Breaking News
कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने नेपाल चुनाव में बालेंद्र शाह की प्रचंड जीत पर दी बधाई
कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने नेपाल चुनाव में बालेंद्र शाह की प्रचंड जीत पर दी बधाई
सार्वजनिक संपत्ति और सौन्दर्यीकरण कार्यों को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई- बंशीधर तिवारी
सार्वजनिक संपत्ति और सौन्दर्यीकरण कार्यों को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई- बंशीधर तिवारी
चारधाम यात्रा के लिए सरकार पूरी तरह से तैयार- महाराज
चारधाम यात्रा के लिए सरकार पूरी तरह से तैयार- महाराज
टिहरी झील बनेगी विश्व में पर्यटन-खेल का प्रमुख केंद्र- सीएम
टिहरी झील बनेगी विश्व में पर्यटन-खेल का प्रमुख केंद्र- सीएम
घर से ही शुरू होगा महिला सशक्तिकरण- रेखा आर्या
घर से ही शुरू होगा महिला सशक्तिकरण- रेखा आर्या
95 बीघा जमीन का सौदा कर लिया एडवांस, बैनामा मांगने पर दी जान से मारने की धमकी
95 बीघा जमीन का सौदा कर लिया एडवांस, बैनामा मांगने पर दी जान से मारने की धमकी
देवभूमि के विकास की गूंज अब राष्ट्रीय मंच पर
देवभूमि के विकास की गूंज अब राष्ट्रीय मंच पर
प्रदेश में खुलेंगे 3 नए जिला सहकारी बैंक- डॉ. धन सिंह रावत
प्रदेश में खुलेंगे 3 नए जिला सहकारी बैंक- डॉ. धन सिंह रावत
नोएडा में होली खेलते समय प्रॉपर्टी डीलर की गोली मारकर हत्या, युवती समेत चार हिरासत में
नोएडा में होली खेलते समय प्रॉपर्टी डीलर की गोली मारकर हत्या, युवती समेत चार हिरासत में

भारतीय शिक्षिका रूबल नागी को ग्लोबल टीचर प्राइज 2026, 10 लाख डॉलर का मिला सम्मान

भारतीय शिक्षिका रूबल नागी को ग्लोबल टीचर प्राइज 2026, 10 लाख डॉलर का मिला सम्मान

Global Teacher Prize 2026 to Rubal Negi: भारतीय शिक्षिका और सामाजिक कार्यकर्ता रूबल नागी ने शिक्षा के क्षेत्र में दुनिया का सबसे प्रतिष्ठित सम्मान ग्लोबल टीचर प्राइज 2026 अपने नाम किया है। यह पुरस्कार उन्हें दुबई में आयोजित वर्ल्ड गवर्नमेंट समिट के दौरान प्रदान किया गया, जिसमें उनके साथ 10 लाख डॉलर (करीब 8 करोड़ रुपये) की पुरस्कार राशि भी दी गई।

रूबल नागी को यह सम्मान उनकी अनोखी शिक्षण पहल के लिए मिला, जिसमें उन्होंने उपेक्षित और जर्जर दीवारों को इंटरैक्टिव शैक्षिक भित्ति चित्रों में बदल दिया। ये दीवारें बच्चों को पढ़ना-लिखना, गणित, सार्वजनिक स्वास्थ्य, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों को सरल और रोचक तरीके से सिखाती हैं।

कला के जरिए शिक्षा से जुड़े 10 लाख बच्चे

पिछले दो दशकों में रूबल नागी ने कला को शिक्षा का माध्यम बनाकर देशभर में 10 लाख से अधिक बच्चों को स्कूल से जोड़ने में अहम भूमिका निभाई है। उन्हें 139 देशों से आए 5,000 से ज्यादा नामांकनों में से चुना गया।

800 से ज्यादा शिक्षा केंद्र

रूबल नागी आर्ट फाउंडेशन के माध्यम से उन्होंने भारत के अलग-अलग राज्यों में 800 से अधिक शिक्षा केंद्र स्थापित किए हैं। ये केंद्र 100 से ज्यादा वंचित समुदायों और गांवों में बच्चों के लिए सुरक्षित, रचनात्मक और प्रेरणादायक सीखने का माहौल उपलब्ध कराते हैं।

इन केंद्रों के जरिए स्कूल छोड़ चुके बच्चों को दोबारा शिक्षा से जोड़ने, पढ़ाई में सहयोग देने, मानसिक-सामाजिक सहायता और रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से आगे बढ़ने का मौका मिलता है।

‘सीखने की जीवंत दीवारें’ बनीं बदलाव की पहचान

रूबल नागी की शिक्षा पद्धति की पहचान है ‘सीखने की जीवंत दीवारें’। इस मॉडल में बेकार पड़ी दीवारों को खुली कक्षाओं में बदला जाता है, जहां बच्चे खेल-खेल में सीखते हैं।

वे देशभर में भ्रमण कर शिक्षकों को प्रशिक्षण देती हैं और बच्चों के साथ सीधे काम करती हैं। अब तक उन्होंने 600 से ज्यादा शिक्षकों और स्वयंसेवकों को प्रशिक्षित किया है, जिससे यह मॉडल बड़े पैमाने पर अपनाया जा सका है।

ड्रॉपआउट रेट में 50% से ज्यादा कमी

इन पहलों का असर साफ दिखाई देता है। उनके कार्यक्रमों से स्कूल छोड़ने की दर में 50 प्रतिशत से अधिक की कमी आई है और बच्चों के लंबे समय तक शिक्षा से जुड़े रहने में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

पुरस्कार राशि से नई पहल

रूबल नागी ने बताया कि वह पुरस्कार राशि का उपयोग एक ऐसे व्यावसायिक प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना में करेंगी, जहां वंचित युवाओं को मुफ्त व्यावसायिक कौशल और डिजिटल साक्षरता का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसका लक्ष्य लाखों युवाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है।

ग्लोबल टीचर प्राइज को यूनेस्को और वर्की फाउंडेशन द्वारा वर्ल्ड गवर्नमेंट समिट के दौरान प्रस्तुत किया गया, जबकि इसका आयोजन जीईएमएस एजुकेशन करता है।

Back To Top