नई दिल्ली। राजधानी के जनकपुरी इलाके में गुरुवार देर रात एक दर्दनाक हादसे में युवक की जान चली गई। दिल्ली जल बोर्ड की ओर से सड़क पर खोदे गए गहरे गड्ढे में गिरने से बाइक सवार युवक की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान कमल के रूप में हुई है, जो रोहिणी स्थित एक निजी बैंक में कार्यरत था।
घटना जनकपुरी वी-ब्लॉक के जोगिंदर सिंह मार्ग पर हुई, जहां पिछले कई महीनों से सीवर लाइन से जुड़ा निर्माण कार्य चल रहा था। यहां करीब 20 फीट गहरा गड्ढा खोदा गया था, लेकिन सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए थे। बताया जा रहा है कि रात के समय न तो पर्याप्त बैरिकेडिंग थी और न ही चेतावनी संकेत या रिफ्लेक्टर लगाए गए थे, जिसके चलते यह स्थान आम लोगों के लिए खतरनाक बना हुआ था।
हादसे की सूचना मिलने के बाद शुक्रवार को दिल्ली सरकार के मंत्री आशीष सूद घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि मामले में प्रथम दृष्टया लापरवाही सामने आई है और इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों को तत्काल निलंबित कर दिया गया है। पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। मंत्री ने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
मंत्री आशीष सूद ने बताया कि सभी संबंधित विभागों के साथ संयुक्त निरीक्षण कर लिया गया है और सड़क को सुरक्षित तरीके से सुचारू कराने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता स्वयं इस मामले की निगरानी कर रही हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि खुदाई स्थल पर यातायात को डायवर्ट नहीं किया गया था और दुपहिया वाहनों की आवाजाही लगातार जारी थी। जबकि नियमों के अनुसार ऐसी स्थिति में ट्रैफिक डायवर्जन और सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन जरूरी होता है। यह हादसा ऐसे समय हुआ है, जब हाल ही में नोएडा में इसी तरह की घटना के बाद दिल्ली जल बोर्ड द्वारा सभी इंजीनियरों और एजेंसियों को सुरक्षा मानकों के पालन के निर्देश जारी किए गए थे।
शुक्रवार को कैबिनेट मंत्री प्रवेश वर्मा ने भी मामले में हस्तक्षेप करते हुए लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। निर्माण कार्य कर रही एजेंसी के खिलाफ भी जांच शुरू कर दी गई है और दोष सिद्ध होने पर एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने की चेतावनी दी गई है।
मृतक के परिजनों ने इस घटना को घोर लापरवाही का नतीजा बताया है। परिवार का कहना है कि यदि सड़क पर उचित सुरक्षा इंतजाम होते और समय पर मदद मिलती, तो कमल की जान बचाई जा सकती थी। परिजनों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं।
इस हादसे को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी ने दिल्ली सरकार को घेरते हुए इसे प्रशासनिक लापरवाही करार दिया है। पार्टी नेताओं ने कहा कि राजधानी में इस तरह की घटनाएं सिस्टम की विफलता को उजागर करती हैं और जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई जरूरी है।
