बांग्लादेश- बांग्लादेश में राजनीतिक तनाव एक बार फिर हिंसक रूप ले चुका है। गुरुवार को भड़के उग्र प्रदर्शनों के दौरान राजधानी ढाका समेत कई इलाकों में तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं सामने आईं। प्रदर्शनकारियों ने देश के प्रमुख समाचार पत्रों डेली स्टार और प्रोथोम आलो के कार्यालयों को निशाना बनाते हुए उनमें आग लगा दी, जिससे मीडिया जगत में हड़कंप मच गया।
हमले के दौरान करीब 25 पत्रकार न्यूजरूम के भीतर फंसे रहे और लगभग तीन घंटे तक बाहर नहीं निकल सके। हालात बिगड़ते देख दोनों समाचार संस्थानों को अपने प्रिंट और डिजिटल संचालन अस्थायी रूप से बंद करने पड़े।
उग्र भीड़ ने सत्तारूढ़ नेता शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग के कई कार्यालयों में भी जमकर तोड़फोड़ की और उन्हें आग के हवाले कर दिया। प्रोथोम आलो कार्यालय के पास स्थित एक दुकान को भी जला दिया गया। इस अफरा-तफरी के बीच एक युवती दुकान से किताबें बचाती नजर आई, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं।
बताया जा रहा है कि यह हिंसा शेख हसीना के विरोधी नेता उस्मान हादी की हत्या के बाद भड़की। उस्मान हादी को 12 दिसंबर को चुनाव प्रचार के दौरान सिर में गोली मारी गई थी, जिसके बाद गुरुवार को उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद समर्थकों और छात्र संगठनों में भारी आक्रोश फैल गया।
हालात को और संवेदनशील बनाते हुए देश में एक अलग घटना ने भी तनाव बढ़ा दिया, जहां एक हिंदू युवक की पहले पीट-पीटकर हत्या की गई और बाद में उसका शव पेड़ से लटकाकर आग के हवाले कर दिया गया। इस घटना को लेकर भी विभिन्न समुदायों में रोष देखा जा रहा है।
उस्मान हादी की मौत के बाद ढाका के अलावा कई अन्य जिलों में सड़कों पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। चटगांव में भी हालात तनावपूर्ण रहे, जहां भारतीय सहायक उच्चायुक्त के आवास के सामने प्रदर्शनकारियों की भीड़ जमा हो गई और पथराव किया गया। एक सांस्कृतिक संगठन की इमारत को भी आग के हवाले कर दिया गया।
ढाका विश्वविद्यालय के छात्रों और युवाओं ने कैंपस के भीतर रैलियां निकालीं और सड़कों पर धरना दिया। प्रदर्शन के दौरान “मैं हादी हूं” जैसे नारे लगाए गए, जिससे माहौल और अधिक उग्र हो गया।
फिलहाल प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है, जबकि सुरक्षा एजेंसियां हिंसा को नियंत्रित करने के प्रयास में जुटी हैं।
