देहरादून- फर्जी लोन एप्स के माध्यम से पीड़ितों के मोबाईल की गैलरी, कॉन्टैक्ट्स व निजी डेटा चुराकर ब्लैकमेलिंग व धमकी देकर करोडो की ठगी करने वाले गिरोह के मास्टरमाइंड को एसटीएफ उत्तराखंड ने दिल्ली आईजीआई एयरपोर्ट पर लुक आउट सर्कुलर के तहत गिरफ्तार किया है।एसएसपी एसटीएफ नवनीत सिंह ने जानकारी देते हुये बताया कि एक प्रकरण जिसमे प्रदेश व भारत के आम जनता के साथ हो रही धोखाधड़ी जो संगठित तौर पर आपराधिक आशय के साथ राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न फर्जी लोन ऐप्स के माध्यम से भारत के नागरिकों के साथ धोखाधड़ी,उत्पीड़न और जबरन मोटी धनराशि वसूलने के विरुद्ध वर्ष 2022 में शिकायत दर्ज करवाई गई थी,जिसमें बताया गया तज कि गिरोह द्वारा प्रदेश व भारत के नागरिकों के साथ पहले वीडियो कॉल के माध्यम से संपर्क कर फर्जी लोन ऐप्स जैसे आईएनएसटी,मैक्सी लोन,केके कैश रूपी ट्रिप आदि के ज़रिए पीड़ितो को कम दस्तावेज़ों में त्वरित लोन देने का लालच देकर ऐप इंस्टॉल करवाया जाता, जिससे उन्होंने पीड़ितो के मोबाइल डिवाइस का एक्सेस प्राप्त करके और उसकी गैलरी, कॉन्टैक्ट्स व अन्य निजी डेटा चुराकर अभियुक्त अत्यधिक ब्याज, पेनल्टी और जुर्माने की मांग करते हुए धमकी भरे मैसेज भेजे, व्हाट्सएप कॉल करके और पीड़ित की तस्वीरें एडिट कर वायरल करने की धमकी देते थे, जिससे शिकायतकर्ता मानसिक रूप से प्रताड़ित और सामाजिक बदनामी के डर से बार-बार पैसे देते थे। परन्तु स्वयं के साथ हो रही ब्लैकमेलिग और सामाजिक उत्पीड़न का अंदेशा नही हो पाया जिससे पीडितो द्वारा विभिन्न बैंक खातो में करोडो रुपये स्थानान्तरण किये गये ।
उन्होंने बताया को उक्त प्रकरण की गम्भीरता से देखते हुए उक्त प्रकरण की विवेचना साईबर क्राईम पुलिस स्टेशन देहरादून के सुपुर्द कर अभियोग के शीघ्र अनावरण हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये। साईबर क्राईम पुलिस द्वारा घटना में प्रयुक्त बैंक खातों, रजिस्टर्ड मोबाइल नम्बरों व व्हाट्सअप की जानकारी हेतु सम्बन्धित बैंकों, सर्विस प्रदाता कम्पनियों, मेटा कम्पनी से पत्राचाकर कर डेटा प्राप्त किया गया।
प्राप्त डेटा के विश्लेषण से जानकारी मे आया कि साईबर अपराधियो द्वारा घटना में पीड़ित से मानसिक रूप से प्रताड़ित और सामाजिक बदनामी के डर से विभिन्न बैंक खातों में धनराशि स्थानान्तरित करवायी गयी ।विवेचना के दौरान साईबर थाना पुलिस टीम द्वारा अभियोग में प्रकाश में आए बैंक खातों तथा मोबाइल नम्बरों का सत्यापन किया गया ।
पुलिस टीम द्वारा तकनीकी व डिजिटल साक्ष्य एकत्र कर फर्जी लोन ऐप्स चलाने वाले मास्टरमाइंड अभिषेक अग्रवाल थाना अशोक विहार, ज़िला नॉर्थ वेस्ट दिल्ली को चिन्ह्ति करते हुये अभियुक्त की तलाश जारी की,जिस पर साईबर टीम द्वारा विधिक प्रावधानों के अन्तर्गत प्रकाश में आये अभियुक्त अभिषेक अग्रवाल पुत्र सतीश अग्रवाल की तलाश की चूकि अभियुक्त विदेश में होने के कारण अभियुक्त के खिलाफ पूर्व में लुक आउट सर्कुलर जारी किया गया था और जिस क्रम में आरोपी अभिषेक अग्रवाल को दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया व साईबर क्राईम पुलिस स्टेशन द्वारा न्यायालय में उपस्थित कराकर अग्रिम विवेचनात्मक कार्यवाही विधिक प्रावधानों के तहत की गई,अभियुक्त द्वारा धोखाधडी से प्राप्त धनराशि को विभिन्न चीनी बैंक खातों में प्राप्त कर उक्त धनराशि को चीनी आधारित अन्य बैंक खातों में स्थानान्तरण कर दिया जाता था ।
अभियुक्त चीनी नागरिकों का गिरोह के संपर्क में था और उसने चीनी मास्टरमाइंडों के लिए फर्जी शेल कंपनियां बनाईं, जिन पर बैंक खाते खोले गए, अभियुक्त जो पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट है,उसके द्वारा करीब 35-40 शेल कंपनियाँ बनाई गईं जिनमें से 13 कंपनियाँ उसके स्वयं के नाम पर और 28 कंपनियाँ उसकी पत्नी के नाम पर रजिस्टर्ड पाई गईं, जिनमें कई कंपनियों में सह-निर्देशक चीनी नागरिक हैं, अभियुक्त द्वारा सभी कंपनियाँ चीनी गिरोह के लिए बनाई गईं, जिनके माध्यम से लगभग 750 करोड़ अधिक की संदिग्ध धनराशि के ट्रांसक्शन प्रकाश में आया है, जिनका विवेचना में अध्ययन किया जायेगा और आगे का विश्लेषण किया जाएगा।
एसएसपी एसटीएफ ने बताया कि अभियुक्त पूर्व में कई बार विदेशी यात्रा कर चुका है,चीन, हांगकांग आदि देशों से संचालित फर्जी लोन एप्स के माध्यम से भारतीय नागरिकों को टारगेट किया जाता था और करोडों रूपयों का लेन-देन किया जाता था,जाँच में यह भी सामने में आया है कि अभियुक्तगण के विरुद्ध देश के कई राज्यों में शिकायतें दर्ज हैं,अभियुक्त द्वारा कुछ चीनी नागरिकों की जानकारी दी गई है, जिसके बारे में जानकारी हेतु अन्य राज्यों की पुलिस के साथ संपर्क किया जा रहा है व भारत सरकार और इंटरपोल के माध्यम से पत्राचार किया जा रहा है।
