नई दिल्ली- सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को आरजी कर मेडिकल कॉलेज से जुड़े महिला डॉक्टर के साथ हुई गंभीर आपराधिक घटना के मामले में आगे की न्यायिक कार्यवाही को कलकत्ता हाईकोर्ट के अधीन करने का निर्देश दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि मामले से संबंधित सभी दस्तावेज और रिकॉर्ड हाईकोर्ट को भेजे जाएं, ताकि वहां आगे की सुनवाई हो सके।
न्यायमूर्ति एम. एम. सुंद्रेश और न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने सुनवाई के दौरान यह आदेश पारित किया। अदालत ने यह भी कहा कि पीड़िता के परिजनों को जांच की प्रगति से अवगत कराना जरूरी है, इसलिए राज्य सरकार द्वारा तैयार की गई स्टेटस रिपोर्ट की एक प्रति पीड़िता के माता-पिता को उपलब्ध कराई जाए।
उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2024 में इस मामले का स्वतः संज्ञान लिया था। अदालत का मानना है कि हाईकोर्ट स्तर पर इस प्रकरण की निगरानी से मामले की सुनवाई और जांच प्रक्रिया अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ सकेगी।
