वाशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर यह दावा दोहराया है कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच संभावित युद्ध को रोका और कुल आठ बड़े संघर्षों को समाप्त कराया। ट्रंप ने कहा कि इतने प्रयासों के बावजूद उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार नहीं मिला, जबकि पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा को यह सम्मान 2009 में दिया गया था।
व्हाइट हाउस में तेल और गैस उद्योग से जुड़े नेताओं से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि उन्होंने ऐसे युद्ध समाप्त कराए जो 25 से 36 वर्षों से चल रहे थे। उन्होंने दावा किया कि भारत और पाकिस्तान के बीच हालात बेहद गंभीर हो चुके थे और दोनों परमाणु संपन्न देश आमने-सामने आ सकते थे।
ट्रंप के अनुसार, संघर्ष के दौरान आठ विमान गिराए गए थे, लेकिन उन्होंने हालात को तेजी से काबू में कर लिया और परमाणु टकराव से पहले ही तनाव समाप्त करा दिया। उन्होंने यह भी कहा कि कोई और राष्ट्रपति इतने युद्ध नहीं रोक पाया।
पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा पर निशाना साधते हुए ट्रंप ने कहा कि उन्हें नोबेल पुरस्कार मिला, जबकि वे खुद यह नहीं जानते थे कि उन्हें यह सम्मान क्यों दिया गया। ट्रंप ने व्यंग्य करते हुए कहा कि हर युद्ध रुकवाने पर नोबेल पुरस्कार मिलना चाहिए।
पहले भी कर चुके हैं दावा, भारत ने किया इनकार
ट्रंप बीते कुछ महीनों से लगातार यह दावा करते आ रहे हैं कि मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच अमेरिकी मध्यस्थता से युद्धविराम हुआ। हालांकि भारत ने हमेशा स्पष्ट किया है कि उसने किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता स्वीकार नहीं की।
ट्रंप ने यह भी कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ ने उन्हें बताया था कि युद्ध रुकवाकर उन्होंने करोड़ों जिंदगियां बचाईं। वहीं पाकिस्तान की ओर से अमेरिका और चीन की भूमिका की सराहना की गई, लेकिन भारत ने ऐसे दावों को खारिज किया है।
भारत-पाक तनाव की पृष्ठभूमि
22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी। इसके जवाब में भारत ने 7 मई की रात ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई की। इसके बाद चार दिनों तक दोनों देशों के बीच हवाई और जमीनी संघर्ष चला।
10 मई को पाकिस्तान के डीजीएमओ ने भारत से संपर्क कर संघर्षविराम का अनुरोध किया, जिस पर सहमति बनी। इसी दिन ट्रंप ने युद्धविराम का श्रेय खुद को दिया, जिसे भारत ने नकार दिया।
