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46 दिन से जारी लखवाड़ बांध प्रभावितों का आंदोलन, मांगों पर प्रशासन की चुप्पी कायम

46 दिन से जारी लखवाड़ बांध प्रभावितों का आंदोलन, मांगों पर प्रशासन की चुप्पी कायम

विकासनगर: लखवाड़ बांध प्रभावित काश्तकार संयुक्त संघर्ष मोर्चा का अनिश्चितकालीन आंदोलन लगातार 46वें दिन में प्रवेश कर गया है। प्रभावित काश्तकार अपनी 22 सूत्रीय नैतिक एवं मौलिक मांगों को लेकर धरना दे रहे हैं, जिसमें प्रमुख रूप से स्थायी रोजगार, एलएनटी में अस्थायी रोजगार, न्यू अधिकरण, निकाले गए श्रमिकों की बहाली, रोड कनेक्टिविटी, अनुदान एवं अनुग्रह राशि जैसी मांगें शामिल हैं।

प्रशासन की चुप्पी पर नाराजगी

आंदोलनकारियों का कहना है कि 46 दिन बीत जाने के बावजूद शासन–प्रशासन उनकी समस्याओं पर कोई ठोस निर्णय नहीं ले पाया है। काश्तकारों ने आरोप लगाया कि एक ही परियोजना में अलग-अलग नीतियों का पालन किया जा रहा है, जो उनके साथ सीधा अन्याय है।

उन्होंने कहा कि भूमि अधिकरण पारदर्शिता अधिनियम 2013 के अनुसार मिलने वाले कुटुंब लाभ से भी प्रभावितों को वंचित किया जा रहा है, जो बिल्कुल अस्वीकार्य है।

बैठक में भी नहीं निकला समाधान

पूर्व में मोर्चा प्रतिनिधिमंडल ने विधायक विकासनगर की अध्यक्षता में जल विद्युत निगम और एलएनटी कंपनी के साथ बैठक की थी, लेकिन काश्तकारों का आरोप है कि एलएनटी कंपनी ने कई महत्वपूर्ण बिंदुओं को नजरअंदाज कर दिया। यह स्थिति सभी प्रभावित परिवारों एवं बेरोजगार युवाओं के लिए गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है।

चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी

मोर्चा ने स्पष्ट किया कि यदि समय रहते उनकी मांगों का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा तथा इसे विभिन्न चरणों में विस्तारित किया जाएगा।

धरना स्थल पर मौजूद लोग 

धरने में राकेश राणा, सुरेश रावत, धीरज रावत, आनंद तोमर, संदीप तोमर, बबलू तोमर, जगत लाल डोगरा, अनिल पंवार, सोवत सिंह तोमर, ऋषभ रावत, प्रदीप भंडारी, शेर सिंह, राजेंद्र तोमर, कपिल तोमर, मेडि तोमर, अजवीर रावत, सचिन तोमर, सुरवीर तोमर सहित कई काश्तकार उपस्थित रहे।

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