नई दिल्ली।: मेट्रो किराया बढ़ने के बाद सोमवार सुबह सोशल मीडिया पर यात्रियों का गुस्सा जमकर फूटा। एक यात्री ने तंज कसा“मेट्रो का किराया देखकर लगा जैसे टिकट नहीं, लोन की ईएमआई भरनी है।” देखते ही देखते यह पोस्ट वायरल हो गई और हजारों लोगों ने इसे साझा कर अपनी नाराजगी जताई।
महंगाई से पहले से परेशान कामकाजी लोगों और कॉलेज छात्रों ने कहा कि अब मेट्रो में सफर करना आसान नहीं रह गया। एक्स (पूर्व ट्विटर) पर दिनभर इस मुद्दे पर मीम्स और तंज़ छाए रहे। किसी ने लिखा—“मेट्रो कार्ड अब ब्लैक कार्ड जैसा हो गया है, जिसे जेब में रखने भर से रुतबा दिखे।” वहीं एक अन्य ने चुटकी ली—“किराया देखकर लगा अब मेट्रो से सफर करने पर पासपोर्ट भी लगवाना पड़ेगा।”
कांग्रेस का भाजपा सरकार पर हमला
किराया वृद्धि को कांग्रेस ने जनता की जेब पर डाका बताया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने इसे गरीब और मध्यम वर्गीय यात्रियों पर सीधा बोझ बताते हुए फैसले को तुरंत वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि भाजपा की “ट्रिपल इंजन सरकार” हमेशा जनता विरोधी निर्णय लेती है। दिल्ली मेट्रो ने 25 अगस्त से किराये में 1 से 4 रुपये तक बढ़ोतरी लागू की है।
अचानक बढ़ोतरी से यात्रियों में आक्रोश
कई यूजर ने मेट्रो प्रबंधन पर आरोप लगाया कि किराया वृद्धि गुपचुप तरीके से लागू की गई। “माह के आखिरी सोमवार की सुबह इसकी जानकारी दी गई और उसी दिन किराया बढ़ा भी दिया गया। कम से कम एक हफ्ते पहले सूचना तो देनी चाहिए थी।”
“डिब्बे वही चार, किराया बढ़ा बार-बार”
एक यूजर ने लिखा—“किराया तो बढ़ा दिया, कमाई भी खूब हो रही है लेकिन मेट्रो में यात्री रोजाना जानवरों की तरह सफर करने को मजबूर हैं। करोड़ों यात्री हैं, लेकिन डिब्बे अब भी सिर्फ चार।”
एक छात्र ने चुटकी ली—“क्लास की फीस अलग, मेट्रो का किराया अलग… अब तो बंक मारना ही सबसे सस्ता ऑप्शन है।”
आप ने भाजपा पर साधा निशाना
आम आदमी पार्टी ने भी मेट्रो किराया वृद्धि को लेकर भाजपा सरकार पर हमला बोला। आप के प्रदेश संयोजक सौरभ भारद्वाज ने कहा कि भाजपा ने चुनाव से पहले छात्रों को मुफ्त मेट्रो पास देने का वादा किया था, लेकिन सत्ता में आते ही न सिर्फ यह वादा भुला दिया गया बल्कि 10 फीसदी किराया और बढ़ा दिया गया। उन्होंने कहा कि भाजपा का यह कदम लाखों छात्रों और आम यात्रियों पर आर्थिक बोझ डालने वाला है।
