Breaking News
अहमदाबाद टी20 फाइनल के लिए रेलवे की स्पेशल ट्रेन, नई दिल्ली से आज रात होगी रवाना
अहमदाबाद टी20 फाइनल के लिए रेलवे की स्पेशल ट्रेन, नई दिल्ली से आज रात होगी रवाना
शानदार टीमवर्क से जीता दिल, विक्रम-अजिंक्य ने अपने नाम की मास्टरशेफ इंडिया की ट्रॉफी
शानदार टीमवर्क से जीता दिल, विक्रम-अजिंक्य ने अपने नाम की मास्टरशेफ इंडिया की ट्रॉफी
जन औषधि केंद्र आज करोड़ों जरूरतमंद लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं- मुख्यमंत्री धामी
जन औषधि केंद्र आज करोड़ों जरूरतमंद लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं- मुख्यमंत्री धामी
छत्रपति हत्याकांड में डेरा प्रमुख को हाईकोर्ट से राहत, तीन दोषियों की उम्रकैद बरकरार
छत्रपति हत्याकांड में डेरा प्रमुख को हाईकोर्ट से राहत, तीन दोषियों की उम्रकैद बरकरार
कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने नेपाल चुनाव में बालेंद्र शाह की प्रचंड जीत पर दी बधाई
कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने नेपाल चुनाव में बालेंद्र शाह की प्रचंड जीत पर दी बधाई
सार्वजनिक संपत्ति और सौन्दर्यीकरण कार्यों को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई- बंशीधर तिवारी
सार्वजनिक संपत्ति और सौन्दर्यीकरण कार्यों को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई- बंशीधर तिवारी
चारधाम यात्रा के लिए सरकार पूरी तरह से तैयार- महाराज
चारधाम यात्रा के लिए सरकार पूरी तरह से तैयार- महाराज
टिहरी झील बनेगी विश्व में पर्यटन-खेल का प्रमुख केंद्र- सीएम
टिहरी झील बनेगी विश्व में पर्यटन-खेल का प्रमुख केंद्र- सीएम
घर से ही शुरू होगा महिला सशक्तिकरण- रेखा आर्या
घर से ही शुरू होगा महिला सशक्तिकरण- रेखा आर्या

सेलाकुई कांड: टूटे भरोसे की दहशत, मासूम की मां ने दूसरी बार झेला विश्वासघात

सेलाकुई कांड: टूटे भरोसे की दहशत, मासूम की मां ने दूसरी बार झेला विश्वासघात

विकासनगर (देहरादून)- सेलाकुई में सामने आए ताजा प्रकरण ने यह साबित कर दिया है कि बदलते दौर में भरोसे की कीमत पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है। मासूम पीड़िता की मां के साथ यह विश्वासघात पहली बार नहीं हुआ। इससे पहले भी उसका संसार एक दर्दनाक हादसे से बिखर चुका था—जब पीड़िता के पिता ने ही उसकी नाबालिग मौसी को निशाना बनाया था। उसी घटना के बाद मां ने अपने टूटे परिवार को संभालते हुए बच्ची को एक सुरक्षित माहौल देने की कोशिश की, लेकिन नियति ने उसे एक बार फिर छल लिया।

जौनसार-बावर क्षेत्र की रहने वाली पीड़िता का पूरा परिवार वर्षों पहले ही उस अपराध की वजह से बिखर गया था, जिसमें उसके पिता जेल भेजे गए थे। मां अपने मायके में रहकर किसी तरह जीवन गुजार रही है, जबकि पीड़िता के दोनों भाई अलग-अलग जगह काम कर रहे हैं।

मां अपनी बेटी को उस माहौल से दूर ले जाना चाहती थी जिसने पहले ही उसके परिवार को तोड़ दिया था। उसे लगा कि रिश्तेदारी की छांव में बच्ची सुरक्षित रहेगी और पढ़ाई पर ध्यान दे सकेगी। इसी भरोसे के साथ उसने बेटी को अपनी बड़ी बेटी और दामाद के पास सेलाकुई भेज दिया, जहां दामाद दुकान चलाता है और परिवार किराये पर रहता है।

लेकिन जिस व्यक्ति को उसने बेटी का संरक्षक समझा, वही उसकी जिंदगी में सबसे बड़ा खतरा बन गया। रिश्तों की आड़ में छिपे इस शख्स ने मासूम बच्ची की सुरक्षा और उसकी उम्मीदों दोनों को गहरी चोट पहुंचाई। जिस शहर में वह अपने सपनों को उड़ान देने आई थी, वहीं उसके सपनों के पंख बेरहमी से काट दिए गए।

इस दोहरे विश्वासघात ने पीड़िता की मां को अंदर तक तोड़ दिया है। वह अब केवल न्याय की उम्मीद में है, ताकि उसकी बच्ची को फिर से सामान्य जीवन जीने का साहस मिल सके।

Back To Top