अलग-अलग राज्यों से आए नकली साधु लोगों को बना रहे थे निशाना, फर्जी दवाखाने का भी भंडाफोड़, कांवड़ यात्रा के बहाने सक्रिय थे ये भेषधारी
देहरादून। जिले में चल रहे ऑपरेशन ‘कालनेमि’ के तहत पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए सोमवार को 29 ऐसे कथित बाबाओं को गिरफ्तार किया है, जो धार्मिक भेष में भोली-भाली जनता को धोखा दे रहे थे। इन ढोंगियों में कई दूसरे राज्यों से आए हुए हैं, जो कांवड़ यात्रा के दौरान तीर्थ क्षेत्र में सक्रिय होकर आम लोगों को लंबी उम्र, संतान सुख और समृद्धि के नाम पर ठग रहे थे।
पुलिस की दबिश के दौरान सहसपुर क्षेत्र में एक बाबा के पास जब श्रद्धालुओं की भीड़ देखी गई, तो पुलिस को शक हुआ। पास पहुंचते ही वह बाबा मौके से भागने की कोशिश करने लगा, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर उसे दबोच लिया। इसी तरह विकासनगर क्षेत्र में एक और व्यक्ति दुआ देने के नाम पर लोगों को झांसा दे रहा था।
एसएसपी अजय सिंह ने जानकारी दी कि ऑपरेशन के तहत अब तक कुल 111 भेषधारी पकड़े जा चुके हैं, जिनमें 71 अन्य राज्यों के हैं। पुलिस जांच कर रही है कि कहीं इनमें से कोई आपराधिक गतिविधियों में तो शामिल नहीं है या फिर अपराध कर यहां छिपा हुआ तो नहीं। फिलहाल सभी का सत्यापन जारी है।
इस ऑपरेशन में एक और अहम खुलासा हुआ जब प्रेमनगर क्षेत्र में पुलिस ने एक फर्जी दवाखाना बंद कराया। वहां एक दंपती बिना किसी प्रमाणपत्र या डिग्री के गंभीर बीमारियों का इलाज कर रहे थे। पूछताछ में ये दंपती किसी भी मान्यता प्राप्त चिकित्सा पद्धति की पढ़ाई साबित नहीं कर सके। लिहाज़ा, दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।
इससे पहले भी ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने एक विदेशी नागरिक को पकड़ा था, जिसकी पहचान बांग्लादेश के निवासी के रूप में हुई थी। विदेश मंत्रालय से पुष्टि के बाद अब उसे वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
पुलिस का कहना है कि कांवड़ यात्रा के समय बाहर से आए संदिग्धों की निगरानी और कड़ाई से जांच की जा रही है ताकि कोई असामाजिक तत्व तीर्थ क्षेत्र का माहौल न बिगाड़ सके।
