हरिद्वार – श्यामपुर में मिली अधजली लाश के पीछे की कहानी किसी फिल्मी सस्पेंस थ्रिलर से कम नहीं है। इस दर्दनाक घटना में प्यार, शक और ज़िद ने मिलकर एक ऐसी वारदात को जन्म दिया, जिसने कई ज़िंदगियां बर्बाद कर दीं।
इस हत्याकांड में जहां सीमा खातून ने अपनी जान गंवाई, वहीं आरोपी सलमान और उसकी मददगार मेहरुन्निशा अब सलाखों के पीछे हैं। पीछे छूट गए हैं सीमा के दो मासूम बच्चे, जिनके सिर से मां का साया सदा के लिए उठ गया।
सऊदी से लौटकर ट्रक ड्राइवर बना सलमान
ऊधमसिंह नगर का रहने वाला सलमान कुछ समय पहले सऊदी अरब में काम करता था। अच्छी कमाई होने से घर की आर्थिक स्थिति मजबूत थी। जून 2025 में वह भारत लौटा और ट्रक चलाने का काम शुरू किया। इसी दौरान उसने अपने घर का निर्माण भी शुरू किया।
निर्माण कार्य के दौरान ही उसकी पहचान सीमा खातून से हुई, जो पड़ोस में रहती थी। सीमा विवाहित थी और उसके दो बच्चे हैं। उसका पति मोटरसाइकिल मैकेनिक है।
दोस्ती से बढ़कर बना रिश्ता
पुलिस के अनुसार, सलमान और सीमा के बीच शुरुआती बातचीत सामान्य थी, लेकिन धीरे-धीरे दोनों के बीच नज़दीकियां बढ़ती चली गईं।
सीमा का तेज-तर्रार और बिंदास स्वभाव सलमान को आकर्षित करने लगा और यह रिश्ता प्रेम संबंध में बदल गया।
धीरे-धीरे यह संबंध तनाव और शक में बदल गया। सीमा के पति को भी दोनों के रिश्ते का अंदेशा हो गया था।
जब प्यार बना जिद — और जिद बनी हत्या की वजह
जानकारी के अनुसार, जब सलमान ने दूसरी जगह शादी करने का मन बनाया तो सीमा ने इसका कड़ा विरोध किया। उसने सलमान को धमकी दी कि वह उसे किसी और से शादी नहीं करने देगी।
सीमा की जिद, गुस्सा और धमकियों से सलमान डरने और परेशान होने लगा।
घटना वाले दिन 17 अक्टूबर को सीमा लगातार सलमान को फोन कर रही थी, लेकिन वह कॉल नहीं उठा रहा था। इसके बाद उसने अपनी परिचित मेहरुन्निशा को साथ लिया और दोनों सलमान से मिलने निकल पड़ीं।
ट्रक के पास हुआ विवाद, फिर चली चुन्नी की डोर
उस वक्त सलमान ट्रक में माल लादकर देहरादून मंडी जाने की तैयारी कर रहा था।
सीमा ने वहां पहुंचकर उसे फोन न उठाने को लेकर झगड़ा शुरू कर दिया। विवाद इतना बढ़ा कि सीमा ने सलमान को थप्पड़ मार दिया और उसकी बहन व भाभी के बारे में अपमानजनक बातें कह दीं।
गुस्से में तिलमिलाए सलमान ने भी उसे थप्पड़ मारा और फिर दोनों के बीच झगड़ा हिंसक हो गया। गुस्से में अंधे सलमान ने मेहरुन्निशा की मदद से सीमा की चुन्नी से गला कसकर हत्या कर दी।
शव को जलाकर सबूत मिटाने की कोशिश
हत्या के बाद सलमान और मेहरुन्निशा ने शव ठिकाने लगाने की योजना बनाई।
पहले उन्होंने कुंडा के पास मेहरुन्निशा को उतारा, फिर सलमान ट्रक लेकर नगीना पहुंचा जहां से डीजल खरीदा। इसके बाद वह श्यामपुर के सुनसान इलाके में पहुंचा और शव को जला देने की कोशिश की ताकि पहचान मिटाई जा सके।
सिर्फ 22 मिनट में यह पूरी वारदात अंजाम दी गई।
पुलिस ने 22 मिनट के वीडियो से खोला राज़
सीओ सिटी शिशुपाल सिंह नेगी ने बताया कि यह केस हरिद्वार पुलिस के लिए शुरुआत में एक ब्लाइंड मर्डर केस था। अधजली लाश की पहचान नहीं हो पा रही थी।
तकनीकी जांच, मोबाइल सर्विलांस और सीसीटीवी फुटेज की मदद से पुलिस ने घटना की परतें खोलीं।
श्यामपुर-देहरादून हाइवे पर लगे कैमरों की फुटेज खंगालने पर पता चला कि एक सफेद कंटेनर ट्रक अन्य वाहनों की तुलना में 22 मिनट तक कैमरों के बीच गायब रहा।
यही फुटेज सलमान तक पहुंचने की पहली लीड बनी।
बाद में रायवाला क्षेत्र के कैमरों से ट्रक का नंबर मिला और जांच पूरी तरह सलमान व मेहरुन्निशा तक पहुंच गई।
