मथुरा: नववर्ष के मौके पर ठाकुर श्रीबांकेबिहारी के दर्शन के लिए वृंदावन में एक बार फिर आस्था का सैलाब उमड़ने की तैयारी है। हर साल की तरह इस बार भी लाखों श्रद्धालुओं के आने की संभावना को देखते हुए श्रद्धालु और प्रशासन दोनों ही पहले से तैयारियों में जुट गए हैं। दर्शन के लिए आने वाले भक्त एक-दो दिन पहले ही वृंदावन पहुंचकर डेरा डाल रहे हैं, जिससे शहर के अधिकांश प्रमुख होटल और गेस्ट हाउस पहले ही फुल हो चुके हैं।
श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए सेवायतों का अनुमान है कि इस बार नववर्ष पर पांच लाख से अधिक भक्त ठाकुर श्रीबांकेबिहारी के दर्शन के लिए पहुंच सकते हैं। दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या सबसे अधिक बताई जा रही है। होटल न मिलने के कारण अब भक्तों की उम्मीद छोटे गेस्ट हाउस, धर्मशालाओं और होम-स्टे पर टिकी हुई है।
बांकेबिहारी मंदिर के साथ-साथ इस्कॉन मंदिर, श्रीराधाबल्लभ मंदिर और श्रीराधारमण मंदिर में भी नववर्ष पर विशेष भीड़ रहती है। वहीं संत प्रेमानंद के दर्शन के लिए भी श्रद्धालु उत्सुक नजर आ रहे हैं। इसी वजह से वृंदावन में ठहरने की जगहों की मांग अचानक बढ़ गई है।
यातायात व्यवस्था में सख्ती
श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस प्रशासन ने विशेष यातायात योजना लागू की है। 25 दिसंबर से 5 जनवरी तक बाहरी वाहनों का वृंदावन शहर में प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। छटीकरा की ओर से आने वाले वाहनों को रुक्मिणी विहार पार्किंग में रोका जाएगा, जहां से श्रद्धालु ई-रिक्शा और गोल्फ कार्ट के माध्यम से मंदिरों तक पहुंच सकेंगे।
होटल और आश्रमों में अग्रिम बुकिंग
होटल और रिसॉर्ट संचालकों के अनुसार नववर्ष को लेकर बुकिंग काफी पहले से शुरू हो गई थी। कई स्थानों पर कमरे पूरी तरह भर चुके हैं। कुछ श्रद्धालु तो दर्शन के लिए कमरे का अधिक किराया देने को भी तैयार हैं। जिले में सैकड़ों होटल, गेस्ट हाउस और आश्रम होने के बावजूद नववर्ष पर जगह मिलना मुश्किल होता जा रहा है।
श्रद्धालुओं का मानना है कि वर्ष के पहले दिन अपने आराध्य के दर्शन करने से पूरा साल शुभ रहता है, इसी आस्था के साथ लोग बड़ी संख्या में वृंदावन का रुख कर रहे हैं।
