Breaking News
शानदार टीमवर्क से जीता दिल, विक्रम-अजिंक्य ने अपने नाम की मास्टरशेफ इंडिया की ट्रॉफी
शानदार टीमवर्क से जीता दिल, विक्रम-अजिंक्य ने अपने नाम की मास्टरशेफ इंडिया की ट्रॉफी
जन औषधि केंद्र आज करोड़ों जरूरतमंद लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं- मुख्यमंत्री धामी
जन औषधि केंद्र आज करोड़ों जरूरतमंद लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं- मुख्यमंत्री धामी
छत्रपति हत्याकांड में डेरा प्रमुख को हाईकोर्ट से राहत, तीन दोषियों की उम्रकैद बरकरार
छत्रपति हत्याकांड में डेरा प्रमुख को हाईकोर्ट से राहत, तीन दोषियों की उम्रकैद बरकरार
कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने नेपाल चुनाव में बालेंद्र शाह की प्रचंड जीत पर दी बधाई
कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने नेपाल चुनाव में बालेंद्र शाह की प्रचंड जीत पर दी बधाई
सार्वजनिक संपत्ति और सौन्दर्यीकरण कार्यों को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई- बंशीधर तिवारी
सार्वजनिक संपत्ति और सौन्दर्यीकरण कार्यों को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई- बंशीधर तिवारी
चारधाम यात्रा के लिए सरकार पूरी तरह से तैयार- महाराज
चारधाम यात्रा के लिए सरकार पूरी तरह से तैयार- महाराज
टिहरी झील बनेगी विश्व में पर्यटन-खेल का प्रमुख केंद्र- सीएम
टिहरी झील बनेगी विश्व में पर्यटन-खेल का प्रमुख केंद्र- सीएम
घर से ही शुरू होगा महिला सशक्तिकरण- रेखा आर्या
घर से ही शुरू होगा महिला सशक्तिकरण- रेखा आर्या
95 बीघा जमीन का सौदा कर लिया एडवांस, बैनामा मांगने पर दी जान से मारने की धमकी
95 बीघा जमीन का सौदा कर लिया एडवांस, बैनामा मांगने पर दी जान से मारने की धमकी

शिक्षा मंत्रालय के निर्देश के बाद NCERT ने मांगी माफी, सोशल साइंस की बुक का रोका वितरण

शिक्षा मंत्रालय के निर्देश के बाद NCERT ने मांगी माफी, सोशल साइंस की बुक का रोका वितरण

नई दिल्ली: शिक्षा क्षेत्र में एक बड़ी चूक सामने आने के बाद NCERT ने क्लास 8 की हाल ही में जारी की गई सोशल साइंस की किताब को तुरंत प्रभाव से वापस ले लिया है। यह कदम तब उठाया गया जब किताब के एक अध्याय में ज्यूडिशियरी से जुड़े “गलत तथ्य और फैसले की त्रुटि” पाई गई।

24 फरवरी 2026 को जारी की गई टेक्स्टबुक Exploring Society: India and Beyond, Vol II की समीक्षा के दौरान अध्याय 4—‘हमारे समाज में न्यायपालिका की भूमिका’—में तथ्यात्मक गलती पाई गई, जिसके बाद संस्था ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हुए पुस्तक का वितरण रोक दिया।

स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग, शिक्षा मंत्रालय की ओर से भी सख्त टिप्पणी करते हुए निर्देश जारी किए गए कि पुस्तक का वितरण तुरंत स्थगित किया जाए। निर्देश का पालन करते हुए एनसीईआरटी ने सभी राज्यों और स्कूल बोर्डों को डिस्ट्रीब्यूशन रोकने की सूचना भेज दी है।

अपने बयान में एनसीईआरटी ने स्पष्ट किया कि भारतीय ज्यूडिशियरी के प्रति संस्था गहरा सम्मान रखती है और उसे संविधान का पालन कराने वाला सर्वोच्च संवैधानिक प्रहरी मानती है। संस्था ने कहा कि यह गलती पूर्णतः अनजाने में हुई और इसका उद्देश्य किसी भी संवैधानिक संस्था की प्रतिष्ठा पर प्रश्न उठाना नहीं था।

एनसीईआरटी ने आगे बताया कि नई टेक्स्टबुक्स का उद्देश्य विद्यार्थियों में संवैधानिक जागरूकता व नागरिक भागीदारी की समझ को मजबूत करना है। संस्था ने यह भी कहा कि वह रिव्यू प्रक्रिया के दौरान कंस्ट्रक्टिव फीडबैक का स्वागत करती है।

अब संबंधित अध्याय को विशेषज्ञों और अधिकृत निकायों से सलाह लेकर पूरी तरह से पुनर्लेखित किया जाएगा, और आगामी शैक्षणिक सत्र 2026–27 में संशोधित संस्करण उपलब्ध कराया जाएगा। एनसीईआरटी ने एक बार फिर गलती पर खेद जताया और शैक्षिक सामग्री की विश्वसनीयता बनाए रखने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

Back To Top