आमतौर पर अस्पताल ख़बरों में तभी आते हैं जब कहीं कोई गड़बड़ हो जाए. इसे स्वास्थ्य सेवाओं और समाचार जगत का जटिल अंतर्संबंध माना जा सकता है लेकिन अगर सब कुछ सामान्य हो तो फिर ख़बर ही क्या है? हालांकि ऐसा हमेशा नहीं होता और कभी-कभी अच्छी चीज़ें भी ख़बरों में जगह बना लेती हैं बशर्ते कि वह उल्लेखनीय या सामान्य से हटकर हों. दून अस्पताल के नेत्र विभाग ने एक बार फिर सकारात्मक वजह से ख़़बरों में जगह बनाई है.
दरअसल देश-विदेश में कहीं भी इलाज करवाने में सक्षम एक व्यक्ति न सिर्फ़ दून अस्पताल के नेत्र विभाग में इलाज करवाकर संतुष्ट हुए बल्कि उन्होंने इसे मुंबई के महंगे निजी अस्पताल से भी बेहतर करार दिया. बात 71 वर्षीय नरेश तलवार की हो रही है जो दुबई के गोल्डन वीज़ा धारक हैं. वह देहरादून आए हुए हैं. उनकी बाईं आंख में मोतियाबिन्द की शिकायत हुई तो उन्होंने इसके इलाज के लिए पता करना शुरू किया.
दून अस्पताल का ट्रीटमेंट बेहतर
सोशल मीडिया और देहरादून के दोस्तों से उन्हें दून मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के यूनिट हेड और प्रोफ़ेसर डॉक्टरक्टर सुशील ओझा से ऑपरेशन करवाने की सलाह मिली. साथ ही यह भी पता चला अस्पताल का नेत्र रोग विभाग आधुनिकतम उपकरणों से सुसज्जित है. यहां बिना इंजेक्शन के, ड्रॉप से ही सुन्न करके, मात्र 2.2mm incision से ऑपरेशन किए जाते हैं.
तलवार बताते हैं, “सब कुछ पता करके मैंने शनिवार (26 जुलाई, 2025) को दून चिकित्सालय में डॉक्टरक्टर सुशील ओझा को दिखाया. ज़रूरी जांचों के बाद सोमवार (28 जुलाई, 2025) को बिना इंजेक्शन से सुन्न करे मेरा सफल ऑपरेशन किया गया.”
“दाईं आंख का ऑपरेशन मैंने मुंबई के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में करवाया था. दून हॉस्पिटल में मुझे उससे भी बेहतर ट्रीटमेंट हासिल हुआ. मैं उत्तराखंड सरकार को भी विश्व स्तरीय चिकित्सा सेवा देने के लिए बधाई देता हूं.”
पर्दे के इलाज की सुविधा भी जल्द ही
निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉक्टरक्टर आशुतोष सयाना ने टीम को बधाई दी. साथ ही यह भी बताया कि दून मेडिकल कॉलेज को चिकित्सा क्षेत्र में अगले 5 वर्षों में टॉप 100 मेडिकल कॉलेज में ले जाना है.
प्राचार्या डॉक्टर गीता जैन तथा विभागाध्यक्ष डॉक्टर शांति पांडे ने बताया की नेत्र रोग विभाग को अपग्रेड किया जा रहा है. पर्दे का इलाज की सुविधा और नेत्र बैंक (EYE Bank) की स्थापना भी जल्द कर दी जाएगी.
चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर आरएस. बिष्ट और डॉक्टर नंदन सिंह बिष्ट ने टीम को बधाई दी.
सर्जरी की टीम में डॉक्टर सुशील ओझा, डॉक्टर दुष्यंत उपाध्याय, डॉक्टर नीरज सारस्वत, डॉक्टर नितेश यादव, डॉक्टर सचिव रोहिल्ला , डॉक्टर अन्शु, ब्रदर शैलेश राणा , सिस्टर वाणी मौजूद रहे.
