देहरादून: लखवाड़ बांध प्रभावित काश्तकार संयुक्त संघर्ष मोर्चा के तत्वावधान में सोमवार को परियोजना स्थल लोहारी में धरना-प्रदर्शन लगातार 18वें दिन भी जारी है। प्रभावित काश्तकारों और बेरोजगार युवाओं ने अपनी 23 सूत्रीय मांगों को लेकर सरकार और प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
इन मांगों में स्थायी रोजगार की व्यवस्था, नई भूमि अधिग्रहण का प्रतिकार, एल. एंड टी. कम्पनी द्वारा निकाले गए स्थानीय युवाओं की पुनः बहाली, तथा कम्पनी में स्थानीय प्रभावितों को प्राथमिकता के साथ रोजगार देने जैसी प्रमुख बातें शामिल हैं।
आंदोलनकारियों ने आरोप लगाया कि शासन-प्रशासन पिछले 18 दिनों से आंदोलनरत काश्तकारों और युवाओं की समस्याओं की सुनवाई तक नहीं कर रहा, जिससे पूरे क्षेत्र में नाराजगी और आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी सभी मांगों पर ठोस कार्यवाही नहीं की जाती, तब तक आंदोलन इसी तरह शांतिपूर्ण रूप से जारी रहेगा।
संयुक्त संघर्ष मोर्चा के सदस्यों ने कहा कि यह आंदोलन सिर्फ रोजगार या मुआवजे का नहीं, बल्कि सम्मान और हक की लड़ाई है। उनका कहना है कि वर्षों से प्रभावित लोग आज भी अस्थिरता और बेरोजगारी की मार झेल रहे हैं, जबकि परियोजना का लाभ स्थानीय जनता को नहीं मिल रहा।
आज के धरना स्थल पर संदीप तोमर, महेंद्र पुंडीर, जोत सिंह रावत, संदीप तोमर लखस्यार, महिपाल तोमर, अनूप पंवार, अजबीर रावत, प्रदीप रावत, सुमित तोमर, रमेश चौहान, दीपांशु, कपिल तोमर, आजाद तोमर, आनंद चौहान सहित अनेक प्रभावित ग्रामीण उपस्थित रहे।
आंदोलनकारियों का कहना है कि “हम तब तक पीछे नहीं हटेंगे, जब तक सरकार हमारी सभी 23 मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाती। यह लड़ाई हमारे भविष्य और आने वाली पीढ़ियों के अधिकार की है।”
