हरियाणा। दीपावली के बाद राज्य की हवा एक बार फिर जहरीली हो गई है। प्रदेश के अधिकतर शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) गंभीर स्तर तक पहुंच गया है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, बहादुरगढ़ में एक्यूआई 358, भिवानी में 307, चरखी दादरी में 303, गुरुग्राम में 344, रोहतक में 343, जींद में 350 और नारनौल में 367 दर्ज किया गया है। दिल्ली में भी स्थिति चिंताजनक रही, जहां एक्यूआई 352 दर्ज किया गया, जबकि हरियाणा सीमा से लगे धारूहेड़ा (377) और मानेसर (316) में सांस लेना और मुश्किल हो गया है।
ग्रीन पटाखों का असर भी पड़ा फीका
पीजीआई के सामुदायिक चिकित्सा विभाग के प्रोफेसर रविंद्र खैवाल ने बताया कि सरकार द्वारा केवल ‘ग्रीन पटाखों’ की अनुमति देने का निर्णय प्रभावी साबित नहीं हुआ। सीमित समय में भी बड़े पैमाने पर आतिशबाजी हुई, जिससे रातभर धुआं और धूल का गुबार छाया रहा। इसके अलावा पराली जलाने की घटनाएं, निर्माण कार्यों से उठती धूल और वाहनों के धुएं ने प्रदूषण का स्तर और बढ़ा दिया है।
देशभर की हवा खतरनाक श्रेणी में पहुंची
देशभर में भी हालात बेहतर नहीं हैं। गाजियाबाद (326), नोएडा (326), हापुड़ (313) और नंदेसरी (303) जैसे औद्योगिक शहरों की हवा भी खतरनाक श्रेणी में पहुंच गई है। दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा फिलहाल देश के सबसे प्रदूषित क्षेत्रों में शामिल हो गए हैं।
हरियाणा का एक्यूआई 330 से अधिक
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, हरियाणा में औसत एक्यूआई 330 से अधिक दर्ज हुआ है, जिससे यह दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के साथ देश के सबसे प्रदूषित बेल्ट का हिस्सा बन गया है।
हवा की गति नहीं बढ़ी तो स्थिति होगी और ख़राब
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर अगले कुछ दिनों में हवा की गति नहीं बढ़ी, तो स्थिति और बिगड़ सकती है। राज्य सरकार ने पराली जलाने पर सख्त निगरानी और औद्योगिक क्षेत्रों में जांच बढ़ाने के निर्देश जारी किए हैं, हालांकि फिलहाल राहत के आसार नजर नहीं आ रहे हैं।
