गाजियाबाद: सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले एक शातिर गिरोह का सिहानी गेट पुलिस ने पर्दाफाश किया है। रेलवे और डाक विभाग में नियुक्ति का झांसा देकर एनसीआर के कई लोगों से लाखों रुपये ऐंठने वाले आरोपी को उसकी महिला सहयोगी के साथ गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से नकदी, फर्जी नियुक्ति पत्र, मुहर और लेटर पैड बरामद किए हैं।
एसीपी नंदग्राम उपासना पांडेय ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कासगंज निवासी राजन शाक्य और मध्य प्रदेश के सागर की रहने वाली लक्ष्मी कुशवाहा के रूप में हुई है। पूछताछ में खुलासा हुआ कि दोनों लंबे समय से सरकारी नौकरी लगवाने का लालच देकर लोगों से मोटी रकम वसूल रहे थे।
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने नेहरू नगर निवासी मंगेश कुमार से उनके बेटे को रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर 5.68 लाख रुपये लिए और उसे रेलवे ग्रुप-डी का फर्जी नियुक्ति पत्र और ज्वाइनिंग लेटर थमा दिया। इसके अलावा, अन्य पीड़ितों से भी रेलवे और पोस्ट ऑफिस में नौकरी दिलाने के बहाने कुल 21.38 लाख रुपये ठगे गए।
मामले में तब नया मोड़ आया, जब आरोपियों ने खुद को बचाने के लिए अपहरण की झूठी कहानी रच डाली। लक्ष्मी कुशवाहा ने पुलिस को कॉल कर राजन शाक्य के अपहरण की सूचना दी। सूचना पर पहुंची पुलिस को राजन शाक्य पीड़ित के घर सुरक्षित मिला। पूछताछ में पूरा मामला उजागर हो गया।
