नई दिल्ली, नजफगढ़: नगली डेयरी में शनिवार से एक अत्याधुनिक गोबर आधारित बायोगैस संयंत्र की शुरुआत हो गई है, जिसकी क्षमता प्रतिदिन 200 मीट्रिक टन गोबर को संसाधित करने की है। इस संयंत्र से 14,000 घन मीटर CNG और 5.6 टन बायोगैस प्रतिदिन उत्पादित की जाएगी, जिसे इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) खरीदने जा रही है।
इस पर्यावरण हितैषी परियोजना का उद्घाटन मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने “सेवा पखवाड़ा” के तहत किया। उनके साथ मंच पर शहरी विकास मंत्री आशीष सूद, महापौर राजा इकबाल सिंह, सांसद कमलजीत सहरावत, निगम आयुक्त अश्विनी कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
हर दिन का गोबर अब बनेगा ऊर्जा का स्रोत
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह संयंत्र दिल्ली में हरित ऊर्जा (ग्रीन एनर्जी) की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे न केवल स्वच्छ ईंधन तैयार होगा बल्कि स्थानीय डेयरियों से निकलने वाला गोबर अब यमुना को प्रदूषित करने की बजाय उपयोगी संसाधन बनेगा। ग्रामीणों को भी मवेशियों के गोबर के बदले में 65 पैसे प्रति किलो की दर से भुगतान मिलेगा।
उन्होंने कहा, “यह संयंत्र यमुना की सफाई, स्वच्छता, रोजगार और ऊर्जा—सभी क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव लाने वाला है।”
केजरीवाल सरकार पर तंज, अब दिल्ली भर में लगेंगे ऐसे प्लांट
उद्घाटन समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने पिछली सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आठ वर्षों तक दिल्ली सरकार बायोगैस परियोजनाओं को शुरू नहीं कर सकी, जबकि वर्तमान सरकार ने “ट्रिपल इंजन” की ताकत से यह संयंत्र रिकॉर्ड समय में चालू कर दिया।
मुख्यमंत्री ने यह भी ऐलान किया कि जल्द ही दिल्ली के अन्य हिस्सों में भी इसी तरह के बायोगैस प्लांट लगाए जाएंगे ताकि शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों को इसका लाभ मिल सके।
परियोजना की खास बातें
-
स्थान: नगली डेयरी, नजफगढ़
-
क्षेत्रफल: 2.72 एकड़
-
निर्माण लागत: लगभग ₹16 करोड़
-
वित्तपोषण: केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय की “शहरी विकास निधि” से
-
डेयरी क्षेत्र: नगली में 13,000 और ककरोला में 7,000 मवेशी
-
निगम द्वारा शुरू: दिसंबर 2018 में
-
डिजाइन व संचालन: मेसर्स सीईआईडी (CEID) कंपनी द्वारा
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सिर्फ एक शुरुआत है—आने वाले समय में दिल्ली साफ-सुथरी, पर्यावरण-अनुकूल और ऊर्जा-समृद्ध राजधानी बनकर उभरेगी।
