Breaking News
अहमदाबाद टी20 फाइनल के लिए रेलवे की स्पेशल ट्रेन, नई दिल्ली से आज रात होगी रवाना
अहमदाबाद टी20 फाइनल के लिए रेलवे की स्पेशल ट्रेन, नई दिल्ली से आज रात होगी रवाना
शानदार टीमवर्क से जीता दिल, विक्रम-अजिंक्य ने अपने नाम की मास्टरशेफ इंडिया की ट्रॉफी
शानदार टीमवर्क से जीता दिल, विक्रम-अजिंक्य ने अपने नाम की मास्टरशेफ इंडिया की ट्रॉफी
जन औषधि केंद्र आज करोड़ों जरूरतमंद लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं- मुख्यमंत्री धामी
जन औषधि केंद्र आज करोड़ों जरूरतमंद लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं- मुख्यमंत्री धामी
छत्रपति हत्याकांड में डेरा प्रमुख को हाईकोर्ट से राहत, तीन दोषियों की उम्रकैद बरकरार
छत्रपति हत्याकांड में डेरा प्रमुख को हाईकोर्ट से राहत, तीन दोषियों की उम्रकैद बरकरार
कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने नेपाल चुनाव में बालेंद्र शाह की प्रचंड जीत पर दी बधाई
कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने नेपाल चुनाव में बालेंद्र शाह की प्रचंड जीत पर दी बधाई
सार्वजनिक संपत्ति और सौन्दर्यीकरण कार्यों को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई- बंशीधर तिवारी
सार्वजनिक संपत्ति और सौन्दर्यीकरण कार्यों को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई- बंशीधर तिवारी
चारधाम यात्रा के लिए सरकार पूरी तरह से तैयार- महाराज
चारधाम यात्रा के लिए सरकार पूरी तरह से तैयार- महाराज
टिहरी झील बनेगी विश्व में पर्यटन-खेल का प्रमुख केंद्र- सीएम
टिहरी झील बनेगी विश्व में पर्यटन-खेल का प्रमुख केंद्र- सीएम
घर से ही शुरू होगा महिला सशक्तिकरण- रेखा आर्या
घर से ही शुरू होगा महिला सशक्तिकरण- रेखा आर्या

विदेशी भाषा से नहीं, अपनी भाषा से बनेगा सशक्त भारत- गृह मंत्री अमित शाह

विदेशी भाषा से नहीं, अपनी भाषा से बनेगा सशक्त भारत- गृह मंत्री अमित शाह

गृह मंत्री बोले– अंग्रेजी बोलने का दिखावा अब शर्म की वजह बनेगा

नई दिल्ली। “भारतीय भाषाएं केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, अस्मिता और आत्मगौरव की पहचान हैं।” यह बात केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को एक कार्यक्रम के दौरान कही। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है जब भारत अपनी भाषाई विरासत को पुनर्जीवित कर दुनिया का नेतृत्व देशी भाषाओं के माध्यम से करे।

भारतीय भाषाओं की भूमिका पर जोर देते हुए अमित शाह ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की आत्मा उसकी भाषा में बसती है। उन्होंने कहा कि अंग्रेजी बोलने को लेकर समाज में जो दिखावा और आत्मगौरव है, वह जल्द ही खत्म होगा। शाह ने कहा कि “अब वह समय दूर नहीं जब भारत में अंग्रेजी बोलने वाले स्वयं को असहज महसूस करेंगे,”।

शाह ने कहा कि भारत की भाषाएं केवल संप्रेषण का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति की अमूल्य धरोहर हैं। “विदेशी भाषा के सहारे न तो हम अपने इतिहास को समझ सकते हैं और न ही अपनी जड़ों को। जब तक हम अपनी भाषा से नहीं जुड़ते, हम सच्चे भारतीय नहीं बन सकते,”।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘पंच प्रण’ का उल्लेख करते हुए गृह मंत्री ने बताया कि ये पांच संकल्प—विकसित भारत का निर्माण, गुलामी की मानसिकता से मुक्ति, अपनी विरासत पर गर्व, एकता और एकजुटता तथा नागरिक कर्तव्यों का पालन—2047 तक भारत को एक समृद्ध राष्ट्र बनाने की दिशा में मार्गदर्शक हैं। इन लक्ष्यों की प्राप्ति में भारतीय भाषाएं एक प्रमुख भूमिका निभाएंगी।

अमित शाह ‘मैं बूंद स्वयं, खुद सागर हूं’ पुस्तक के विमोचन कार्यक्रम में बोल रहे थे, जिसे पूर्व आईएएस अधिकारी आशुतोष अग्निहोत्री ने लिखा है। इस दौरान उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों की प्रशिक्षण पद्धति पर भी सवाल उठाया और उसमें सहानुभूति के भाव को शामिल करने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि वर्तमान मॉडल अभी भी औपनिवेशिक मानसिकता से प्रेरित है, जबकि भारत को ऐसा तंत्र चाहिए जो मानवीय संवेदनाओं को समझे और साथ लेकर चले।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top