पटना- लंबे समय से परिवार और आरजेडी से दूरी बनाए रखने वाले जन शक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव मंगलवार को एक बार फिर अपने परिवार के बीच नजर आए। उन्होंने 10 सर्कुलर रोड स्थित आवास पर पहुंचकर अपने पिता लालू प्रसाद यादव, मां राबड़ी देवी और छोटे भाई तेजस्वी यादव से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
तेज प्रताप यादव ने इस मुलाकात को पारिवारिक बताया और सोशल मीडिया के माध्यम से इसकी जानकारी साझा की। उन्होंने लिखा कि वह अपने माता-पिता का आशीर्वाद लेने पहुंचे थे और इस दौरान नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को 14 जनवरी को आयोजित होने वाले मकर संक्रांति के पारंपरिक ‘दही-चूड़ा भोज’ कार्यक्रम का निमंत्रण भी दिया।
उन्होंने बताया कि इस दौरान अपनी भतीजी कात्यायनी से भी मुलाकात हुई और परिवार के साथ कुछ समय बिताया। तेज प्रताप ने लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव के साथ तस्वीरें भी साझा कीं, जिन्हें लेकर राजनीतिक हलकों में अलग-अलग मायने निकाले जा रहे हैं।
इसी कड़ी में तेज प्रताप यादव ने पूर्व केंद्रीय मंत्री पशुपति नाथ पारस के आवास पर जाकर उनसे मुलाकात की और उन्हें भी अपने सरकारी आवास पर आयोजित दही-चूड़ा भोज में शामिल होने का न्योता दिया। इसके अलावा उन्होंने बिहार सरकार में उद्योग एवं पथ निर्माण मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल से भी भेंट कर कार्यक्रम का निमंत्रण सौंपा।
दिन भर की इन मुलाकातों के बीच तेज प्रताप यादव की मौजूदगी उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा की ओर से आयोजित दही-चूड़ा समारोह में भी देखी गई। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के प्रमुख संतोष कुमार सुमन भी शामिल थे।
तेज प्रताप यादव की इन सक्रियताओं ने बिहार की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। राजनीतिक विश्लेषक इसे पारिवारिक मेल-मिलाप से लेकर नए राजनीतिक समीकरणों की तलाश के रूप में देख रहे हैं।
