देहरादून। परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती जी महाराज ने आज देहरादून में प्रेस से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने देश की वर्तमान परिस्थिति, सुरक्षा, कूटनीति और राष्ट्रीय एकता को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें कहीं। उनके संबोधन के दौरान देश और विदेश से जुड़े अनेक मुद्दे भी उठे।
स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि देश के अंदर और बाहर “डेमोग्राफी बदलने की कोशिश करने वालों” को लेकर अब स्थिति स्पष्ट हो चुकी है। उन्होंने कहा कि देश को किसी प्रकार का भय रखने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि “आज देश मजबूर नहीं, बल्कि मजबूत नेतृत्व वाली सरकार के साथ खड़ा है।”
उन्होंने अपने विदेश दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि दुनिया में भारत की साख पहले की तुलना में काफी बढ़ी है और यह कूटनीति तथा सशक्त नीतियों का परिणाम है।
राजधानी की घटना पर चिंता
बातचीत के दौरान उन्होंने हाल ही में दिल्ली में हुई घटना पर भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राजधानी में इस तरह की घटनाएँ “गंभीर संकेत” देती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थितियों में कानून और संविधान के दायरे में रहते हुए कड़ाई से कार्रवाई करना आवश्यक है।
राष्ट्रीय एकता का दिया संदेश
स्वामी ने अपने संबोधन के अंत में देश के नागरिकों से एकजुट होने की अपील करते हुए कहा कि, “यह समय महाभारत रचने का नहीं, महान भारत बनाने का है। भारत को विश्वगुरु बनाने के लिए अब एक होकर आगे बढ़ने का समय है।”
