हरिद्वार | सावन के पावन अवसर पर 11 जुलाई से शुरू हुआ कांवड़ मेला 23 जुलाई को सावन शिवरात्रि के साथ शांतिपूर्वक सम्पन्न हो गया। इस बार कांवड़ यात्रा में रिकॉर्ड तोड़ श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचे, लेकिन मेले के समापन के बाद शहर के घाटों और प्रमुख सड़कों पर गंदगी का अंबार लग गया है।
प्रशासन के अनुसार, इस वर्ष लगभग साढ़े चार करोड़ शिवभक्त कांवड़ यात्रा में हरिद्वार पहुंचे, जिससे शहर में करीब 7000 मीट्रिक टन कचरा एकत्र हो गया। गंगा घाटों से लेकर हाईवे तक पॉलिथीन, कपड़े, जूते-चप्पल और प्लास्टिक बोतलों का ढेर दिखाई दे रहा है।
ड्रोन से हो रही कचरे की निगरानी
नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि कचरे की निगरानी और प्रबंधन के लिए ड्रोन तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। ऊंचाई से कचरे के प्रमुख स्थानों की पहचान आसानी से हो पा रही है, जिससे सफाई प्रक्रिया को व्यवस्थित किया जा रहा है।
एक हजार से अधिक कर्मचारी सफाई कार्य में जुटे
नगर निगम ने मेले के दौरान और बाद में सफाई सुनिश्चित करने के लिए 1000 से अधिक सफाई कर्मचारियों को तैनात किया है। अधिकारियों का कहना है कि 24 जुलाई की शाम तक अधिकांश क्षेत्रों में सफाई का कार्य पूरा कर लिया गया है, हालांकि कुछ स्थानों पर अभी कार्य जारी है।
26 जुलाई से शुरू होगा विशेष स्वच्छता अभियान
गंदगी की इस समस्या से निपटने के लिए नगर निगम ने 26 जुलाई से विशेष स्वच्छता अभियान चलाने का निर्णय लिया है। इस अभियान में हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण, सामाजिक संस्थाएं और स्थानीय नागरिकों को भी जोड़ा जाएगा।
पॉलिथीन बेचने वालों पर होगी सख्ती
मेले के दौरान घाटों पर छोड़ी गई पॉलिथीन और अन्य कचरे को देखते हुए नगर निगम अब पॉलिथीन विक्रेताओं और ठेकेदारों पर सख्त कार्रवाई करने की तैयारी कर रहा है। साथ ही, श्रद्धालुओं को जागरूक करने के लिए भी अभियान चलाया जाएगा।
नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि आने वाले समय में ऐसे बड़े आयोजनों के लिए पूर्व नियोजित सफाई योजनाएं बनाई जाएंगी, जिससे हरिद्वार की पवित्रता और स्वच्छता बनी रहे।
