नई दिल्ली: मध्य जिला की प्रसाद नगर थाना पुलिस और स्पेशल स्टाफ की संयुक्त कार्रवाई में ज्वेलरी दुकान पर फर्जी आयकर अधिकारी और पुलिसकर्मी बनकर लूटपाट करने वाले गैंग का पर्दाफाश किया गया है। पुलिस ने गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार करते हुए उनके कब्जे से 435.03 ग्राम सोना, 3.97 लाख रुपये नकद और तीन लग्जरी कारें बरामद की हैं। गैंग का एक सदस्य अकरम अब भी फरार बताया जा रहा है।
दिल्ली–हरियाणा में 1200 किलोमीटर तक पीछा
गिरोह की पहचान परविंदर (42), संदीप (30), लवप्रीत सिंह उर्फ काका (30), शमिंदर पाल सिंह उर्फ सन्नी (43) और राकेश शर्मा उर्फ केशा (41) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार आरोपियों को पकड़ने के लिए दिल्ली, गुरुग्राम, बहादुरगढ़, झज्जर, सोनीपत, पानीपत, रोहतक, हिसार और जींद में लंबा पीछा किया गया।
फर्जी वर्दी और नकली ‘रेड’ का पूरा प्लान
27 नवंबर को करोल बाग इलाके की एक ज्वेलरी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के मालिक ने शिकायत दर्ज कराई थी कि पाँच लोग दुकान में घुसे और खुद को आयकर विभाग की टीम बताया, जबकि एक आरोपी पुलिस की नकली वर्दी में था।
दुकान में प्रवेश के बाद आरोपियों ने कर्मचारियों और मालिक के फोन छीन लिए और ‘तलाशी’ के नाम पर करीब 1 किलो 1 ग्राम सोना चुरा लिया। जाते-जाते उन्होंने सीसीटीवी का पूरा डेटा भी डिलीट कर दिया।
250 से अधिक कैमरों की फुटेज खंगाली
मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों में लगे लगभग 250 CCTV कैमरों की फुटेज जांची, जिससे आरोपियों की गाड़ियों की पहचान हो सकी। नंबर प्लेट के आधार पर पुलिस सबसे पहले संदीप तक पहुंची, जो मौके से भाग निकला था। बाद में वह बहादुरगढ़ से दबोच लिया गया। उसकी निशानदेही पर पूरा गैंग गिरफ्तार हो गया।
गिरफ्तार आरोपी निकला मध्य प्रदेश सरकार का OSD
पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी संदीप मध्य प्रदेश सरकार के जनसंपर्क विभाग में OSD है और अक्सर दिल्ली आना-जाना करता है। उसके साथी परमिंदर ने उसे बताया था कि उसका परिचित अकरम सोने के कारोबार से जुड़ा है। उसने ही सुझाव दिया कि फिल्म स्पेशल 26 की तरह नकली टीम बनाकर ‘रेड’ डालकर सोना लूटा जा सकता है। इसी प्लान के आधार पर यह वारदात अंजाम दी गई।
