Indigo Airline Cancel: इंडिगो एयरलाइन का परिचालन संकट शनिवार को भी जारी है। देश के कई हवाई अड्डों पर इंडिगो की उड़ानें रद्द होने से यात्रियों को बेहद कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। इससे पहले शुक्रवार को स्थिति सबसे ज्यादा बिगड़ी, जब एक ही दिन में 1000 से अधिक उड़ानें रद्द कर दी गईं। कई यात्री घंटों तक एयरपोर्ट पर फंसे रहे और अधिकांश जगहों पर अव्यवस्था का माहौल देखने को मिला।
सीईओ ने माफी मांगी, सोशल मीडिया पर नया विवाद
लगातार बढ़ते हंगामे के बाद इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स ने शुक्रवार शाम एक वीडियो संदेश जारी कर स्थिति को लेकर माफी मांगी। लेकिन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर यह वीडियो उल्टा विवाद का कारण बन गया। वीडियो पर लगे कम्युनिटी नोट में यूजर्स ने लिखा कि इंडिगो और अन्य एयरलाइंस को DGCA के नए नियमों की जानकारी लगभग एक वर्ष पहले दी गई थी, एयरलाइन ने समय पर नियमों का पालन नहीं किया और अब संकट का ठीकरा यात्रियों के सिर फोड़ रही है। यूजर्स ने आरोप लगाया कि इंडिगो ने अपने बयान में इस चूक को स्वीकार नहीं किया।
यात्रियों का भड़का गुस्सा-रिफंड और मुआवजे की मांग
सोशल मीडिया पर हजारों की संख्या में यात्री अपनी नाराज़गी जता रहे हैं, कुछ प्रमुख प्रतिक्रियाएँ—
“अगर हालात संभाल नहीं पा रहे तो टिकट बेचने बंद क्यों नहीं किए जा रहे?”
“क्या इंडिगो यात्रियों को मुआवज़ा देगी? बिना कोई विकल्प दिए उड़ानें रद्द कर दी गईं।”
“यह परिचालन विफलता है या DGCA पर दबाव बनाने का तरीका? रिफंड भी आसानी से नहीं दिया जा रहा।”
कई यूजर्स ने तो एयरलाइन के शीर्ष प्रबंधन में बदलाव और जिम्मेदार लोगों के इस्तीफे की मांग भी की।
DGCA नियमों पर उठे सवाल
कुछ यूजर्स ने आरोप लगाया कि इंडिगो ने जानबूझकर नियमों को हल्के में लिया, जबकि DGCA ने नए प्रावधान जनवरी 2024 में ही नोटिफाई कर दिए थे। लोगों का कहना है कि सिर्फ रिफंड देना काफी नहीं है, एयरलाइन को यात्रियों की असुविधा के लिए उचित मुआवज़ा देना होगा।
