नामक व्यक्ति ने खुद को आर्मी ऑफिसर बताते हुए 25 जवानों के मेडिकल परीक्षण की बात कही। 29 जनवरी को ऑनलाइन भुगतान के बहाने डॉक्टर के बैंक खाते तक पहुंच बना ली गई। इसके बाद अलग-अलग सात ट्रांजैक्शन के जरिए 1.52 लाख रुपये निकाल लिए गए। खाते से पैसे कटने के मैसेज आने पर डॉक्टर को ठगी का पता चला और उन्होंने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई।
शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 92 लाख की चपत
शास्त्रीनगर सेक्टर-ए निवासी कपड़ा व्यापारी अश्वनी कुमार खुराना को शेयर बाजार में बड़े मुनाफे का सपना दिखाकर ठगों ने उनकी जीवनभर की कमाई हड़प ली। ठगों ने मोतीलाल ओसवाल सिक्योरिटी के नाम से फर्जी अकाउंट खुलवाया और दिसंबर से जनवरी के बीच लगातार निवेश कराया। कुल 92.83 लाख रुपये जमा कराने के बाद जब व्यापारी ने रकम निकालने की कोशिश की, तो अकाउंट बंद मिला। इसके बाद उन्हें ठगी का अहसास हुआ और साइबर पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
महिला को फर्जी मुनाफे से फंसाया
सरधना रोड निवासी अंकिता सिंह को फेसबुक के माध्यम से शेयर बाजार में निवेश का लालच दिया गया। शुरुआत में थोड़े मुनाफे दिखाकर विश्वास जीता गया। इसके बाद आईपीओ अलॉटमेंट, ब्रोकरेज और अन्य चार्ज के नाम पर लगातार पैसे जमा कराए गए। कुल 7.60 लाख रुपये देने के बावजूद जब रकम वापस नहीं मिली और और पैसे मांगे गए, तब ठगी का खुलासा हुआ। पीड़िता की शिकायत पर साइबर थाने में एफआईआर दर्ज की गई है।
