दिल्ली – दिल्ली में पुलिस ने अक्टूबर महीने के दौरान अपराधियों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया है। इस दौरान राजधानी के विभिन्न इलाकों में 12 से अधिक मुठभेड़ें हुईं, जिनमें 15 से ज्यादा अपराधियों को गिरफ्तार किया गया और सात कुख्यात बदमाशों का सफाया किया गया। इनमें से कई आरोपी बिहार, हरियाणा और राजस्थान के गिरोहों से जुड़े थे। पुलिस ने बताया कि कई घटनाओं में बुलेटप्रूफ जैकेट ने जवानों की जान बचाई।
संगठित अपराध पर सख्ती
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, हालिया अभियान राजधानी और आसपास के राज्यों में सक्रिय संगठित अपराध नेटवर्क को खत्म करने की दिशा में एक ठोस कदम है। पुलिस ने बताया कि 2 अक्टूबर को सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर की हत्या की सुपारी लेने आए रोहित गोदारा उर्फ गोल्डी बराड़ गिरोह के दो सदस्यों को जैतपुर-कालिंदी कुंज रोड पर मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया। आरोपियों की पहचान हरियाणा के राहुल और साहिल के रूप में हुई। दोनों विदेश में बैठे गैंगस्टर गोदारा के निर्देश पर काम कर रहे थे।
राहुल, जो यमुनानगर में तीन हत्याओं के मामले में वांछित था, मुठभेड़ में घायल हो गया। अगले दिन यानी 3 अक्टूबर को इसी गिरोह से जुड़े दो और अपराधी — आकाश राजपूत और महिपाल — कापसहेड़ा इलाके में मुठभेड़ के बाद पकड़े गए। दोनों पर तीन राज्यों में रंगदारी और अपहरण के कई मामले दर्ज थे। बीस हजार के इनामी आकाश राजपूत को पुलिस ने पैर में गोली लगने के बाद दबोचा।
सोशल मीडिया पर हत्या का वीडियो अपलोड करने वाला गिरफ्तार
एक अन्य मामले में आरोपी हमजा ने अपने दोस्त आदिल की हत्या कर उसका वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था। जब पुलिस उसे पकड़ने पहुंची, तो उसने गोली चलाई। जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी और वह गिरफ्तार कर लिया गया।
नरेला और द्वारका में भी मुठभेड़ें
10 अक्टूबर को नरेला औद्योगिक क्षेत्र में एक और मुठभेड़ के दौरान अफताब आलम उर्फ अट्टी घायल हुआ। उसने पुलिस पर दो बार फायर किया, लेकिन जवाबी कार्रवाई में घायल होने के बाद पकड़ा गया।
वहीं 22 अक्टूबर को द्वारका में मुठभेड़ के बाद रितिक उर्फ डांसर नाम का अपराधी गिरफ्तार किया गया, जो उत्तम नगर हत्याकांड में वांछित था।
न्यू उस्मानपुर में आधी रात हुई मुठभेड़
उत्तर-पूर्वी दिल्ली के न्यू उस्मानपुर इलाके में मंगलवार की आधी रात एक और एनकाउंटर हुआ। पुलिस ने बिना नंबर प्लेट की बाइक पर सवार एक युवक को रुकने का इशारा किया। युवक ने रुकने के बजाय पुलिस पर गोलियां चला दीं। जवाबी कार्रवाई में बदमाश इमरान उर्फ काला (21) के पैर में गोली लगी और उसे काबू कर लिया गया।
उसके पास से एक पिस्टल, दो कारतूस और चोरी की बाइक बरामद की गई। जांच में पता चला कि इमरान के खिलाफ वेलकम थाने में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
डीसीपी ने दी जानकारी
उत्तर-पूर्वी जिले के पुलिस उपायुक्त आशीष मिश्रा ने बताया कि स्पेशल स्टाफ की टीम इलाके में गश्त पर थी, जब आरोपी ने गोली चलाई। एक गोली सिपाही परमजीत की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी, जिससे उसकी जान बच गई। पुलिस ने तुरंत जवाबी कार्रवाई की और आरोपी को घायल अवस्था में जग प्रवेश चंद्र अस्पताल में भर्ती कराया।
