Breaking News
क्या पुर्तगाल के अगले मैचों में दिखेंगे क्रिस्टियानो रोनाल्डो? चोट ने बढ़ाई फैंस की चिंता
क्या पुर्तगाल के अगले मैचों में दिखेंगे क्रिस्टियानो रोनाल्डो? चोट ने बढ़ाई फैंस की चिंता
एलपीजी सिलिंडर के दाम में बढ़ोतरी, हिमाचल में घरेलू गैस 1000 रुपये के करीब
एलपीजी सिलिंडर के दाम में बढ़ोतरी, हिमाचल में घरेलू गैस 1000 रुपये के करीब
फरीदाबाद में कार के अंदर दो सगे भाइयों के शव मिलने से सनसनी
फरीदाबाद में कार के अंदर दो सगे भाइयों के शव मिलने से सनसनी
केंद्र सरकार विकास और सुशासन के लिए काम कर रही- अमित शाह
केंद्र सरकार विकास और सुशासन के लिए काम कर रही- अमित शाह
अहमदाबाद टी20 फाइनल के लिए रेलवे की स्पेशल ट्रेन, नई दिल्ली से आज रात होगी रवाना
अहमदाबाद टी20 फाइनल के लिए रेलवे की स्पेशल ट्रेन, नई दिल्ली से आज रात होगी रवाना
शानदार टीमवर्क से जीता दिल, विक्रम-अजिंक्य ने अपने नाम की मास्टरशेफ इंडिया की ट्रॉफी
शानदार टीमवर्क से जीता दिल, विक्रम-अजिंक्य ने अपने नाम की मास्टरशेफ इंडिया की ट्रॉफी
जन औषधि केंद्र आज करोड़ों जरूरतमंद लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं- मुख्यमंत्री धामी
जन औषधि केंद्र आज करोड़ों जरूरतमंद लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं- मुख्यमंत्री धामी
छत्रपति हत्याकांड में डेरा प्रमुख को हाईकोर्ट से राहत, तीन दोषियों की उम्रकैद बरकरार
छत्रपति हत्याकांड में डेरा प्रमुख को हाईकोर्ट से राहत, तीन दोषियों की उम्रकैद बरकरार
कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने नेपाल चुनाव में बालेंद्र शाह की प्रचंड जीत पर दी बधाई
कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने नेपाल चुनाव में बालेंद्र शाह की प्रचंड जीत पर दी बधाई

दिल्ली हाईकोर्ट के दो अलग-अलग फैसलों में दुष्कर्म मामलों पर महत्वपूर्ण टिप्पणियाँ

दिल्ली हाईकोर्ट के दो अलग-अलग फैसलों में दुष्कर्म मामलों पर महत्वपूर्ण टिप्पणियाँ

नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने दुष्कर्म से जुड़े दो मामलों में अलग-अलग निर्णय देते हुए स्पष्ट किया कि सहमति से बने संबंधों को बाद में अपराध नहीं ठहराया जा सकता, जबकि नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में अदालत ने अग्रिम जमानत से इंकार कर दिया।

पहले मामले में, न्यायमूर्ति मनोज कुमार ओहरी की पीठ ने आरोपी कुंदन सिंह नेगी को निचली अदालत द्वारा सुनाई गई सजा को रद्द करते हुए कहा कि पीड़िता और आरोपी के बीच संबंध सहमति पर आधारित थे। अदालत ने पाया कि महिला घटना के बाद भी आरोपी से मिलती रही, उसके साथ रही और जेल में भी मुलाकात की। इसके आधार पर अदालत ने माना कि यह “सहमति टूटने के बाद अपराध का रंग देने” जैसा मामला है।

पीड़िता ने नवंबर 2016 में शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपी ने उसका वीडियो बनाकर धमकाया और दुष्कर्म किया। हालांकि, जांच और सुनवाई के दौरान यह सामने आया कि दोनों के बीच पहले से जान-पहचान थी, और कई मुलाकातें सहमति से हुईं। निचली अदालत ने 2017 में सात साल की सजा सुनाई थी, जिसे अब हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया।

दूसरे मामले में, न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा की पीठ ने पॉक्सो अधिनियम के तहत दुष्कर्म के आरोपी को अग्रिम जमानत देने से इंकार करते हुए कहा कि “दोस्ती किसी को अपराध का अधिकार नहीं देती।” अदालत ने कहा कि नाबालिग के साथ बार-बार यौन उत्पीड़न और मारपीट को “सहमति से संबंध” नहीं कहा जा सकता।

यह मामला संगम विहार थाने में दर्ज हुआ था, जिसमें पीड़िता ने आरोप लगाया कि आरोपी ने सोशल मीडिया के माध्यम से दोस्ती की और मिलने के बहाने अपने दोस्त के घर ले जाकर कई बार यौन शोषण किया।

Back To Top