अगर आप सच में स्वस्थ शरीर और एक्टिव लाइफस्टाइल चाहते हैं, तो सिर्फ प्रोटीन या विटामिन पर ध्यान देना काफी नहीं है। हमारे शरीर में कुछ ऐसे सूक्ष्म पोषक तत्व (Micronutrients) भी होते हैं, जिनकी कमी से बड़ी बीमारियां जन्म ले सकती हैं। ऐसा ही एक जरूरी खनिज है – मैग्नीशियम।
यह पोषक तत्व भले ही कम सुना जाता हो, लेकिन इसकी भूमिका शरीर के सैकड़ों बायोकेमिकल प्रोसेसेज़ में होती है। इसका संतुलन बिगड़ते ही मांसपेशियों से लेकर मानसिक स्वास्थ्य तक, कई तरह की दिक्कतें सामने आ सकती हैं।
मैग्नीशियम की कमी: नज़रअंदाज़ करना पड़ सकता है भारी
डॉ. पी.बी. मिश्रा के मुताबिक, मैग्नीशियम शरीर के लिए उतना ही जरूरी है जितना कैल्शियम या आयरन। इसकी कमी से आपको ये समस्याएं हो सकती हैं:
मांसपेशियों में ऐंठन और जकड़न
अनियमित दिल की धड़कन
लगातार थकान और कमजोरी
नींद न आना (अनिद्रा)
तनाव, अवसाद और बेचैनी
हाई ब्लड प्रेशर
गंभीर मामलों में दौरे पड़ना
क्यों है मैग्नीशियम इतना जरूरी?
यह छोटा सा तत्व शरीर में कई जरूरी काम करता है, जैसे:
हड्डियों को मजबूत बनाना
हृदय गति को नियंत्रित करना
मांसपेशियों को सुचारू रूप से काम करने देना
ब्लड शुगर लेवल को बैलेंस करना
दिमाग को शांत और स्थिर बनाए रखना
ऊर्जा का उत्पादन (Energy Production)
कहां से मिलता है मैग्नीशियम? – शामिल करें ये फूड्स
अगर आप रोज़ के आहार में नीचे दिए गए खाद्य पदार्थ शामिल करें, तो मैग्नीशियम की कमी से बचा जा सकता है:
हरी पत्तेदार सब्जियां (पालक, सरसों)
बादाम, चिया सीड्स, कद्दू के बीज
एवोकाडो और केला
ब्राउन राइस, साबुत अनाज
दालें और बीन्स
ध्यान दें: अगर लक्षण गंभीर हैं, तो केवल डाइट से नहीं, डॉक्टर की सलाह पर सप्लिमेंट्स लेना जरूरी हो सकता है।
मैग्नीशियम की कमी और हड्डियों का स्वास्थ्य
आपके शरीर का लगभग 60% मैग्नीशियम हड्डियों में जमा होता है। यह कैल्शियम और विटामिन D के साथ मिलकर हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करता है। पर्याप्त मात्रा में इसका सेवन ऑस्टियोपोरोसिस जैसी बीमारी को रोक सकता है।
तनाव और नींद से है सीधा रिश्ता
मैग्नीशियम को अक्सर प्राकृतिक रिलैक्सर (Natural Relaxer) कहा जाता है, क्योंकि यह दिमाग में ऐसे न्यूरोट्रांसमीटर को एक्टिव करता है जो नींद और मानसिक शांति लाते हैं। यही कारण है कि इसकी कमी से:
अनिद्रा
बेचैनी
तनाव
डिप्रेशन
जैसी मानसिक समस्याएं जन्म लेने लगती हैं।
मैग्नीशियम और एनर्जी लेवल
कई लोग शिकायत करते हैं कि “नींद पूरी लेने के बावजूद थकान महसूस होती है” — इसके पीछे वजह हो सकती है मैग्नीशियम की कमी। यह पोषक तत्व शरीर को एनर्जी देने वाली प्रक्रियाओं में केंद्रीय भूमिका निभाता है।
