टिहरी: लखवाड़ बांध प्रभावित काश्तकार संयुक्त संघर्ष मोर्चा के बैनर तले लोहारी परियोजना स्थल पर आंदोलन आज लगातार 15वें दिन भी जारी रहा। प्रभावित काश्तकारों और बेरोजगार युवाओं ने शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी 23 सूत्रीय मांगों के जल्द समाधान की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि 15 दिन बीत जाने के बाद भी कोई सक्षम अधिकारी आंदोलन स्थल पर नहीं पहुंचा, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उनका आरोप है कि राज्य में समान प्रकृति की जलविद्युत परियोजनाओं के लिए अलग-अलग नीतियां अपनाई जा रही हैं, जिससे लखवाड़ बांध प्रभावितों के साथ भेदभाव किया जा रहा है।
मोर्चा के सदस्यों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अब संघर्ष को चरणबद्ध तरीके से भूख हड़ताल, कर्मिक अनशन और अन्य माध्यमों से आगे बढ़ाया जाएगा।
आज के धरने में बेरोजगार युवाओं की उपस्थिति पहले की तुलना में अधिक रही। आंदोलनकारियों का कहना है कि जिला अधिकारी टिहरी को जो बेरोजगार युवाओं की सूची सौंपी जानी है, उसमें केवल वही नाम शामिल होंगे जो धरना स्थल पर उपस्थित रहेंगे।
मोर्चा की प्रमुख मांगें
सभी प्रभावित काश्तकारों को उचित मुआवजा और पुनर्वास पैकेज
बेरोजगार युवाओं को परियोजना में रोजगार की गारंटी
परियोजना प्रभावित क्षेत्रों के लिए एक समान नीति का निर्धारण
धरने में उपस्थित प्रमुख लोग महिपाल सजवाण, महेंद्र पुंडीर, जिला पंचायत सदस्य जोत सिंह रावत, मोहनलाल निराला, राजेश सजवाण, विश्वविजय सिंह चौहान, आनंद रावत, रामचंद्र रावत, दिग्विजय सिंह, शूरवीर तोमर, संदीप तोमर, जितेंद्र तोमर, प्रदीप रावत, सुरेश रावत, प्रदीप पुंडीर, जयपाल राणा, नागेंद्र रावत, रमेश चौहान, प्रदीप भंडारी, संदीप रावत, अंकित तोमर, धीरज रावत, विक्रम सजवाण, मुन्ना रावत, कमल रावत, नीरज रावत, गंभीर तोमर, राहुल रावत, अजबीर रावत, जितेंद्र रावत, महेश तोमर आदि शामिल रहे।
