उत्तर प्रदेश- लखनऊ में मंगलवार को आयोजित कृषि वैज्ञानिक सम्मान समारोह एवं राष्ट्रीय संगोष्ठी के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश को प्राकृतिक संसाधनों और अनुकूल मौसम की विशेष सौगात मिली है, जिससे राज्य में कृषि की विशाल संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश जितना उत्पादन कर रहा है, उसमें तीन गुना वृद्धि की संभावनाएं हैं, बशर्ते हम आधुनिक शोध और नई तकनीकों को अपनाएं।
यह कार्यक्रम उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद के 36वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले कृषि वैज्ञानिकों को सम्मानित किया और राज्य में कृषि विकास की दिशा में काम कर रहे शोधकर्ताओं की सराहना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि क्षेत्र न सिर्फ प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, बल्कि यह आज भी सबसे अधिक रोजगार देने वाला क्षेत्र बना हुआ है। उन्होंने बताया कि एमएसएमई सेक्टर इसके बाद दूसरा सबसे बड़ा रोजगार प्रदाता है, जो ग्रामीण और शहरी दोनों स्तरों पर लोगों को आत्मनिर्भर बना रहा है।
अपने संबोधन में योगी आदित्यनाथ ने यह भी उल्लेख किया कि राज्य सरकार वर्ष 2030 तक उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य पर कार्य कर रही है, और इसमें कृषि क्षेत्र की भूमिका निर्णायक होगी।
उन्होंने कृषि वैज्ञानिकों से आग्रह किया कि वे अपनी रिसर्च को खेतों तक पहुंचाएं और किसानों को सरल भाषा में नई तकनीकों और तरीकों से परिचित कराएं। उन्होंने कहा कि जब किसानों की उत्पादन लागत घटेगी और उन्हें उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा, तभी उनके जीवन में असली समृद्धि आएगी।
