नई दिल्ली | दिल्ली की सफाई व्यवस्था और नागरिक सेवाओं में लगातार हो रही लापरवाही पर अब सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने एमसीडी (दिल्ली नगर निगम) की कार्यप्रणाली को लेकर गहरी नाराजगी जाहिर की है।
दोनों नेताओं ने अलग-अलग बैठकों में एमसीडी के वरिष्ठ अधिकारियों और नेताओं को कड़ी फटकार लगाई और साफ किया कि अब काम न करने का बहाना नहीं चलेगा।
बैठक दर बैठक टल रही हैं, फैसले नहीं हो रहे — क्या सिर्फ नाम की संस्था बन गई है MCD?
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सवाल खड़ा किया कि स्थायी समिति की बैठकें लगातार टल रही हैं, और जो प्रस्ताव आ रहे हैं, वे इतने सामान्य हैं कि उन पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जा सकता।
उन्होंने तीखा सवाल किया:
“क्या एमसीडी अब केवल नाम मात्र की संस्था रह गई है? क्या इसके पास अब कोई ठोस एजेंडा या शहर के विकास को लेकर गंभीरता नहीं बची?”
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को चेताया कि यदि एमसीडी ने अपना रवैया नहीं बदला, तो दिल्ली सरकार से किसी भी सहयोग की उम्मीद नहीं की जाए।
सफाई व्यवस्था में लापरवाही — फंड होने के बावजूद काम नहीं!
शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने सफाई व्यवस्था की समीक्षा बैठक में खुलासा किया कि सरकार द्वारा जारी विशेष फंड का अब तक सही इस्तेमाल नहीं हुआ है।
“जब आपके पास बजट और संसाधन दोनों हैं, तो फिर ज़मीन पर सफाई व्यवस्था में सुधार क्यों नहीं दिख रहा?” — मंत्री आशीष सूद
बैठक में यह सामने आया कि एमसीडी को सफाई सुधार के लिए जो फंड जारी हुआ था, उसका एक बड़ा हिस्सा अब तक खर्च ही नहीं किया गया है। ऐसे में सरकार का मानना है कि ये सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि जनता के हितों की अनदेखी है।
DBC कर्मचारियों की समस्याएं बनीं चिंता का विषय
मुख्यमंत्री ने डीबीसी (डोर टू डोर कलेक्शन) कर्मचारियों से जुड़ी समस्याओं के हल न होने पर भी नाराज़गी जताई। उन्होंने कहा कि जो कर्मचारी दिन-रात दिल्ली को साफ रखने में लगे हैं, उनकी समस्याओं की अनदेखी किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
