देहरादून: देहरादून में चल रहे बस्ती बचाओ आंदोलन की ओर से नगर निगम मेयर को एक ज्ञापन सौंपा गया आंदोलनकारियों ने एलिवेटेड रोड परियोजना के सर्वे में धांधली का आरोप लगाते हुए इसे तत्काल रोकने और सभी मलिन और कच्ची बस्तियों को मालिकाना हक देने की मांग की है।
“सभी बस्तीवासियों को मालिकाना हक दो” ~ आंदोलनकारियों की मांग
बस्ती बचाओ आंदोलन के संयोजक अनंत आकाश के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने पांच सूत्रीय मांग पत्र मेयर को सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि शहर की मलिन एवं कच्ची बस्तियों में रहने वाले परिवारों को वर्षों से स्थायी मालिकाना हक नहीं मिला है। साथ ही एलिवेटेड रोड परियोजना के नाम पर बेदखली और सर्वे में गड़बड़ियों से लोगों में गहरा आक्रोश है।
सर्वे प्रक्रिया पर लगाए गए गंभीर आरोप
आंदोलनकारियों ने कहा कि प्रशासन द्वारा किए जा रहे सर्वे में भारी त्रुटियां और भेदभाव देखने को मिल रहा है। कई मकानों का माप अधूरा या गलत लिया गया है, वहीं आंगन, बरामदे और डबल स्टोरी हिस्सों को सर्वे से बाहर रखा जा रहा है। यह भी आरोप लगाया गया कि जो मकान आपदा में क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, उन्हें सर्वे सूची से हटा दिया गया है। इसके बावजूद प्रशासन ने प्रभावितों की अधूरी सूची जारी कर दी है, जिससे लोगों के मन में शंकाएं पैदा हो रही हैं।
हाईकोर्ट में मामला लंबित, फिर भी दबाव बना रहा प्रशासन
आंदोलनकारियों ने कहा कि एलिवेटेड रोड का मामला नैनीताल हाईकोर्ट में विचाराधीन है, फिर भी प्रशासन लगातार लोगों पर परियोजना स्वीकार करने का दबाव बना रहा है। ज्ञापन में कहा गया कि जनसुनवाई में अधिकांश प्रभावितों ने इस परियोजना का विरोध किया था, बावजूद इसके प्रशासन जनविरोधी रवैया अपना रहा है।
प्रभावशाली कब्जे बने अछूते, आपदा पीड़ित उपेक्षित
बस्ती बचाओ आंदोलन ने यह भी आरोप लगाया कि प्रभावशाली लोगों और सरकारी कब्जों की शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही, जबकि आपदा पीड़ितों के सर्वे तक पूरे नहीं हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह रवैया साफ तौर पर भेदभावपूर्ण है।
ज्ञापन में रखी गई प्रमुख 5 मांगे
सभी बस्तीवासियों को मालिकाना हक दिया जाए।
जनविरोधी एलिवेटेड रोड परियोजना को रद्द किया जाए।
सर्वे प्रक्रिया में हो रहे भेदभाव पर रोक लगाई जाए।
बाढ़ और आपदा से प्रभावित पीड़ितों को उचित मुआवजा और आवास दिया जाए।
स्मार्ट मीटर प्रणाली को वापस लिया जाए और बिजली की मनमानी वसूली पर रोक लगाई जाए।
आंदोलनकारियों ने कहा कि अगर प्रशासन ने जल्द ही उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं की, तो आंदोलन को राज्यव्यापी स्तर पर तेज़ किया जाएगा। प्रतिनिधिमंडल में अनंत आकाश, भगवंत पयाल, रविंद्र नौडियाल, अभिषेक भंडारी, विप्लव अनंत और हरीश कुमार सहित कई लोग मौजूद रहे। मेयर के निजी सचिव ने ज्ञापन प्राप्त कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
